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बारां पुलिस की ड्रग माफिया पर 'आर्थिक सर्जिकल स्ट्राइक': तस्कर बिरमचंद लोधा की 3.92 करोड़ की संपत्ति फ्रीज

By Bhupendra Singh Sonwal 📅 02 Jun 2026 👁️ 22 Views ⏱️ 1 Min Read
बारां पुलिस की ड्रग माफिया पर 'आर्थिक सर्जिकल स्ट्राइक': तस्कर बिरमचंद लोधा की 3.92 करोड़ की संपत्ति फ्रीज

जयपुर, 2 जून 2026

राजस्थान में मादक पदार्थों की तस्करी को जड़ से खत्म करने के लिए बारां पुलिस ने 'जीरो टॉलरेंस' (Zero Tolerance) की नीति पर काम करते हुए एक बड़ी और ऐतिहासिक कार्रवाई की है। पुलिस ने 'ऑपरेशन वज्र प्रहार' के तहत कुख्यात ड्रग तस्कर बिरमचंद लोधा और उसके परिवार के आर्थिक साम्राज्य को पूरी तरह से ध्वस्त कर दिया है।

एनडीपीएस (NDPS) एक्ट की धारा 68-F के तहत की गई इस सख्त कार्रवाई में तस्कर की लगभग 3.92 करोड़ रुपये की चल-अचल संपत्ति और बैंक खातों को पूरी तरह से फ्रीज कर दिया गया है। अब आरोपी और उसका परिवार इन संपत्तियों का किसी भी रूप में उपयोग, खरीद-फरोख्त या हस्तांतरण नहीं कर सकेगा।

क्या है 'ऑपरेशन वज्र प्रहार'?

बारां के पुलिस अधीक्षक (SP) अभिषेक अंदासु ने बताया कि 'ऑपरेशन वज्र प्रहार' का मुख्य उद्देश्य केवल ड्रग तस्करों को सलाखों के पीछे डालना नहीं है, बल्कि अवैध नशे के कारोबार से खड़ी की गई उनकी करोड़ों की काली कमाई और आर्थिक जड़ों पर सीधा प्रहार करना है। पुलिस का मानना है कि माफियाओं की आर्थिक रीढ़ तोड़ने से ही नशे के इस सिंडिकेट को स्थायी रूप से खत्म किया जा सकता है।

फ्रीज की गई 3.92 करोड़ की संपत्ति का ब्यौरा

पुलिस की गहन जांच में यह बात सामने आई कि सारथल थाना क्षेत्र (डोकरी खोह) निवासी बिरमचंद लोधा, उसकी पत्नी फूलाबाई, भाई राहुल लोधा और भाभी भावना ने तस्करी के पैसे को रियल एस्टेट और लग्जरी लाइफस्टाइल में निवेश किया था।

जब्त/फ्रीज की गई संपत्तियों का विवरण:

संपत्ति का प्रकार विवरण अनुमानित कीमत / राशि
अचल संपत्ति 2 आलीशान मकान और 5 बड़े प्लॉट ₹1,60,26,526 (वाहनों सहित)
चल संपत्ति 2 कारें (मारुति और ईको) तथा 1 मोटरसाइकिल ऊपर शामिल
संदिग्ध बैंक लेनदेन पिछले 1 वर्ष में खातों में हुआ बिना वैध स्रोत का लेनदेन ₹2,32,54,585
कुल फ्रीज राशि चल-अचल संपत्ति और बैंक ट्रांजेक्शन ₹3,92,81,111

सक्षम प्राधिकारी, नई दिल्ली से मिली कानूनी मुहर

सारथल पुलिस ने इस आर्थिक जब्ती को कानूनी रूप देने के लिए सक्षम प्राधिकारी (Competent Authority), नई दिल्ली के समक्ष एनडीपीएस एक्ट की धारा 68-F के तहत एक विस्तृत परिवाद पेश किया था। दो महीने तक चली गहन सुनवाई के बाद न्यायालय ने बारां पुलिस की इस फ्रीजिंग कार्रवाई को पूरी तरह वैध ठहराया। 16 मई 2026 को जारी आदेश (क्रमांक 1504) की अनुपालना में 2 जून को बारां जिला कलेक्टर के निर्देश पर स्थानीय पुलिस और ग्राम सचिव ने मौके पर जाकर संपत्तियों को सीज करने की भौतिक कार्रवाई पूरी की।

तस्कर का आपराधिक इतिहास

आरोपी बिरमचंद लोधा पुलिस के रडार पर लंबे समय से था। उसके खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत 3 गंभीर मामले दर्ज हैं, जिनमें से एक मामला 'कमर्शियल मात्रा' (Commercial Quantity) की तस्करी का है।

  • पूर्व की कार्रवाई: पुलिस पहले ही इसके पास से 250 किलो डोडा चूरा (अंतरराष्ट्रीय बाजार मूल्य करीब 10 लाख रुपये) जब्त कर चुकी है।

  • तस्करी में इस्तेमाल की जाने वाली एक 8 लाख रुपये की बलेनो कार भी पुलिस पहले ही जब्त कर चुकी है।

इनकी रही विशेष भूमिका

इस 'आर्थिक सर्जिकल स्ट्राइक' को अंजाम तक पहुंचाने में पुलिस अधीक्षक कार्यालय और सारथल थाने की संयुक्त टीम का विशेष योगदान रहा। टीम में पुलिस निरीक्षक विनोद कुमार, सारथल थानाधिकारी धर्मपाल सिंह, एएसआई विमलेश मेहता और विशेष रूप से कांस्टेबल रमेश कुमार, कमलेश कुमार व जितेंद्र ने उत्कृष्ट कार्य किया।


Disclaimer (अस्वीकरण):

यह समाचार लेख पुलिस विभाग द्वारा दी गई आधिकारिक जानकारी और प्रेस विज्ञप्ति पर आधारित है। इसका उद्देश्य आम जनता तक मादक पदार्थ तस्करी के खिलाफ प्रशासन की सख्त कार्रवाइयों की तथ्यात्मक जानकारी पहुंचाना है। किसी भी कानूनी प्रक्रिया या एनडीपीएस एक्ट के प्रावधानों की अधिक जानकारी के लिए संबंधित सरकारी या कानूनी पोर्टल का अवलोकन करें।

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Bhupendra Singh Sonwal

भूपेन्द्र सिंह सोनवाल एक प्रखर डिजिटल पत्रकार और भारतीय समाचार मीडिया कंपनी 'मिशन की आवाज' के संस्थापक हैं। वे मुख्य रूप से राजस्थान और देश के अन्य हिस्सों से सामाजिक न्याय, मानवाधिकार, और नीतिगत मामलों पर तीखी और निष्पक्ष रिपोर्टिंग करते हैं। आंकड़ों की तह तक जाना और जमीनी सच को बेबाकी से पेश करना उनकी विशेषता है। तथ्य-आधारित और स्वतंत्र पत्रकारिता के जरिए वे समाज के हर वर्ग तक सही सूचना पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।

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