हिंडौन सिटी: शराब दुकान हटाने की मांग को लेकर जाटव समाज की महिलाओं का धरना शुरू, उग्र आंदोलन की दी चेतावनी
हिंडौन सिटी (करौली): स्थानीय रिहायशी इलाके में सामाजिक माहौल और जनहित को ध्यान में रखते हुए जाटव समाज की महिलाओं ने शराब की दुकान के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। दुकान को आबादी क्षेत्र से हटाने की मांग को लेकर महिलाओं ने आज सुबह 9:30 बजे से दुकान के ठीक सामने ही एक शांतिपूर्ण धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया है। महिलाओं का साफ कहना है कि यदि प्रशासन ने उनकी इस जायज मांग पर जल्द ही कोई सकारात्मक कदम नहीं उठाया, तो इस आंदोलन को और अधिक तेज किया जाएगा।
ज्ञापन के बाद भी कार्रवाई न होने से बढ़ा आक्रोश
प्रदर्शन कर रही महिलाओं ने बताया कि उन्होंने इस गंभीर समस्या को लेकर एक दिन पहले ही 'जिला जाटव समाज सुधार समिति 360 गांव' के युवा अध्यक्ष हरिओम ठेकेदार के नेतृत्व में जिला कलक्टर को एक ज्ञापन सौंपा था। ज्ञापन के माध्यम से प्रशासन को समय रहते शांतिपूर्ण तरीके से समाधान निकालने का आग्रह किया गया था और मांग पूरी न होने पर आंदोलन की चेतावनी भी दी गई थी। महिलाओं का आरोप है कि प्रशासन ने उनकी इस चेतावनी को गंभीरता से नहीं लिया, जिसके कारण उन्हें आज मजबूरन शराब की दुकान के सामने धरने पर बैठना पड़ा।
प्रशासन को अल्टीमेटम: मांगें नहीं मानी तो परिवार सहित उतरेंगे सड़क पर
आंदोलनरत महिलाओं ने प्रशासन को स्पष्ट लहजे में चेतावनी दी है कि उनके इस शांतिप्रिय प्रदर्शन को नजरअंदाज न किया जाए। यदि आज भी प्रशासन ने उनकी मांगों पर कोई सकारात्मक और ठोस निर्णय नहीं लिया, तो यह आंदोलन उग्र रूप ले सकता है। इसके साथ ही महिलाओं ने बड़ा एलान करते हुए कहा कि यदि कल तक इस समस्या का समाधान नहीं हुआ, तो जाटव समाज की महिलाएं अपने बच्चों और पुरुषों के साथ बड़ी संख्या में इस संघर्ष में शामिल होंगी, जिसकी पूरी जिम्मेदारी स्थानीय प्रशासन की होगी।
जनहित और सामाजिक व्यवस्था बनाए रखने की अपील
समाज के प्रबुद्ध जनों और प्रदर्शनकारियों का मानना है कि रिहायशी और घनी आबादी वाले क्षेत्र में शराब की दुकान होना सीधे तौर पर सामाजिक व्यवस्था को प्रभावित करता है। इससे आए दिन क्षेत्र में माहौल खराब होने की आशंका बनी रहती है। समाजजनों का कहना है कि स्थिति और अधिक बिगड़े, इससे पहले ही जिला प्रशासन और आबकारी विभाग को इस मामले में तुरंत हस्तक्षेप करना चाहिए और जनहित को सर्वोपरि रखते हुए उचित कार्रवाई सुनिश्चित करनी चाहिए। धरने के दौरान बड़ी संख्या में समाज की महिलाएं अपनी मांगों को लेकर मुस्तैद दिखीं।
Disclaimer (अस्वीकरण): यह समाचार रिपोर्ट हिंडौन सिटी में स्थानीय नागरिकों और समाज की महिलाओं द्वारा किए जा रहे प्रदर्शन के घटनाक्रमों एवं उनके द्वारा दिए गए बयानों पर आधारित है। इसका उद्देश्य किसी भी रूप में कानून-व्यवस्था को प्रभावित करना नहीं, बल्कि जनहित और सामाजिक सरोकार से जुड़े मुद्दों को निष्पक्षता के साथ सामने लाना है। मामले से जुड़े अंतिम प्रशासनिक निर्णयों के लिए संबंधित विभाग के आधिकारिक आदेशों को ही प्रामाणिक माना जाए।
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