करौली में जल संरक्षण का जमीनी हकीकत का जायजा: मीडिया कर्मियों ने किया 'वन्दे गंगा' अभियान की संरचनाओं का निरीक्षण
करौली, राजस्थान:
प्रदेश भर में जल संकट के समाधान और भू-जल स्तर को बढ़ाने के उद्देश्य से संचालित 'वन्दे गंगा जल संरक्षण जन अभियान' की प्रगति को देखने के लिए बुधवार को एक विशेष मीडिया फील्ड भ्रमण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस दौरान मीडिया प्रतिनिधियों ने करौली जिले की ग्राम पंचायत भावली सहित विभिन्न क्षेत्रों में जल संरक्षण के लिए तैयार की गई संरचनाओं का बारीकी से निरीक्षण किया।
जल संरक्षण की दिशा में ठोस कदम
सूचना एवं जनसंपर्क विभाग के सहायक निदेशक धर्मेन्द कुमार मीणा ने जानकारी दी कि राज्य सरकार के 'वन्दे गंगा' अभियान के अंतर्गत पंचायती राज विभाग और अन्य संबंधित एजेंसियों द्वारा जिले में जलीय संरचनाओं को मजबूत करने का कार्य किया गया है। इन संरचनाओं का मुख्य उद्देश्य निम्नलिखित है:
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पेयजल समस्या का समाधान: स्थानीय स्तर पर जल की उपलब्धता सुनिश्चित करना।
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वाटर रिचार्ज: भू-जल स्तर में सुधार लाना।
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जल संरक्षण: वर्षा जल का संचयन कर उसे भविष्य के लिए सुरक्षित करना।
अधिकारियों और मीडिया की उपस्थिति
फील्ड भ्रमण के दौरान मीडिया कर्मियों ने तालाबों, चेक-डैम और अन्य जल संचयन संरचनाओं की स्थिति को प्रत्यक्ष रूप से देखा। इस अवसर पर वाटरशेड के अधीक्षण अभियंता घासीलाल मीना सहित अन्य विभागीय अधिकारी और जिले के मीडिया प्रतिनिधि उपस्थित रहे। अधिकारियों ने मीडिया को अभियान के तहत किए जा रहे तकनीकी कार्यों और उनसे होने वाले दीर्घकालिक लाभों के बारे में विस्तृत जानकारी दी।
यह फील्ड भ्रमण इस बात का प्रमाण है कि जल संरक्षण के प्रति सरकार और प्रशासन की प्रतिबद्धता धरातल पर किस प्रकार कार्य कर रही है। ऐसे प्रयासों से न केवल ग्रामीण क्षेत्रों में जल सुरक्षा बढ़ेगी, बल्कि कृषि और घरेलू उपयोग के लिए भी जल की उपलब्धता सुनिश्चित होगी।
डिस्क्लेमर (Disclaimer): यह समाचार रिपोर्ट सूचना एवं जनसम्पर्क कार्यालय, करौली द्वारा जारी आधिकारिक प्रेस विज्ञप्ति पर आधारित है। जल संरक्षण अभियानों की विस्तृत जानकारी और रिपोर्ट के लिए संबंधित विभाग के पोर्टल पर संपर्क किया जा सकता है।
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