करौली किशोर गृह में विधिक सेवा प्राधिकरण का औचक निरीक्षण; गंदगी और बिना एक्सपायरी डेट के खाद्य सामग्री मिलने पर सचिव सख्त
करौली, 1 जून 2026: राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण (jaipur) के दिशा-निर्देशानुसार सोमवार को करौली में एक बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई देखने को मिली। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव तथा अपर जिला एवं सेशन न्यायाधीश श्री प्रताप सिंह मीना ने 'राजकीय संप्रेषण एवं किशोर गृह' का औचक निरीक्षण (Surprise Inspection) किया। इस औचक कार्रवाई के दौरान गृह की व्यवस्थाओं में कई गंभीर कमियां और लापरवाही सामने आईं, जिस पर सचिव ने सख्त रुख अपनाते हुए मौके पर ही सुधार के कड़े निर्देश जारी किए।
बच्चों से सीधा संवाद: अधिकारों और मुफ्त विधिक सहायता की दी जानकारी
निरीक्षण के दौरान किशोर गृह में विधि से संघर्षरत (कानूनी मामलों में उलझे) 9 बालक उपस्थित मिले। न्यायाधीश प्रताप सिंह मीना ने संवेदनशीलता दिखाते हुए इन बच्चों से आमने-सामने बैठकर बातचीत की।
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समस्याओं की पड़ताल: उन्होंने बच्चों से उनकी समस्याओं, खान-पान और वहां मिलने वाली सुविधाओं के बारे में फीडबैक लिया।
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अधिकारों के प्रति जागरूकता: बच्चों को उनके कानूनी अधिकारों और सरकार द्वारा दी जाने वाली निःशुल्क विधिक सहायता के बारे में विस्तार से बताया गया।
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हेल्पलाइन नंबर: बच्चों को विधिक सेवा प्राधिकरण और एलएडीसी (LADC) की कार्यप्रणाली के साथ-साथ नालसा (NALSA) हेल्पलाइन नंबर 15100 की जानकारी भी दी गई, ताकि वे जरूरत पड़ने पर मदद ले सकें।
निरीक्षण में सामने आईं गंभीर कमियां: रसोईघर और स्टोर में मिली गंदगी
जब प्राधिकरण के सचिव ने गृह की मूलभूत सुविधाओं, शौचालयों, मेडिकल रूम, भोजन व्यवस्था और रसोईघर का बारीकी से जायजा लिया, तो वहां कई खामियां उजागर हुईं:
लापरवाही के मुख्य बिंदु:
बिना मियाद की सामग्री: रसोई घर में रखे आटे के कट्टों (बोरी) पर मैन्युफैक्चरिंग या एक्सपायरी डेट (मियाद अवधि) अंकित नहीं पाई गई, जो बच्चों के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ है।
फ्रिज और स्टोर रूम में गंदगी: खाद्य सामग्री रखने वाले कक्ष (पेंट्री) में साफ-सफाई का भारी अभाव मिला। साथ ही, रसोई में रखा रेफ्रिजरेटर (फ्रिज) भी बेहद गंदा और असुरक्षित पाया गया।
इस अव्यवस्था पर नाराजगी जताते हुए सचिव ने गृह के अधीक्षक को तत्काल व्यवस्थाएं सुधारने और भविष्य में ऐसी लापरवाही न दोहराने की सख्त हिदायत दी।
भीषण गर्मी में नवजातों की सुरक्षा को लेकर विशेष निर्देश
किशोर गृह के निरीक्षण के साथ ही न्यायाधीश ने परिसर में संचालित 'विशेष दत्तक ग्रहण एजेंसी' (Special Adoption Agency) का भी रुख किया। वहां रह रहे नवजात शिशुओं (Newborns) के स्वास्थ्य और उनके रहने के इंतजामों की जांच की गई। राज्य में चल रही भीषण गर्मी के मौसम को देखते हुए उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि नवजातों की देखभाल में कोई कसर न छोड़ी जाए और उनके कमरों में ठंडक व चिकित्सा के पुख्ता इंतजाम रखे जाएं।
इस मौके पर संप्रेषण गृह के अधीक्षक आशीष बंसल, बाल कल्याण समिति के सदस्य दिलीप मीना, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के निजी सहायक मानवेंद्र सिंह सहित किशोर गृह का अन्य स्टाफ मौजूद रहा।
Disclaimer (अस्वीकरण): यह समाचार लेख सूचना एवं जनसम्पर्क कार्यालय, करौली (राजस्थान सरकार) द्वारा जारी आधिकारिक प्रेस विज्ञप्ति और सार्वजनिक सूचनाओं के आधार पर तैयार किया गया है। इसका उद्देश्य न्यायिक एवं प्रशासनिक सुधारों से जुड़ी जानकारियों को आम जनता तक निष्पक्ष रूप से पहुंचाना है।
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