करौली: गंभीर अनियमितताओं पर हिण्डौन सिटी के मेडिकल स्टोर का लाइसेंस निलंबित, बिना डॉक्टर की पर्ची के बिक रही थीं दवाएं
करौली, 1 जून 2026: मरीजों की जान के साथ खिलवाड़ करने वाले और बिना उचित मापदंडों के दवाइयां बेचने वाले मेडिकल स्टोर्स पर प्रशासन ने सख्ती शुरू कर दी है। करौली जिले के हिण्डौन सिटी में भारी अनियमितताएं मिलने पर औषधि नियंत्रण विभाग (Drug Control Department) ने एक मेडिकल स्टोर के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करते हुए उसका लाइसेंस निलंबित कर दिया है।
अनुज्ञापन प्राधिकारी एवं सहायक औषधि नियंत्रक श्री चन्द्र प्रकाश जाटव ने बताया कि हिण्डौन सिटी में बायपास रोड (क्यारदा खुर्द, पेट्रोल पंप के सामने) स्थित 'प्रेम मेडिकल एंड जनरल स्टोर' का अनुज्ञा पत्र (लाइसेंस) 8 जून से 10 जून 2026 तक (तीन दिनों के लिए) निलंबित कर दिया गया है।
औचक निरीक्षण में खुली पोल
क्षेत्र में सुरक्षित और शुद्ध दवाओं की आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए विभाग द्वारा निरंतर निरीक्षण अभियान चलाया जा रहा है। इसी अभियान के तहत औषधि निरीक्षक श्री विनीत कुमार मित्तल ने इस मेडिकल स्टोर का औचक निरीक्षण किया था। जांच के दौरान फर्म में नियमों की धज्जियां उड़ती हुई पाई गईं।
मेडिकल स्टोर में पाई गईं ये गंभीर खामियां:
निरीक्षण के दौरान टीम को निम्नलिखित गंभीर स्तर की अनियमितताएं मिलीं, जिसके आधार पर यह निलंबन की कार्रवाई की गई:
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फार्मासिस्ट नदारद: जांच के दौरान मौके पर कोई भी रजिस्टर्ड फार्मासिस्ट उपस्थित नहीं मिला, जो कि नियमों का सीधा उल्लंघन है।
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बिना पर्ची के दवाइयों की बिक्री: मेडिकल स्टोर संचालक द्वारा बिना डॉक्टर के प्रिस्क्रिप्शन (पर्ची) के मरीजों को दवाइयां बेची जा रही थीं।
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शेड्यूल H और H1 दवाओं में लापरवाही: नींद, दर्द और एंटीबायोटिक जैसी गंभीर श्रेणी की शेड्यूल H और H1 दवाएं बिना फार्मासिस्ट की मौजूदगी और बिना डॉक्टर की पर्ची के बेची जा रही थीं।
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रजिस्टर और रिकॉर्ड मेंटेनेंस नहीं: लाइसेंसधारी ने शेड्यूल H1 दवाओं की बिक्री का अनिवार्य रजिस्टर भी संधारित (Maintain) नहीं किया था।
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बिना बिल के बिक्री: जांच में यह भी सामने आया कि ग्राहकों को बिना पक्के बिल के दवाइयां बेची जा रही थीं।
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औषधि निरीक्षण पुस्तिका गायब: निरीक्षण के समय स्टोर संचालक नियमानुसार अनिवार्य 'औषधि निरीक्षण पुस्तिका' (फॉर्म 35) प्रस्तुत करने में भी विफल रहा।
लापरवाही बिल्कुल बर्दाश्त नहीं
सहायक औषधि नियंत्रक ने स्पष्ट किया कि इन भारी खामियों को देखते हुए औषधि एवं प्रसाधन सामग्री नियम 1945 के नियम 66 के तहत प्रदत्त शक्तियों का उपयोग करते हुए यह लाइसेंस सस्पेंड किया गया है। उन्होंने चेतावनी दी है कि आमजन के स्वास्थ्य से जुड़ी दवाओं के रख-रखाव और बिक्री में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। जो भी फर्म नियमों का उल्लंघन करेगी, उसके खिलाफ भविष्य में भी ऐसी ही सख्त कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
Disclaimer (अस्वीकरण): यह समाचार सूचना एवं जनसम्पर्क कार्यालय, करौली (राजस्थान सरकार) द्वारा जारी आधिकारिक प्रेस विज्ञप्ति पर आधारित है। यह जानकारी केवल जन-जागरूकता और आम जनता को प्रशासनिक कार्रवाइयों से अवगत कराने के उद्देश्य से प्रकाशित की गई है।
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