जयपुर में जीएसटी चोरी का बड़ा भंडाफोड़: 50 करोड़ से अधिक के घोटाले में जेएसएम इंडस्ट्रीज का संचालक गिरफ्तार
जयपुर: राजस्थान की राजधानी में कर चोरी के खिलाफ वाणिज्यिक कर विभाग ने अब तक की सबसे बड़ी और निर्णायक कार्रवाइयों में से एक को अंजाम दिया है। विभाग की प्रवर्तन शाखा-द्वितीय (Enforcement Wing-II) ने एक बेहद संगठित वित्तीय धोखाधड़ी का पर्दाफाश करते हुए 50 करोड़ रुपये से अधिक की माल एवं सेवा कर (GST) चोरी के मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। इस बड़ी कार्रवाई से राज्य के व्यापारिक हलकों में हड़कंप मच गया है।
आरोपी की पहचान और अदालती कार्रवाई
विभागीय अधिकारियों से मिली जानकारी के अनुसार, गिरफ्तार किए गए आरोपी का नाम महेश चंद गुप्ता (पुत्र श्री कन्हैया लाल गुप्ता) है, जो जयपुर के विद्याधर नगर (सेक्टर-2, बांगड मेशन) का निवासी है।
कर चोरी के पुख्ता सबूत मिलने के बाद विभाग ने आरोपी को बुधवार को जयपुर स्थित विशेष न्यायालय (आर्थिक अपराध) के समक्ष पेश किया। मामले की गंभीरता और राजस्व को पहुंचे भारी नुकसान को देखते हुए माननीय न्यायालय ने आरोपी महेश चंद गुप्ता को तुरंत न्यायिक अभिरक्षा (Judicial Custody) में भेजने के आदेश जारी कर दिए हैं।
बादाम के व्यापार की आड़ में खेल: कैसे हुई इतनी बड़ी टैक्स चोरी?
विभाग द्वारा जब्त किए गए दस्तावेजों, डिजिटल रिकॉर्ड्स और विस्तृत ऑडिट रिपोर्ट के सत्यापन के बाद इस पूरे रैकेट के काम करने के तरीके (Modus Operandi) का खुलासा हुआ है:
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बिना कागजात के जेएसएम इंडस्ट्रीज का संचालन: आरोपी महेश चंद गुप्ता 'जेएसएम इंडस्ट्रीज' नामक फर्म का मुख्य कर्ता-धर्ता था।
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बादाम का गुप्त कारोबार: इस फर्म के माध्यम से वित्तीय वर्ष 2022-23, 2023-24 और 2024-25 के दौरान मुख्य रूप से बादाम (Almonds) का बहुत बड़े पैमाने पर क्रय और विक्रय किया गया।
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समानांतर अर्थव्यवस्था का संचालन: इस पूरे टर्नओवर और व्यापार को फर्म की मुख्य लेखा पुस्तकों (Books of Accounts) में कहीं भी दर्ज नहीं किया गया था। बिना कोई टैक्स इनवॉइस (कर चालान) जारी किए और बिना किसी कर का भुगतान किए, माल की गुप्त रूप से सप्लाई, निकासी और भंडारण किया जा रहा था।
इस शातिर तरकीब से सरकारी खजाने को सीधे तौर पर 50 करोड़ रुपये से अधिक का नुकसान पहुंचाया गया। वाणिज्यिक कर विभाग अब इस बात की भी गहनता से जांच कर रहा है कि इस पूरे सिंडिकेट में अन्य कौन सी फर्में या बाहरी व्यक्ति शामिल हैं।
जीएसटी अधिनियम की धारा 69 के तहत एक्शन
वित्तीय हेराफेरी और जानबूझकर टैक्स छिपाने के पुख्ता डिजिटल साक्ष्य मिलने के बाद, प्रवर्तन शाखा-द्वितीय ने सख्त रुख अपनाया। आरोपी महेश चंद गुप्ता को वस्तु एवं सेवाकर अधिनियम (GST Act), 2017 की धारा 69 के प्रावधानों के तहत गिरफ्तार किया गया, जो कर चोरी के गंभीर मामलों में बिना वारंट गिरफ्तारी का अधिकार देती है।
कार्रवाई को अंजाम देने वाली विशेषज्ञ टीम
कर चोरी के इस सिंडिकेट को ध्वस्त करने का यह सफल ऑपरेशन विभाग के उच्च अधिकारियों की सटीक योजना और फील्ड अधिकारियों की मुस्तैदी का परिणाम था। इस टीम में शामिल प्रमुख अधिकारी निम्नलिखित हैं:
कुशल निर्देशन एवं निगरानी:
यह पूरी कार्रवाई प्रवर्तन शाखा-द्वितीय के अतिरिक्त आयुक्त (प्रशासन) श्री बाबू सिंह चौहान के रणनीतिक निर्देशन और वृत्त-ए के संयुक्त आयुक्त श्री हरेन्द्र चौधरी की कड़े सुपरविजन में पूरी की गई।
सफल छापेमारी करने वाली फील्ड टीम:
श्री संदीप कुमार चौधरी (सहायक आयुक्त)
श्री राजेश कुमार यादव (सहायक आयुक्त)
श्री सुनील दत्त शर्मा (राज्य कर अधिकारी)
श्री राहुल नाटाणी (राज्य कर अधिकारी)
विभाग की कड़ी चेतावनी
वाणिज्यिक कर विभाग ने स्पष्ट किया है कि राज्य में टैक्स चोरी करने वाले और बिना विधिक दस्तावेजों के समानांतर व्यापार चलाने वाले किसी भी सिंडिकेट को समूल नष्ट करने के लिए विभाग पूरी तरह प्रतिबद्ध है। पारदर्शी राजस्व प्रणाली सुनिश्चित करने और ईमानदार करदाताओं के हितों की रक्षा के लिए आने वाले दिनों में ऐसी कानूनी और सख्त दंडात्मक कार्रवाइयां निरंतर जारी रहेंगी।
Disclaimer (अस्वीकरण):
यह समाचार रिपोर्ट वाणिज्यिक कर विभाग (राजस्थान) की प्रवर्तन शाखा द्वारा जारी आधिकारिक प्रेस नोट और विशेष न्यायालय (आर्थिक अपराध) जयपुर की न्यायिक कार्यवाही के आधार पर जनहित में सूचना के उद्देश्य से तैयार की गई है। कानूनी प्रावधानों के तहत मामले की विस्तृत जांच अभी जारी है और अंतिम दोषसिद्धि न्यायिक प्रक्रिया के अधीन है।
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