लखनऊ: परीक्षा घोटालों और NEET-UG पेपर लीक के खिलाफ सड़क पर उतरे छात्र, CJP संस्थापक अभिजीत दीपके ने ईको गार्डन पहुंचकर दिया समर्थन
लखनऊ: देशभर में प्रतियोगी परीक्षाओं में हो रही धांधली और कथित पेपर लीक के विरोध में युवाओं का गुस्सा बढ़ता जा रहा है। इसी कड़ी में उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के ईको गार्डन में NEET-UG 2026, SSC GD और UPPSC जैसी परीक्षाओं के खिलाफ छात्रों का धरना प्रदर्शन जारी है। छात्रों के इस आंदोलन को तब नई ऊर्जा मिली, जब 'कॉकरोच जनता पार्टी' (CJP) के 30 वर्षीय संस्थापक अभिजीत दीपके गुरुवार देर रात लखनऊ पहुंचे और इस शांतिपूर्ण धरने का हिस्सा बने।
NEET-UG 2026: क्या है पूरा विवाद?
बीती 3 मई को आयोजित हुई NEET परीक्षा उस वक्त विवादों के घेरे में आ गई, जब एक लीक हुए 'गेस पेपर' से परीक्षा के 120 सवाल हूबहू मैच होने का आरोप लगा। इस भारी अनियमितता के उजागर होने के बाद परीक्षा को रद्द कर दिया गया था और फिलहाल केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) इस पूरे मामले की गहनता से जांच कर रही है। इस जांच में कई बड़े कोचिंग संस्थानों की भूमिका भी संदिग्ध पाई गई है।
छात्रों की प्रमुख मांगें:
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NEET परीक्षा का पुनः आयोजन (Re-exam) किया जाए।
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केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान अपने पद से इस्तीफा दें।
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परीक्षा प्रणाली में पूर्ण पारदर्शिता लाई जाए और दोषियों पर सख्त कानूनी कार्रवाई हो।
'अनुमति नहीं मिली तो खुद थाने जाऊंगा': अभिजीत दीपके
लखनऊ एयरपोर्ट पहुंचने के बाद से ही अभिजीत दीपके एक्शन मोड में नजर आए। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' (पूर्व में ट्विटर) पर उनके आगमन का एक वीडियो साझा किया गया था। अपने रुख को स्पष्ट करते हुए दीपके ने कहा कि वे ईको गार्डन में शिक्षा मंत्री के खिलाफ शांतिपूर्ण प्रदर्शन में हिस्सा लेने आए हैं। उन्होंने प्रशासन को कड़ा संदेश देते हुए कहा, "यदि स्थानीय पुलिस प्रशासन युवाओं को शांतिपूर्ण प्रदर्शन की अनुमति देने से इनकार करता है, तो मैं व्यक्तिगत रूप से पुलिस स्टेशन जाऊंगा और अनुमति देने का आग्रह करूंगा।"
CJP Founder @abhijeet_dipke arrives at Lucknow Airport to participate in a peaceful protest at Eco Garden today against the Education Minister Dharmendra Pradhan.
— Cockroach is Back (@Cockroachisback) June 12, 2026
If the local police admin refuses permission to the youth, he will personally go to the police station and request…
क्या है 'कॉकरोच जनता पार्टी' (CJP) और उसका उद्देश्य?
मई 2026 में स्थापित CJP का जन्म एक विवादित बयान के विरोध में हुआ था, जिसमें कथित तौर पर मुख्य न्यायाधीश (CJI) द्वारा बेरोजगार युवाओं को "कॉकरोच" कहा गया था। इस टिप्पणी को अपनी ताकत बनाते हुए युवाओं ने इस पार्टी का गठन किया। वर्तमान में CJP शिक्षा व्यवस्था की खामियों, पेपर लीक और बढ़ती युवा बेरोजगारी के खिलाफ पूरे देश में एक जन-आंदोलन का नेतृत्व कर रही है। दिल्ली के जंतर-मंतर और पुणे में सफल प्रदर्शन के बाद अब इस आंदोलन का विस्तार लखनऊ, अमृतसर, हैदराबाद, बेंगलुरु और जयपुर जैसे शहरों तक हो रहा है।
आंदोलन का वर्तमान रुख और जमीनी हकीकत
यह पूरा छात्र आंदोलन डिजिटल युग की ताकत का एक बेहतरीन उदाहरण है, जिसे मुख्य रूप से व्हाट्सएप (WhatsApp) ग्रुप्स के जरिए संगठित किया गया है। हालांकि, धरने पर बैठे कुछ स्थानीय छात्रों के मन में यह आशंका भी है कि CJP जैसे राजनीतिक संगठन के जुड़ने से उनका यह शुद्ध छात्र आंदोलन राजनीतिक रंग (Politicize) न ले ले।
इन चिंताओं और भारी पुलिस बल की तैनाती के बावजूद, फिलहाल ईको गार्डन में प्रदर्शन पूरी तरह से शांतिपूर्ण तरीके से चल रहा है। प्रशासन और स्थानीय पुलिस स्थिति पर पैनी नजर बनाए हुए है, जबकि दीपके की मौजूदगी ने निस्संदेह इस युवा हुंकार को राष्ट्रीय पटल पर और अधिक मजबूती प्रदान की है।
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