राजस्थान DGP का बड़ा आदेश: गैंगस्टरों की अवैध संपत्तियां होंगी ध्वस्त, झूठे मुकदमे दर्ज कराने वालों की खैर नहीं
जयपुर, 15 जून 2026। राजस्थान को अपराध मुक्त और सुरक्षित बनाने की दिशा में राज्य के पुलिस महानिदेशक (DGP) श्री राजीव कुमार शर्मा ने बेहद सख्त रुख अख्तियार कर लिया है। सोमवार को जयपुर पुलिस मुख्यालय से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए आयोजित एक उच्च स्तरीय अपराध समीक्षा बैठक में डीजीपी ने प्रदेशभर के पुलिस अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि गैंगस्टरों द्वारा बनाई गई अवैध संपत्तियों को तुरंत ध्वस्त किया जाए। इसके साथ ही, कानून का दुरुपयोग कर झूठे मुकदमे दर्ज कराने वाले लोगों के खिलाफ भी पुलिस अब कड़ा एक्शन लेगी।
इस खबर की मुख्य बातें:
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गैंगस्टर्स पर प्रहार: संगठित अपराधियों और रंगदारी मांगने वालों की अवैध संपत्तियों पर चलेगा बुलडोजर, बैंक खातों की होगी निगरानी।
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फर्जी एफआईआर पर एक्शन: कानून को गुमराह कर झूठे मुकदमे दर्ज कराने वालों के खिलाफ पुलिस अपनाएगी सख्त रवैया।
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नशे और साइबर ठगी पर लगाम: नशा तस्करों के खिलाफ बनेगी विशेष कार्ययोजना, डिजिटल अरेस्ट और ऑनलाइन फ्रॉड पर होगी त्वरित कार्रवाई।
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नीट (NEET) परीक्षा: आगामी परीक्षा को लेकर सुरक्षा चाक-चौबंद, सीसीटीवी कैमरों से रखी जाएगी पैनी नजर।
संगठित अपराध और साइबर ठगी पर जीरो टॉलरेंस
बैठक को संबोधित करते हुए डीजीपी राजीव कुमार शर्मा ने कहा कि एक विकसित राजस्थान का सपना तभी साकार हो सकता है, जब प्रदेश की कानून-व्यवस्था मजबूत हो। उन्होंने सभी रेंज आईजी (IG) और पुलिस अधीक्षकों (SP) को नए आपराधिक कानूनों का सख्ती से पालन सुनिश्चित करने को कहा। धमकी देकर वसूली करने वाले गिरोहों की कमर तोड़ने के लिए उनकी संपत्तियों को कुर्क करने के आदेश दिए गए हैं। इसके अलावा, डिजिटल अरेस्ट और ऑनलाइन ठगी के बढ़ते मामलों से निपटने के लिए थानों में तैनात पुलिसकर्मियों को आधुनिक तकनीकी जांच (Investigation) का विशेष प्रशिक्षण देने पर जोर दिया गया है।
नशे के खिलाफ महाभियान और पेंडिंग मुकदमों का निपटारा
युवाओं में फैल रहे नशे के जाल को काटने के लिए सभी जिला एसपी को एक ठोस और योजनाबद्ध अभियान चलाने के निर्देश दिए गए हैं। डीजीपी ने पुलिस अधिकारियों को हिदायत दी कि किसी भी संवेदनशील घटना की सूचना तत्काल पुलिस मुख्यालय को दी जाए ताकि समय रहते जरूरी कदम उठाए जा सकें। इसके अलावा, थानों में धूल फांक रही पुरानी फाइलों और लंबित मुकदमों का जल्द से जल्द निस्तारण कर पीड़ितों को त्वरित न्याय दिलाने की बात भी प्रमुखता से कही गई।
सड़क सुरक्षा जागरूकता और नीट (NEET) परीक्षा पर फोकस
सड़क हादसों पर चिंता जताते हुए महानिदेशक ने कहा कि एक दुर्घटना पूरे परिवार को गहरे संकट में डाल देती है। हादसों में कमी लाने के लिए प्रदेश भर में पूरे साल सड़क सुरक्षा जागरूकता अभियान चलाया जाएगा। नेशनल हाईवे और शहरी इलाकों में लेन ड्राइविंग (Lane Discipline) का सख्ती से पालन करवाया जाएगा। इसके अतिरिक्त, आगामी नीट परीक्षा के मद्देनजर परीक्षा केंद्रों पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम और सीसीटीवी के माध्यम से निरंतर निगरानी सुनिश्चित करने के निर्देश भी जारी किए गए हैं।
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