IND A vs SL A: विपराज निगम की एक गलती पड़ी भारी, इंडिया 'ए' पर लगी 10 रनों की पेनल्टी, बिना गेंद खेले श्रीलंका को मिला तोहफा
दांबुला में खेले जा रहे ट्राई नेशन 'ए' सीरीज के रोमांचक मुकाबले में इंडिया 'ए' ने श्रीलंका 'ए' के खिलाफ शानदार वापसी करते हुए 265 रन बनाए। हालांकि, भारतीय पारी के दौरान एक बड़ी चूक देखने को मिली। टीम के ऑलराउंडर विपराज निगम पिच के 'डेंजर एरिया' में दौड़ने की गलती कर बैठे, वह भी एक नहीं बल्कि दो बार। इस लापरवाही के चलते अंपायरों ने इंडिया 'ए' पर 10 रनों की पेनल्टी लगा दी, जिससे श्रीलंका 'ए' को बल्लेबाजी शुरू करने से पहले ही बिना कोई गेंद खेले 10 रन मुफ्त में मिल गए।
इस खबर की मुख्य बातें
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श्रीलंका 'ए' के खिलाफ संघर्ष के बाद इंडिया 'ए' ने बोर्ड पर लगाए 265 रन।
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विपराज निगम ने दो बार की 'डेंजर एरिया' में दौड़ने की गलती, भारत को हुआ भारी नुकसान।
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पेनल्टी के रूप में श्रीलंकाई टीम को अपनी पारी की शुरुआत से पहले ही मिल गए 10 रन।
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143 पर 7 विकेट गिरने के बाद विपराज (51) और सूर्यांश शेडगे (72) ने की शानदार शतकीय साझेदारी।
डेंजर एरिया में दौड़ने पर लगा जुर्माना
क्रिकेट के नियमों के अनुसार, अगर कोई बल्लेबाज पिच के डेंजर एरिया (खतरनाक क्षेत्र) पर दौड़कर उसे नुकसान पहुंचाता है, तो विपक्षी टीम के खाते में 5 रन जोड़ दिए जाते हैं। दांबुला में खेले गए इस मैच में विपराज निगम ने 35वें ओवर की तीसरी गेंद और फिर 37वें ओवर की चौथी गेंद पर यह नियम तोड़ा। चूंकि उन्होंने यह गलती दो बार की, इसलिए भारतीय टीम पर कुल 10 रनों की पेनल्टी थोप दी गई। नतीजतन, श्रीलंकाई टीम ने अपनी पारी का आगाज शून्य के बजाय 10 रनों के स्कोर से किया।
अनुकूल रॉय के कारण नहीं मिली कोई चेतावनी
नियमों के तहत, अंपायर पहली बार गलती करने पर बल्लेबाजी करने वाली टीम को केवल चेतावनी (Warning) देते हैं। लेकिन इस मैच में विपराज से पहले बल्लेबाजी करने आए अनुकूल रॉय भी पिच पर दौड़ने की गलती कर चुके थे और अंपायर ने उन्हें इसके लिए चेतावनी दे दी थी। ऐसे में भारतीय टीम का 'वॉर्निंग कोटा' पहले ही खत्म हो चुका था। यही कारण रहा कि विपराज की पहली गलती पर अंपायर ने सीधे 5 रन की पेनल्टी लगाई और दूसरी गलती पर इसे बढ़ाकर 10 रन कर दिया।
लड़खड़ाती पारी को मिला शेडगे और निगम का सहारा
इस मैच में भारत की शुरुआत बेहद खराब रही थी। इंडिया 'ए' ने महज 143 रनों के स्कोर पर अपने 7 अहम विकेट गंवा दिए थे और टीम गहरे संकट में थी। लेकिन इसके बाद सूर्यांश शेडगे और विपराज निगम ने मोर्चा संभाल लिया। दोनों बल्लेबाजों ने दबाव में बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए 8वें विकेट के लिए 90 गेंदों में 104 रनों की शानदार साझेदारी की। विपराज 49 गेंदों में 6 चौकों की मदद से 51 रन बनाकर रन आउट हुए, जबकि शेडगे ने 66 गेंदों पर 72 रनों की अहम पारी खेली। इन दोनों के दम पर ही इंडिया 'ए' 265 रनों के सम्मानजनक स्कोर तक पहुंचने में सफल रही।
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