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RBI के नए डिप्टी गवर्नर बने रोहित जैन: टी रबी शंकर की लेंगे जगह, जानें कौन हैं और क्या होंगी उनके सामने चुनौतियां?

रोहित जैन को 3 साल के लिए RBI का नया डिप्टी गवर्नर नियुक्त किया गया है। वह टी रबी शंकर की जगह लेंगे। जानें रोहित जैन का अनुभव और उनके सामने आने वाली चुनौतियां।
द्वारा News Room 📅 02 May 2026 👁️ 52 व्यूज़ ⏱️ 1 मिनट रीड
RBI के नए डिप्टी गवर्नर बने रोहित जैन: टी रबी शंकर की लेंगे जगह, जानें कौन हैं और क्या होंगी उनके सामने चुनौतियां?

भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) में एक महत्वपूर्ण नेतृत्व परिवर्तन होने जा रहा है। केंद्र सरकार ने रोहित जैन को तीन साल की अवधि के लिए केंद्रीय बैंक का नया डिप्टी गवर्नर नियुक्त किया है। मंत्रिमंडल की नियुक्ति समिति (ACC) ने उनकी नियुक्ति पर मुहर लगा दी है। उम्मीद है कि जैन 3 मई, 2026 या उसके बाद अपना कार्यभार संभालेंगे।

टी रबी शंकर का स्थान लेंगे रोहित जैन

रोहित जैन, टी रबी शंकर की जगह कार्यभार ग्रहण करेंगे, जिनका विस्तारित कार्यकाल हाल ही में समाप्त हुआ है। रबी शंकर को पहली बार 2021 में इस पद पर नियुक्त किया गया था और उनके बेहतरीन प्रदर्शन को देखते हुए 2024 और 2025 में उन्हें कार्यकाल विस्तार दिया गया था। अब रोहित जैन इस जिम्मेदारी को आगे बढ़ाएंगे।

कौन हैं रोहित जैन? (अनुभव और विशेषज्ञता)

केंद्रीय बैंक में लगभग तीन दशकों का अनुभव रखने वाले रोहित जैन वर्तमान में आरबीआई में कार्यकारी निदेशक (Executive Director) के पद पर कार्यरत हैं। उनकी पृष्ठभूमि बैंकिंग सेक्टर की बारीकियों को समझने में काफी मजबूत मानी जाती है।

  • करियर प्रोफाइल: उन्होंने पर्यवेक्षण (Supervision), जोखिम विश्लेषण (Risk Analysis) और मानव संसाधन प्रबंधन जैसे महत्वपूर्ण विभागों में सेवाएं दी हैं।

  • हालिया भूमिका: कार्यकारी निदेशक के रूप में वे जोखिम और भेद्यता मूल्यांकन (Vulnerability Assessment) से संबंधित पर्यवेक्षण की जिम्मेदारी संभाल रहे थे।

  • शिक्षा: जैन ने वाणिज्य में स्नातकोत्तर और एमबीए किया है। इसके साथ ही उनके पास बैंकिंग और वित्तीय विनियमन में कई वैश्विक पेशेवर प्रमाणपत्र भी हैं।

नई जिम्मेदारियां और प्रमुख चुनौतियां

डिप्टी गवर्नर के रूप में रोहित जैन को उन विभागों का प्रभार मिलने की संभावना है जिन्हें पहले रबी शंकर संभालते थे। उनके कार्यक्षेत्र में ये प्रमुख विभाग शामिल हो सकते हैं:

  1. वित्तीय बाजार विनियमन (Financial Market Regulation)

  2. विदेशी मुद्रा (Foreign Exchange)

  3. भुगतान और निपटान प्रणाली (Payment and Settlement Systems)

चुनौतियां: वर्तमान वैश्विक तनाव और बदलती आर्थिक परिस्थितियों के बीच, रोहित जैन के सामने डिजिटल मुद्रा (CBDC) का विस्तार, पेमेंट गेटवे की सुरक्षा को मजबूत करना और विदेशी मुद्रा भंडार का कुशल प्रबंधन करना मुख्य चुनौतियां होंगी। फिनटेक सेक्टर में बढ़ते इनोवेशन और विनियमन के बीच संतुलन बनाना भी उनके एजेंडे में शीर्ष पर रहेगा।


डिस्क्लेमर (Disclaimer): यह समाचार रिपोर्ट आधिकारिक सरकारी नियुक्तियों और सार्वजनिक रूप से उपलब्ध प्रशासनिक सूचनाओं पर आधारित है। इसका उद्देश्य केवल जानकारी प्रदान करना है। नियुक्ति की सटीक प्रभावी तिथि और विभाग आवंटन से संबंधित अंतिम निर्णय भारतीय रिजर्व बैंक के आंतरिक नियमों के अधीन होता है।

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