🕒 26 May 2026, Tuesday
राज्य

राजस्थान में हरित आवरण और जैव विविधता को मिलेगा बढ़ावा: वन मंत्री संजय शर्मा ने दिए कार्यों में तेजी लाने के निर्देश

By समाचार कक्ष 📅 26 May 2026 👁️ 25 Views ⏱️ 1 Min Read
राजस्थान में हरित आवरण और जैव विविधता को मिलेगा बढ़ावा: वन मंत्री संजय शर्मा ने दिए कार्यों में तेजी लाने के निर्देश

जयपुर, राजस्थान:

राजस्थान वानिकी एवं जैव विविधता विकास समिति की सामान्य सभा की द्वितीय बैठक वन, पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री श्री संजय शर्मा की अध्यक्षता में शासन सचिवालय में आयोजित की गई। बैठक में प्रदेश के हरित आवरण को बढ़ाने, जल संरक्षण को मजबूत करने और जैव विविधता के संरक्षण से जुड़ी परियोजनाओं की प्रगति की गहन समीक्षा की गई।

परियोजना की उपलब्धियां और कार्ययोजना

बैठक में वर्ष 2023-24 और 2024-25 के दौरान हुई प्रगति पर संतोष व्यक्त किया गया:

पौधारोपण का विस्तार: परियोजना के तहत वर्ष 2023-24 में 3,100 हेक्टेयर क्षेत्र में पौधारोपण किया गया, जिसे वर्ष 2024-25 में पांच गुना से अधिक बढ़ाकर 16,150 हेक्टेयर क्षेत्र तक विस्तारित किया गया है।

जल संरक्षण कार्य: राज्य में जल सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए परकोलेशन टैंक, चेक डैम और पारंपरिक जल स्रोतों के पुनरुद्धार के कार्यों में तेजी लाई गई है।

वन्यजीव संरक्षण: घड़ियाल (Gharial) संरक्षण की दिशा में किए गए नवाचारों की बैठक में विशेष सराहना की गई।

प्रशासनिक और वित्तीय सुधार के कड़े निर्देश

मंत्री श्री संजय शर्मा ने वन प्रबंधन को और अधिक पारदर्शी बनाने के लिए निम्नलिखित निर्देश दिए:

वित्तीय प्रशिक्षण: 'ग्राम वन सुरक्षा एवं प्रबंध समिति' (VFPMC) के सदस्यों को वित्तीय रिकॉर्ड के संधारण (Financial Record Keeping) का गहन प्रशिक्षण देने के निर्देश दिए गए हैं।

भौतिक सत्यापन: अतिरिक्त मुख्य सचिव श्री आनन्द कुमार ने स्पष्ट निर्देश दिए कि प्रत्येक कार्य स्वीकृति आदेश में संबंधित साइट के GPS बिंदु अनिवार्य रूप से अंकित किए जाएं, ताकि कार्यों का सटीक भौतिक सत्यापन हो सके।

ऑनलाइन मॉनिटरिंग: कार्यों के प्रभावी मूल्यांकन के लिए उपवन संरक्षक और मुख्य वन संरक्षक स्तर पर एक ऑनलाइन पोर्टल तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं।

सामुदायिक सहभागिता का महत्व

वन मंत्री ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण केवल सरकारी विभाग का कार्य नहीं है, बल्कि इसमें स्थानीय समुदायों की भागीदारी अनिवार्य है। इसके लिए 'एंट्री प्वाइंट गतिविधियों' के माध्यम से ग्रामीणों को वन प्रबंधन से जोड़ा जा रहा है। साथ ही, वित्तीय लेखा-जोखा दुरुस्त करने के लिए एक 'एकरूप प्रपत्र' (Standardized Proforma) तैयार कर सभी समितियों को प्रसारित करने के निर्देश दिए गए हैं।

डिस्क्लेमर (Disclaimer): यह समाचार रिपोर्ट राज्य सरकार द्वारा जारी आधिकारिक प्रेस विज्ञप्ति पर आधारित है। वानिकी और जैव विविधता परियोजनाओं से संबंधित नवीनतम सरकारी अधिसूचनाओं के लिए वन एवं पर्यावरण विभाग, राजस्थान की आधिकारिक वेबसाइट का अवलोकन करें।

Author

समाचार कक्ष

यह मिशन की आवाज का आधिकारिक समाचार कक्ष (News Desk) है। यहाँ हमारी अनुभवी संपादकीय टीम 24/7 सक्रिय रहकर देश-दुनिया की विश्वसनीय, निष्पक्ष और सटीक खबरें आप तक पहुँचाती है।

Comments (0)

Leave a Reply