राजस्थान सरकार का बड़ा फैसला: 5वें और 6ठें वेतनमान वाले कर्मचारियों-पेंशनर्स का बढ़ा डीए, जानिए किसे कितना मिलेगा फायदा
जयपुर: राजस्थान में पांचवें और छठे वेतनमान (Pay Commission) के तहत वेतन और पेंशन पा रहे सरकारी कार्मिकों के लिए एक बेहद राहत भरी खबर है। राज्य की भजनलाल शर्मा सरकार ने नए साल की शुरुआत यानी 1 जनवरी 2026 से इन कर्मचारियों के महंगाई भत्ते (DA) और पेंशनभोगियों की महंगाई राहत (DR) में बढ़ोतरी करने का ऐतिहासिक निर्णय लिया है।
वित्त विभाग द्वारा तैयार किए गए इस प्रस्ताव को उपमुख्यमंत्री और वित्त मंत्री दीया कुमारी ने आधिकारिक तौर पर मंजूरी दे दी है। सरकार के इस कदम से राज्य के हजारों सेवारत कर्मचारियों और पेंशनर्स की जेब में सीधे तौर पर अधिक पैसा आएगा।
किसे कितना मिलेगा लाभ? (DA/DR Hike Statistics)
इस नए संशोधन के बाद दोनों वेतनमानों के तहत मिलने वाले भत्तों में भारी अंतर देखने को मिलेगा। इसे नीचे दी गई तालिका के माध्यम से आसानी से समझा जा सकता है:
| वेतनमान (Pay Scale) | वृद्धि प्रतिशत (Hike %) | पुराना महंगाई भत्ता (Old DA) | नया महंगाई भत्ता (New DA) |
| पांचवां वेतनमान (5th Pay Commission) | 9% | 474% | 483% |
| छठा वेतनमान (6th Pay Commission) | 5% | 257% | 262% |
सरकार के इस फैसले के बाद पांचवें वेतनमान के कार्मिकों का कुल डीए बढ़कर 483% हो गया है, जबकि छठे वेतनमान के अंतर्गत आने वाले कर्मचारियों का कुल डीए अब 262% की दर से देय होगा।
एरियर और भुगतान का क्या है नियम?
बढ़े हुए महंगाई भत्ते और राहत के भुगतान को लेकर वित्त विभाग ने बिल्कुल स्पष्ट गाइडलाइंस जारी की हैं, जो इस प्रकार हैं:
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सेवारत राज्य कर्मचारियों के लिए: 1 जनवरी 2026 से लेकर 30 अप्रैल 2026 तक की चार महीनों की अवधि का जो भी बकाया (Arrears) बनेगा, उसे कर्मचारियों के संबंधित जीपीएफ (GPF), जीपीएफ-2004 या जीपीएफ-एसएबी (GPF-SAB) अकाउंट में जमा किया जाएगा।
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नियमित वेतन में जुड़ाव: अप्रैल के बाद का यानी मई 2026 से बढ़ा हुआ महंगाई भत्ता कर्मचारियों के मासिक वेतन में जुड़कर सीधे उनके बैंक खातों में आएगा।
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पेंशनर्स के लिए विशेष राहत: राज्य के बुजुर्ग और आश्रित पेंशनभोगियों को 1 जनवरी 2026 से बढ़ी हुई महंगाई राहत (DR) का पूरा बकाया एरियर के रूप में सीधे नगद (Cash) दिया जाएगा।
'आपणो अग्रणी राजस्थान' के विजन पर काम
सरकारी सूत्रों के अनुसार, प्रदेश की वर्तमान सरकार अपने सुशासन (Good Governance) के संकल्प और 'आपणो अग्रणी राजस्थान' के विजन को ध्यान में रखकर काम कर रही है। राज्य सरकार का मानना है कि सरकारी मशीनरी को सुचारू रूप से चलाने वाले कर्मचारियों और जीवनभर राज्य की सेवा करने वाले पेंशनर्स का आर्थिक कल्याण सुनिश्चित करना सरकार की प्राथमिक जिम्मेदारी है। इसी कटिबद्धता के तहत यह वित्तीय राहत प्रदान की गई है।
Disclaimer (अस्वीकरण):
यह समाचार रिपोर्ट राजस्थान सरकार के वित्त विभाग द्वारा जारी आधिकारिक घोषणा और प्रशासनिक स्वीकृति के आधार पर तैयार की गई है। इसका उद्देश्य आमजन और कर्मचारियों तक केवल सूचना पहुंचाना है। तकनीकी या वित्तीय विसंगति की स्थिति में राजस्थान सरकार के वित्त विभाग के मूल आदेश ही अंतिम और सर्वमान्य होंगे।
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