रीको की शानदार पहल: औद्योगिक क्षेत्रों में मिलेंगी खेल सुविधाएं, युवाओं के लिए 'प्लग एंड प्ले' मॉडल की शुरुआत
जयपुर: राजस्थान में औद्योगिक विकास को रफ्तार देने और कार्यस्थलों (Workplaces) को कर्मचारियों के लिए बेहतर बनाने के उद्देश्य से रीको (RIICO) ने एक बेहतरीन पहल की है। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के निर्देशों पर अमल करते हुए, रीको अब औद्योगिक क्षेत्रों में न सिर्फ उद्योग लगाने की प्रक्रिया को आसान बना रहा है, बल्कि वहां खेलकूद की सुविधाएं भी विकसित कर रहा है।
हाल ही में रीको ने ई-बिडिंग के माध्यम से रेंटल बेसिस (किराये पर) 15 भूखंडों का आवंटन किया है। इनमें से 12 भूखंड खेल सुविधाओं के विकास के लिए और 3 भूखंड ‘प्लग एंड प्ले’ (Plug and Play) मॉडल के लिए दिए गए हैं।
आइए, इस नई पहल की खास बातों को विस्तार से समझते हैं:
युवाओं के लिए वरदान: 'प्लग एंड प्ले' मॉडल
अक्सर नए उद्यमियों और स्टार्टअप्स को जमीन खरीदने और उस पर निर्माण करने में अपना काफी समय और पैसा खर्च करना पड़ता है। इस समस्या को दूर करने के लिए रीको ने 'प्लग एंड प्ले' सुविधा शुरू की है। इसका मतलब है कि उद्यमियों को बना-बनाया इंफ्रास्ट्रक्चर मिलेगा, जहां वे जाते ही अपना काम या उत्पादन शुरू कर सकते हैं।
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कहां मिले हैं भूखंड? प्लग एंड प्ले सुविधा के लिए जयपुर के सीतापुरा फेज-तृतीय, जोधपुर के बोरानाडा स्थित एग्रो फूड पार्क और कोटा के एग्रो फूड पार्क (रानपुर) में 3 भूखंड आवंटित किए गए हैं। इससे युवाओं को बिना किसी शुरुआती निर्माण बाधा के अपना बिजनेस शुरू करने का मौका मिलेगा।
कर्मचारियों की फिटनेस का रखा गया ध्यान: 12 भूखंडों पर बनेंगे स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स
औद्योगिक क्षेत्रों में काम करने वाले लोगों के शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य को बढ़ावा देने के लिए 10 अलग-अलग जिलों में 12 भूखंडों को सिर्फ खेल सुविधाओं के लिए आवंटित किया गया है।
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इन क्षेत्रों में विकसित होंगी खेल सुविधाएं:
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जयपुर: सीतापुरा फेज-तृतीय, अपैरल पार्क और बगरू (छितरौली)
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कोटा: इंद्रप्रस्थ औद्योगिक क्षेत्र
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जोधपुर: बोरानाडा
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अलवर (खैरथल-तिजारा): भिवाड़ी (कारोली)
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अन्य जिले: सिरोही का आबू रोड (अर्बुदा), झुंझुनू-द्वितीय, अजमेर का किशनगढ़, पाली फेज-IV, सवाई माधोपुर का खेरड़ा और सीकर का रींगस विस्तार।
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रीको को होगी करोड़ों की आय, 15 साल के लिए हुआ आवंटन
इस ई-बिडिंग प्रक्रिया से न केवल उद्योगों को फायदा होगा, बल्कि सरकारी खजाने में भी वृद्धि होगी।
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इन सभी 15 भूखंडों का कुल क्षेत्रफल लगभग 9 एकड़ है।
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रेंटल बेसिस पर दिए गए इन भूखंडों से रीको को हर साल लगभग 2.28 करोड़ (228 लाख) रुपये का किराया प्राप्त होगा।
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यह आवंटन शुरुआती तौर पर 15 वर्षों के लिए किया गया है। संतोषजनक संचालन होने पर नियमों के अनुसार इसे आगे 10 वर्षों के लिए और बढ़ाया जा सकेगा।
रीको का यह कदम राजस्थान में ईज ऑफ डूइंग बिजनेस (Ease of Doing Business) को मजबूत करेगा। इससे न केवल प्रदेश में नए रोजगार के अवसर पैदा होंगे, बल्कि औद्योगिक क्षेत्रों में काम करने का एक स्वस्थ और आधुनिक माहौल भी तैयार होगा।
Disclaimer (अस्वीकरण): यह समाचार लेख रीको (राजस्थान स्टेट इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट एंड इन्वेस्टमेंट कॉरपोरेशन) और राज्य सरकार द्वारा 1 जून 2026 को जारी की गई आधिकारिक जानकारी पर आधारित है। इसका उद्देश्य पाठकों और युवा उद्यमियों को सरकार की नई औद्योगिक नीतियों से अवगत कराना है। भूखंडों के आवंटन और नियमों से जुड़ी आधिकारिक व विस्तृत जानकारी के लिए पाठकों को रीको की आधिकारिक वेबसाइट पर जाने की सलाह दी जाती है।
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