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'गुरु बहासा इंगग्रिस' वायरल वीडियो के नाम पर बड़ा स्कैम; फेक डाउनलोड लिंक्स से नेटिजन्स को बनाया जा रहा निशाना, रहें सावधान

'गुरु बहासा इंगग्रिस' (English Teacher) वायरल वीडियो के नाम पर चल रहे फिशिंग स्कैम से सावधान रहें। फेक डाउनलोड लिंक के जरिए साइबर अपराधी आपका बैंकिंग और निजी डेटा चुरा रहे हैं। जानें कैसे बचें।
द्वारा Bhupendra Singh Sonwal 📅 11 May 2026 👁️ 73 व्यूज़ ⏱️ 1 मिनट रीड
'गुरु बहासा इंगग्रिस' वायरल वीडियो के नाम पर बड़ा स्कैम; फेक डाउनलोड लिंक्स से नेटिजन्स को बनाया जा रहा निशाना, रहें सावधान

नई दिल्ली/जकार्ता: इंटरनेट पर इन दिनों 'गुरु बहासा इंगग्रिस' (Guru Bahasa Inggris) यानी 'इंग्लिश टीचर' शब्द तेजी से ट्रेंड कर रहा है। लेकिन इस ट्रेंड की आड़ में साइबर अपराधी एक खतरनाक खेल खेल रहे हैं। रिपोर्ट्स के अनुसार, एक कथित शिक्षक-छात्र के 'MMS' वीडियो का झांसा देकर सोशल मीडिया पर हजारों फर्जी डाउनलोड लिंक्स फैलाए जा रहे हैं, जो वास्तव में फिशिंग (Phishing) और मैलवेयर (Malware) के जाल हैं।

कैसे काम कर रहा है यह स्कैम?

पिछले कुछ दिनों से X (ट्विटर), टिकटॉक और टेलीग्राम पर 'इंग्लिश टीचर' वीडियो के लीक होने के दावे किए जा रहे हैं। स्कैमर्स इसी उत्सुकता का फायदा उठा रहे हैं। जब यूजर्स इन वीडियो को देखने के लिए दिए गए लिंक्स पर क्लिक करते हैं, तो उन्हें असली वीडियो के बजाय संदिग्ध वेबसाइटों पर भेज दिया जाता है।

वहां यूजर्स से "वीडियो प्लेयर अपडेट" करने या "प्राइवेट व्यूअर ऐप" डाउनलोड करने को कहा जाता है। असल में ये फाइलें ट्रोजन (Trojans) होती हैं, जो आपके फोन या कंप्यूटर से बैंकिंग पासवर्ड, सोशल मीडिया लॉगिन और निजी डेटा चुराने के लिए डिजाइन की गई हैं।

साइबर सुरक्षा विशेषज्ञों की चेतावनी

सुरक्षा शोधकर्ताओं ने इस अभियान में इस्तेमाल होने वाले कुछ प्रमुख तरीकों की पहचान की है:

  • फिशिंग पेज: ये साइटें फेसबुक या गूगल के लॉगिन पेज जैसी दिखती हैं ताकि आपका पासवर्ड चुरा सकें।

  • एडवेयर: ऐसे लिंक जो अंतहीन पॉप-अप विज्ञापन दिखाते हैं, जिससे स्कैमर्स पैसा कमाते हैं।

  • मैलवेयर इंजेक्शन: MP4 या ZIP फाइलों के नाम पर मोबाइल में बैकग्राउंड ट्रैकर इंस्टॉल कर दिए जाते हैं।

खुद को कैसे सुरक्षित रखें?

डिजिटल साक्षरता ही इन खतरों से बचने का सबसे अच्छा तरीका है। विशेषज्ञों ने निम्नलिखित सुझाव दिए हैं:

  1. अनाम लिंक्स से बचें: कमेंट सेक्शन में अजनबियों द्वारा शेयर किए गए छोटे लिंक्स (जैसे bit.ly या tinyurl) पर कभी क्लिक न करें।

  2. सॉफ्टवेयर डाउनलोड न करें: किसी भी वीडियो को देखने के लिए अलग से ऐप या कोडेक डाउनलोड करने की जरूरत नहीं होती, अगर कोई साइट ऐसा करने को कहे तो तुरंत पीछे हट जाएं।

  3. कानूनी परिणाम: ध्यान रखें कि आपत्तिजनक सामग्री को खोजना या साझा करना आईटी कानूनों (जैसे इंडोनेशिया में UU ITE) के तहत कानूनी कार्रवाई का कारण बन सकता है।

निष्कर्ष: 'गुरु बहासा इंगग्रिस' वायरल वीडियो का दावा करने वाले ज्यादातर लिंक फर्जी हैं और केवल आपकी प्राइवेसी को नुकसान पहुंचाने के लिए बनाए गए हैं। सुरक्षित रहें और केवल विश्वसनीय स्रोतों से ही जानकारी प्राप्त करें।


अस्वीकरण (Disclaimer): यह लेख इंटरनेट पर चल रहे स्कैम और साइबर सुरक्षा रिपोर्टों पर आधारित है। इसका उद्देश्य केवल पाठकों को डिजिटल खतरों के प्रति सचेत करना है। हम किसी भी आपत्तिजनक सामग्री या अवैध गतिविधियों का समर्थन नहीं करते हैं।


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संपादक (Editor)

Bhupendra Singh Sonwal

भूपेन्द्र सिंह सोनवाल एक प्रखर डिजिटल पत्रकार और भारतीय समाचार मीडिया कंपनी 'मिशन की आवाज' के संस्थापक हैं। वे मुख्य रूप से राजस्थान और देश के अन्य हिस्सों से सामाजिक न्याय, मानवाधिकार, और नीतिगत मामलों पर तीखी और निष्पक्ष रिपोर्टिंग करते हैं। आंकड़ों की तह तक जाना और जमीनी सच को बेबाकी से पेश करना उनकी विशेषता है। तथ्य-आधारित और स्वतंत्र पत्रकारिता के जरिए वे समाज के हर वर्ग तक सही सूचना पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।

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