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महाराष्ट्र

महाराष्ट्र में CBI जांच के लिए राज्य सरकार की अनुमति आवश्यक नहीं, शिंदे सरकार ने बदला उद्धव ठाकरे का फैसला

द्वारा News Room 📅 15 Jul 2023 👁️ 218 व्यूज़ ⏱️ 1 मिनट रीड
महाराष्ट्र में CBI जांच के लिए राज्य सरकार की अनुमति आवश्यक नहीं, शिंदे सरकार ने बदला उद्धव ठाकरे का फैसला

महाराष्ट्र । एकनाथ शिंदे सरकार ने शुक्रवार को बड़ा फैसला लेते हुए तत्कालीन मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे के फैसले को बदल दिया है। शिंदे सरकार ने आदेश जारी कर राज्य में जनरल कंसेंट बहाल कर दिया है।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार वर्तमान में महाराष्ट्र में मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे (Eknath Shinde) की सरकार हैं। एकनाथ शिंदे ने बीजेपी (BJP) के साथ गठबंधन करके उद्धव ठाकरे को सरकार को गिरा दिया था। वहीं एकनाथ शिंदे सरकार ने 21 अक्टूबर 2022 को फैसला लेते हुए। पूर्व मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे का फैसले को बदल दिया हैं।

अब जांच के लिए नहीं लेनी होगी राज्य सरकार से अनुमति

प्राप्त जानकारियों के मुताबिक पहले केंद्रीय जांच एजेंसी यानी की सीबीआई (CBI) की जांच को थामने के लिए उद्धव सरकार ने सीबीआई (CBI) के खिलाफ एक नियम लागू किया था। जिसमें राज्य सरकार के मामले में सीबीआई (CBI) को राज्य सरकार से अनुमति लेना जरूरी था। परंतु मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे तथा फडणवीस सरकार ने फिर से राज्य में सीबीआई (CBI) को मिली शक्ति को फिर से चालू कर दिया हैं इसके तहत अब सीबीआई (CBI) को जांच करने के लाए राज्य सरकार से अनुमति नहीं लेनी पड़ेगी।

केंद्र सरकार जांच एजेंसियों का दुरुपयोग कर रही है


बता दें कि महाराष्ट्र राज्य में जब उद्धव ठाकरे मुख्यमंत्री थे। तब महाविकास अघाड़ी सरकार ने 21 अक्टूबर 2020 को राज्य में सीबीआई (CBI) की एंट्री पर अंकुश लगाने के लिए यह कदम उठाया था। 2020 में दिल्ली विशेष पुलिस स्थापना अधिनियम, 1946 की धारा 6 के तहत सीबीआई (CBI) को दी गई सामान्य सहमति वापस ले ली थी। तब उद्धव ठाकरे सरकार ने इस सहमति को वापस ले लिया था और आरोप लगाया था कि केंद्र सरकार केंद्रीय जाँच एजेंसियों की मदद से राज्य सरकार को निशाना बना रही है। उनसे मनमर्जी कार्य करवा रही हैं।

गौरतलब है कि देश के 7 राज्य जिनमें बीजेपी (BJP) की सरकार नहीं हैं। जिसमें पंजाब, पश्चिम बंगाल, झारखंड, केरल, छत्तीसगढ़, राजस्थान, मिजोरम और मेघालय सीबीआई (CBI) को दी हुई आम सहमति वापस ले चुके हैं। जिसके तहत केंद्रीय एजेंसियों को राज्य सरकार से अनुमति लेनी पड़ेगी या कोर्ट में अर्जी देना पड़ेगी जांच के लिए।

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