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पद्म सम्मान 2026: राजस्थान की तीन हस्तियों को मिला 'पद्म श्री', राष्ट्रपति ने किया सम्मानित

By समाचार कक्ष 🕒 25 May 2026 👁️ 18 Views ⏳ 1 Min Read
पद्म सम्मान 2026: राजस्थान की तीन हस्तियों को मिला 'पद्म श्री', राष्ट्रपति ने किया सम्मानित

नई दिल्ली/जयपुर:

राष्ट्रपति भवन में आयोजित गरिमामय 'पद्म पुरस्कार सम्मान समारोह 2026' में राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मू ने देश की नामचीन हस्तियों को पद्म पुरस्कारों से नवाजा। इस वर्ष के समारोह में राजस्थान की तीन विशिष्ट हस्तियों को कला, लोक संस्कृति और समाज सेवा के क्षेत्र में उनके उत्कृष्ट योगदान के लिए देश के चौथे सर्वोच्च नागरिक सम्मान 'पद्म श्री' से सम्मानित किया गया है।

राजस्थान के गौरव: पद्म श्री प्राप्तकर्ता

1. श्री गफरुद्दीन मेवाती जोगी (कला - लोक संगीत)

डीग जिले के रहने वाले श्री गफरुद्दीन मेवाती जोगी को मेवाती लोक संगीत और पारंपरिक भपंग वादन को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने के लिए पद्म श्री प्रदान किया गया है।

विशेषज्ञता: वे भपंग के साथ-साथ अलगोजा, चिकारा और जोगी सारंगी सहित करीब 12 पारंपरिक लोक वाद्य यंत्रों में निपुण हैं।

वैश्विक पहचान: उन्होंने लंदन, पेरिस और कनाडा जैसे देशों में अपनी कला का प्रदर्शन कर भारतीय लोक संगीत का परचम लहराया है। वे पूर्व में 'संगीत नाटक अकादमी पुरस्कार' से भी सम्मानित हो चुके हैं।

2. श्री तगाराम भील (कला - लोक कला)

जैसलमेर निवासी श्री तगाराम भील को आदिवासी लोक कला को सहेजने और अलगोजा वादन में महारत के लिए पद्म श्री सम्मान से नवाजा गया है।

कला साधना: तीन दशकों से अधिक समय से वे आदिवासी लोक संगीत परंपरा को आगे बढ़ा रहे हैं। वे स्वयं पारंपरिक वाद्य यंत्रों का निर्माण भी करते हैं।

अंतरराष्ट्रीय मंच: फ्रांस, अमेरिका, जापान और रूस जैसे देशों में अपनी प्रस्तुतियों और कार्यशालाओं के माध्यम से उन्होंने राजस्थान की आदिवासी लोक कला को वैश्विक पहचान दिलाई है।

3. स्वामी ब्रह्मदेव जी महाराज (समाज सेवा)

श्रीगंगानगर के स्वामी ब्रह्मदेव जी महाराज को शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में उनके निस्वार्थ समाज कल्याण कार्यों के लिए पद्म श्री प्रदान किया गया है।

संस्थान: उन्होंने 'श्री जगदंबा अंधविद्यालय' की स्थापना की, जो दृष्टिबाधित और श्रवण बाधित बच्चों को निःशुल्क शिक्षा और छात्रावास की सुविधा प्रदान करता है।

स्वास्थ्य सेवा: उनके द्वारा स्थापित 'श्री जगदंबा धर्मार्थ नेत्र चिकित्सालय' पिछले दो दशकों से जरूरतमंदों को मुफ्त नेत्र जांच और उपचार उपलब्ध करा रहा है।

प्रदेश में हर्ष का माहौल

राजस्थान की इन तीन विभूतियों को मिले इस सर्वोच्च सम्मान पर पूरे प्रदेश में खुशी की लहर है। कला के संरक्षण और समाज सेवा के प्रति उनकी प्रतिबद्धता संपूर्ण देश के लिए प्रेरणा का स्रोत बनी है।

डिस्क्लेमर (Disclaimer): यह समाचार लेख आधिकारिक प्रेस विज्ञप्तियों और जनसंपर्क विभाग के इनपुट्स पर आधारित है। पद्म पुरस्कारों की आधिकारिक सूची और अन्य विस्तृत जानकारी के लिए भारत सरकार के आधिकारिक पद्म पुरस्कार पोर्टल (padmaawards.gov.in) को देखें।

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