राजस्थान में निवेश का शानदार माहौल: एक महीने में 6,100 से अधिक औद्योगिक आवेदनों को मिली मंजूरी, जयपुर सबसे आगे
जयपुर: राजस्थान अब देश और दुनिया के निवेशकों के लिए एक पसंदीदा गंतव्य (Investment Destination) बनता जा रहा है। राज्य में व्यापार करना अब पहले से कहीं अधिक आसान हो गया है। 'ईज ऑफ डूइंग बिजनेस' (Ease of Doing Business) को बढ़ावा देने के लिए राज्य सरकार द्वारा शुरू किए गए 'डी-रेग्यूलेशन फेज-1' (De-regulation Phase-1) के बेहद सकारात्मक परिणाम सामने आने लगे हैं। 'विकसित राजस्थान' और 'राइजिंग राजस्थान' की परिकल्पना अब धरातल पर उतरती दिख रही है।
मुख्य सचिव कार्यालय के अंतर्गत गठित 'डिरेगुलेशन सेल' ने हाल ही में अपनी अप्रैल महीने की प्रगति रिपोर्ट जारी की है, जो राज्य में बढ़ते निवेश और सुधरती प्रशासनिक व्यवस्था की गवाही दे रही है।
राज निवेश पोर्टल पर दिखा बंपर उछाल रिपोर्ट के अनुसार, निवेशकों की सुविधा के लिए बनाए गए 'राज निवेश पोर्टल' पर अप्रैल माह में कुल 9,010 निवेश आवेदन प्राप्त हुए। इनमें से प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई करते हुए 6,103 आवेदनों को अपनी मंजूरी दे दी है। इस प्रकार, राज्य में आवेदनों की स्वीकृति दर 67.7 प्रतिशत रही, जो एक बड़ी प्रशासनिक उपलब्धि मानी जा रही है।
जयपुर सबसे आगे, कोटा और हनुमानगढ़ की कार्यकुशलता शानदार आवेदनों की संख्या और स्वीकृति के मामले में राजधानी जयपुर ने राज्य में पहला स्थान हासिल किया है। जयपुर में कुल 1,932 आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें से 1,351 को हरी झंडी दे दी गई।
वहीं, अगर निस्तारण दक्षता (Disposal Efficiency) की बात करें, तो कोटा और हनुमानगढ़ ने बेहतरीन प्रदर्शन किया है। कोटा में 83.8 प्रतिशत और हनुमानगढ़ में 82.5 प्रतिशत आवेदनों को त्वरित स्वीकृति मिली है। इसके अलावा बारां, भीलवाड़ा, चित्तौड़गढ़, टोंक, उदयपुर और जालोर जैसे जिलों में भी यह स्वीकृति दर 70 प्रतिशत से अधिक रही है। जोधपुर, सीकर, अजमेर, बीकानेर, अलवर और चूरू जैसे प्रमुख शहरों ने भी इस निवेश अभियान में सक्रिय भागीदारी निभाई है।
इन नए सेक्टर्स में बढ़ रहा है निवेशकों का रुझान निवेशकों का ध्यान अब केवल पारंपरिक उद्योगों तक सीमित नहीं है। राज्य में उभरते हुए सेक्टर्स में भारी निवेश आ रहा है:
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नए उभरते क्षेत्र: आयुष, एग्रो-प्रोसेसिंग, रक्षा (डिफेंस) और शिक्षा के क्षेत्र में निवेशकों ने गहरी रुचि दिखाई है।
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पर्यटन एवं आतिथ्य (Tourism & Hospitality): इस सेक्टर में सबसे ज्यादा प्रस्तावित निवेश दर्ज किया गया है, जिसमें जयपुर, उदयपुर, पाली, राजसमंद और सीकर जिलों का प्रमुख योगदान है।
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इंजीनियरिंग और नवीकरणीय ऊर्जा: अलवर तथा कोटपूतली-बहरोड़ में इंजीनियरिंग उद्योग पनप रहे हैं, जबकि पूरे राज्य में नवीकरणीय (Renewable) ऊर्जा परियोजनाओं के लिए आवेदन आ रहे हैं।
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वेस्ट मैनेजमेंट और टेक्सटाइल: अजमेर व भीलवाड़ा में वेस्ट मैनेजमेंट तथा जोधपुर में टेक्सटाइल (कपड़ा) उद्योग में निवेशकों की खासी दिलचस्पी देखने को मिली है।
क्या कहते हैं मुख्य सचिव? राज्य के मुख्य सचिव श्री वी. श्रीनिवास ने इस प्रगति पर संतोष व्यक्त करते हुए कहा कि सरकार प्रक्रियाओं के सरलीकरण और समयबद्ध निस्तारण पर लगातार जोर दे रही है। एक 'इन्वेस्टर फ्रेंडली एप्रोच' (निवेशक हितैषी दृष्टिकोण), विभागों के बीच बेहतर समन्वय और विकेन्द्रीकृत प्रणाली के कारण ही छोटे जिलों से लेकर बड़े निवेश केंद्रों तक, मामलों का तेजी से निपटारा हो रहा है।
अस्वीकरण (Disclaimer): यह समाचार लेख आधिकारिक प्रेस विज्ञप्ति और मुख्य सचिव कार्यालय के 'डिरेगुलेशन सेल' द्वारा जारी रिपोर्ट पर आधारित है। सरकारी नीतियों, निवेश के आंकड़ों और स्वीकृति दर में प्रशासनिक निर्णयों के अनुसार बदलाव संभव है। पाठकों और निवेशकों को सलाह दी जाती है कि वे किसी भी प्रकार का व्यावसायिक या वित्तीय निर्णय लेने से पहले 'राज निवेश पोर्टल' (Raj Nivesh Portal) या संबंधित सरकारी विभाग की आधिकारिक वेबसाइट से तथ्यों की पुष्टि अवश्य कर लें।
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