सीमा सुरक्षा को नई मजबूती: गृह मंत्री अमित शाह ने सांचू पोस्ट पर चतुष्कोणीय सुरक्षा ग्रिड बनाने का दिया आह्वान
बीकानेर, राजस्थान:
केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह ने बीकानेर स्थित अंतरराष्ट्रीय सीमा पर स्थित ऐतिहासिक 'सांचू पोस्ट' का दौरा किया। मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा के साथ पहुंचे गृह मंत्री ने यहाँ सीमा प्रहरियों के साथ संवाद किया और सीमावर्ती सुरक्षा ढांचे को और अधिक सुदृढ़ बनाने के लिए नई रणनीतियों पर बल दिया।
प्रमुख उद्घोषणाएं और सुरक्षा रणनीति
गृह मंत्री ने सीमा सुरक्षा के परिदृश्य में आए बदलावों और भविष्य की योजनाओं पर प्रकाश डाला:
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चतुष्कोणीय सुरक्षा ग्रिड: उन्होंने बीएसएफ, सेना, जागरूक नागरिकों और प्रशासन के बीच एक मजबूत सुरक्षा ग्रिड बनाने का आह्वान किया ताकि सीमाओं को अभेद्य बनाया जा सके।
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आधुनिक तकनीक: अगले छह महीनों में सीमावर्ती क्षेत्रों में 'ड्रोन रोधी संयंत्र' (Anti-drone systems) लगाने की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी।
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कनेक्टिविटी: अंतरराष्ट्रीय सीमा पर 1,096 किमी लंबी 'लिटरल रोड' और 520 किमी लंबी 'एक्ससीएल रोड' का निर्माण किया जा रहा है, जो सुरक्षा बलों की आवाजाही को सुगम बनाएगी।
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सीमांत गांवों का विकास: उन्होंने 'वाइब्रेंट विलेज' कार्यक्रम के तहत सीमावर्ती क्षेत्रों के विकास और वहां के नागरिकों से निरंतर संवाद पर जोर दिया।
नारी शक्ति और सीमा प्रहरी
महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए गृह मंत्री ने सीमा चौकियों पर नवनिर्मित 14 महिला बैरकों का ई-लोकार्पण किया। उन्होंने कहा कि सीमा सुरक्षा में बेटियां बेटों से दो कदम आगे हैं। उन्होंने बताया कि राजस्थान की सीमा चौकियों पर 40 करोड़ रुपये की लागत से 79 बैरक स्वीकृत किए गए हैं, जिनमें से 67 का निर्माण पूरा हो चुका है।
पर्यावरण और बलिदान का सम्मान
सांचू पोस्ट के ऐतिहासिक महत्व को रेखांकित करते हुए उन्होंने 1965 के युद्ध में भारतीय जवानों की वीरता को नमन किया। पर्यावरण संरक्षण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दिखाते हुए, गृह मंत्री और मुख्यमंत्री ने 'खेजड़ी' का पौधा लगाया। उन्होंने बताया कि बीएसएफ जवानों ने 2019 से अब तक सीमाओं पर 7 करोड़ 35 लाख पौधे लगाकर जलवायु परिवर्तन की चुनौती का सामना करने में बड़ा योगदान दिया है।
सुरक्षा चुनौतियां और सतर्कता
अमित शाह ने स्पष्ट निर्देश दिए कि बीएसएफ को केवल पारंपरिक ड्यूटी तक सीमित न रहकर सुरक्षा के नए आयामों पर भी सोचना होगा:
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अतिक्रमण और स्मगलिंग: सीमापार से होने वाली घुसपैठ और तस्करी पर पैनी नजर रखने का निर्देश दिया।
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जनसांख्यिकी बदलाव: यदि सीमावर्ती इलाकों की जनसांख्यिकी में कृत्रिम परिवर्तन दिखे, तो बीएसएफ को तुरंत राज्य सरकार को आगाह करना चाहिए।
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ड्रोन निगरानी: ड्रोन का उपयोग करने वाले तत्वों के खिलाफ सिविल और पुलिस प्रशासन को सतर्क रहने को कहा गया।
डिस्क्लेमर (Disclaimer): यह समाचार रिपोर्ट आधिकारिक प्रेस विज्ञप्ति और गृह मंत्रालय द्वारा जारी सूचनाओं पर आधारित है। सीमा सुरक्षा से संबंधित संवेदनशील और सामरिक विवरण केवल आधिकारिक सरकारी चैनलों के माध्यम से ही मान्य हैं।
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