राजस्थान पुलिस का प्रदेशव्यापी प्रहार: 'मेगा नाकाबंदी' से कांपा अपराध जगत, एक दिन में 15,000 चालान और भारी मात्रा में नकदी-अवैध हथियार जब्त
जयपुर, 02 जून 2026
राजस्थान में कानून-व्यवस्था को पूरी तरह चाक-चौबंद करने, अपराधियों में भय पैदा करने और सड़कों पर यातायात नियमों की अवहेलना करने वालों को कड़ा सबक सिखाने के लिए राज्य पुलिस ने एक अभूतपूर्व और ऐतिहासिक कदम उठाया है। महानिदेशक पुलिस (DGP) श्री राजीव कुमार शर्मा के सीधे दिशा-निर्देशों के बाद सोमवार, 1 जून 2026 को पूरे प्रदेश में एक साथ व्यापक 'मेगा नाकाबंदी' अभियान चलाया गया। इस महा-अभियान के तहत राज्य के कोने-कोने में पुलिस बल की भारी तैनाती की गई, जिससे आपराधिक तत्वों और नियमों का उल्लंघन करने वालों में हड़कंप मच गया।
अभियान का विशाल दायरा और पुलिस की मुस्तैदी
अतिरिक्त महानिदेशक पुलिस (कानून एवं व्यवस्था) श्री वीके सिंह ने इस राज्यव्यापी ऑपरेशन के रणनीतिक और जमीनी स्तर के आंकड़ों को साझा किया। उन्होंने बताया कि इस विशेष अभियान को पूरी तरह सफल बनाने के लिए राज्य के सभी पुलिस रेंजों और कमिश्नरेट क्षेत्रों में रणनीतिक रूप से कुल 1,103 नाकाबंदी पॉइंट स्थापित किए गए थे।
इन सभी संवेदनशील और मुख्य पॉइंट्स पर पुलिस टीमों ने अत्यधिक मुस्तैदी दिखाते हुए सुबह से देर रात तक कुल 74,872 वाहनों की सघन चेकिंग की। इस चेकिंग प्रक्रिया में कुल 39,984 दुपहिया वाहन और 34,888 चौपहिया वाहन शामिल थे। इस दौरान पुलिस ने अलग-अलग मामलों में वांछित और संदिग्ध गतिविधियों में लिप्त कुल 226 आरोपियों को गिरफ्तार करने में बड़ी सफलता हासिल की है।
यातायात नियमों के उल्लंघन पर कड़ा एक्शन: काटे गए रिकॉर्ड चालान
सड़क सुरक्षा सुनिश्चित करने और यातायात व्यवस्था को सुचारू बनाने के लिए पुलिस ने नियमों की अनदेखी करने वालों के खिलाफ बड़े पैमाने पर दंडात्मक कार्रवाई की। महज एक दिन के भीतर पूरे राज्य में कुल 15,083 चालान बनाए गए। पुलिस द्वारा की गई इस कड़ी कार्रवाई का वर्गीकरण निम्नलिखित है:
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बिना हेलमेट वाहन चलाना: 3,234 चालान
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नंबर प्लेट संबंधी नियमों का उल्लंघन: 1,653 चालान
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वाहनों पर प्रतिबंधित काली फिल्म लगाना: 1,643 चालान
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बिना सीट बेल्ट गाड़ी चलाना: 1,648 चालान
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वाहन चलाते समय मोबाइल फोन पर बात करना: 184 चालान
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अन्य विविध श्रेणियां और नियम उल्लंघन: 6,433 चालान
इसके साथ ही, सड़क दुर्घटनाओं के सबसे बड़े कारण यानी 'ड्रिंक एंड ड्राइव' (शराब पीकर वाहन चलाना) के खिलाफ भी पुलिस ने जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई। प्रदेश भर में कुल 385 वाहन चालकों को शराब के नशे में धुत होकर गाड़ी चलाते हुए पकड़ा गया, जिनके खिलाफ मोटर वाहन अधिनियम के तहत सख्त कानूनी कार्रवाई अमल में लाई गई है।
अवैध हथियार, भारी नकदी और मादक पदार्थों की बड़ी बरामदगी
यह मेगा ऑपरेशन सिर्फ सामान्य ट्रैफिक चेकिंग तक सीमित नहीं था, बल्कि इसका मुख्य फोकस संगठित अपराधों और अवैध गतिविधियों पर अंकुश लगाना भी था। सघन चेकिंग के दौरान गंभीर अनियमितताएं पाए जाने पर पुलिस ने 11 वाहनों को मौके पर ही जब्त कर लिया। इसके अलावा, पूरे राज्य में विभिन्न धाराओं के तहत कुल 73 नए आपराधिक मुकदमे दर्ज किए गए, जिनमें शामिल हैं:
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आबकारी अधिनियम (अवैध शराब तस्करी): 30 मामले
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आर्म्स एक्ट (अवैध हथियार): 4 मामले
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एनडीपीएस एक्ट (मादक पदार्थ और ड्रग्स): 2 मामले
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अन्य विशेष एवं स्थानीय कानून (Local Acts): 37 मामले
इन दर्ज मामलों के आधार पर पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए 63 मुख्य आरोपियों को सलाखों के पीछे भेजा। वहीं, कानून-व्यवस्था को संभावित खतरा पहुंचाने वाले और संदिग्ध आचरण वाले 163 व्यक्तियों को भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 170 के तहत निवारक निरोध (Preventive Arrest) के रूप में गिरफ्तार किया गया।
विभिन्न रेंजों में हुई प्रमुख बरामदगियां:
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जयपुर रेंज: इस क्षेत्र में पुलिस को सबसे बड़ी वित्तीय कामयाबी मिली, जहां चेकिंग के दौरान 5 संदिग्ध वाहनों के साथ कुल 25.50 लाख रुपये की बेहिसाब नकदी (कैश) बरामद की गई।
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भरतपुर रेंज: अवैध खनन और चंबल बजरी के परिवहन के खिलाफ कार्रवाई करते हुए अवैध रेत से भरे ट्रैक्टर-ट्रॉलियों को सीज किया गया और भारी मात्रा में अवैध देशी शराब जब्त की गई।
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कोटा रेंज: नाकाबंदी के दौरान भारी मात्रा में अवैध शराब, डोडा चूरा (नशीला पदार्थ), संदिग्ध वाहन और ध्वनि प्रदूषण फैलाने वाले एम्प्लीफायर/स्पीकर जब्त किए गए।
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बीकानेर रेंज: अवैध शराब की तस्करी और संदिग्ध वाहनों के खिलाफ सघन धरपकड़ अभियान चलाया गया।
रेंजवार प्रदर्शन: वाहन चेकिंग और चालान में जयपुर रेंज अव्वल
इस मेगा नाकाबंदी अभियान के दौरान राजस्थान के विभिन्न पुलिस रेंजों के प्रदर्शन का तुलनात्मक विवरण इस प्रकार रहा:
| पुलिस रेंज / कमिश्नरेट | काटे गए कुल चालान | जांचे गए कुल वाहन |
| जयपुर रेंज | 2,492 | 13,589 |
| अजमेर रेंज | 2,229 | 10,205 |
| भरतपुर रेंज | 2,145 | 9,081 |
| उदयपुर रेंज | 2,051 | 12,234 |
| कोटा रेंज | 1,796 | आंकड़ा प्रक्रिया में |
| बीकानेर रेंज | 1,572 | आंकड़ा प्रक्रिया में |
| जोधपुर रेंज | 1,470 | 8,079 |
| जयपुर पुलिस कमिश्नरेट | 990 | आंकड़ा प्रक्रिया में |
| जोधपुर पुलिस कमिश्नरेट | 338 | आंकड़ा प्रक्रिया में |
आंकड़ों के विश्लेषण से स्पष्ट है कि चालान काटने और वाहनों की बारीकी से जांच करने, दोनों ही मोर्चों पर जयपुर रेंज पूरे प्रदेश में शीर्ष पायदान पर रही। इसके बाद उदयपुर, अजमेर और भरतपुर रेंजों ने भी सराहनीय प्रदर्शन किया।
भविष्य में भी जारी रहेगी पैनी नजर
राजस्थान पुलिस मुख्यालय के वरिष्ठ अधिकारियों के अनुसार, इस औचक और व्यापक 'मेगा नाकाबंदी' का मुख्य उद्देश्य आम नागरिक में सुरक्षा की भावना को सुदृढ़ करना और अपराधियों में कानून का खौफ पैदा करना है। पुलिस प्रशासन ने साफ संकेत दिए हैं कि प्रदेश में शांति व्यवस्था बनाए रखने और सड़क हादसों में कमी लाने के लिए आने वाले समय में भी इस तरह के औचक और बड़े पैमाने पर चेकिंग अभियान लगातार जारी रखे जाएंगे।
Disclaimer (अस्वीकरण):
यह समाचार लेख राजस्थान पुलिस मुख्यालय (कानून एवं व्यवस्था विभाग) द्वारा जारी आधिकारिक आंकड़ों, प्रेस विज्ञप्तियों और वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के आधिकारिक बयानों के आधार पर जनहित में तैयार किया गया है। इसका उद्देश्य आम जनता तक कानून-व्यवस्था से जुड़ी प्रामाणिक और तथ्यात्मक जानकारी पहुंचाना है। किसी भी प्रकार की वैधानिक जानकारी, नियमों या पुलिस विभाग के आधिकारिक सर्कुलर के लिए कृपया राजस्थान पुलिस की आधिकारिक वेबसाइट (police.rajasthan.gov.in) का संदर्भ लें।
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