दौसा पुलिस टीम को बड़ी कामयाबी: 10 साल पुराने केस का खुलासा करने पर मिलेगा ₹25,000 का नकद इनाम
जयपुर, 02 जून 2026
राजस्थान पुलिस की अपराध शाखा (CID-Crime) ने करीब एक दशक पुराने (वर्ष 2016) संवेदनशील मामले को सुलझाने वाली पुलिस टीम के लिए नकद पुरस्कार की घोषणा की है। अतिरिक्त महानिदेशक पुलिस (सीआईडी-अपराध) राजस्थान, श्री बिपिन कुमार पांडेय द्वारा जारी आधिकारिक आदेश के अनुसार, इस केस को तार्किक अंजाम तक पहुंचाने वाले जांबाज पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों को कुल ₹25,000 की प्रोत्साहन राशि वितरित की जाएगी।
लंबे समय से लंबित मामलों के निस्तारण से न केवल पुलिस की कार्यप्रणाली में जनता का भरोसा मजबूत होता है, बल्कि यह न्याय व्यवस्था की जवाबदेही को भी प्रदर्शित करता है।
क्या था पूरा मामला?
यह मामला दौसा जिले के सदर थाना क्षेत्र में वर्ष 2016 में दर्ज एफआईआर संख्या 145/2016 (भारतीय दंड संहिता की धारा 365 - अपहरण) से जुड़ा हुआ था। इसमें शाहजानपुर (ग्राम व पोस्ट राहुवास, पुलिस थाना रामगढ़ पचवारा, जिला दौसा) के निवासी श्री रामप्रताप मीणा के पुत्र श्री सुरेश मीणा लापता हो गए थे।
इस पेचीदा मामले की गहन जांच करते हुए पुलिस टीम ने न केवल गुमशुदा युवक को सुरक्षित दस्तयाब (बरामद) किया, बल्कि लंबे समय से अनसुलझे इस प्रकरण का पूरी तरह भंडाफोड़ भी किया।
पुरस्कृत होने वाले पुलिस अधिकारी और कर्मचारी
विभाग द्वारा जारी आदेश के अनुसार, मानव तस्करी विरोधी यूनिट (AHTU) और पुलिस अधीक्षक कार्यालय, दौसा से जुड़े चार पुलिसकर्मियों को उनकी उत्कृष्ट सेवा और सूझबूझ के लिए ₹6,250 — ₹6,250 की बराबर नकद प्रोत्साहन राशि प्रदान की जाएगी। सम्मानित होने वाले अधिकारियों की सूची इस प्रकार है:
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श्री दीपक कुमार: सहायक उपनिरीक्षक (ASI) एवं प्रभारी, मानव तस्करी विरोधी यूनिट।
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श्री नवीन कुमार: हेड कांस्टेबल, एसटी-एससी सेल।
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श्री लक्ष्मीकांत: हेड कांस्टेबल, पुलिस उप अधीक्षक (DSP) कार्यालय।
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श्री भगवान सहाय: कांस्टेबल, एसटी-एससी सेल।
पुराने या ठंडे बस्ते में जा चुके मामलों (Cold Cases) को सुलझाना पुलिस प्रशासन की विशेषज्ञता और दृढ़ता को रेखांकित करता है। इस तरह के नीतिगत फैसलों और पुरस्कारों से पुलिस बल का मनोबल बढ़ता है और वे नागरिक सुरक्षा के प्रति अधिक समर्पित होकर कार्य करते हैं।
Disclaimer (अस्वीकरण): यह समाचार लेख राजस्थान पुलिस मुख्यालय (सीआईडी-अपराध शाखा) द्वारा 2 जून 2026 को जारी आधिकारिक आदेश और सार्वजनिक सूचनाओं के आधार पर तैयार किया गया है। इसका उद्देश्य केवल जनहित में पुलिस विभाग की सकारात्मक पहलों और प्रशासनिक निर्णयों की तथ्यात्मक जानकारी साझा करना है। इस मामले या विभागीय पुरस्कारों से जुड़ी किसी भी कानूनी और आधिकारिक पुष्टि के लिए राजस्थान पुलिस की आधिकारिक वेबसाइट (police.rajasthan.gov.in) का अवलोकन करें।
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