भीलवाड़ा: त्रिवेणी संगम पर 'वंदे गंगा जल संरक्षण जन अभियान' का भव्य आगाज, जल संचय के लिए एकजुट हुआ प्रदेश
भीलवाड़ा, राजस्थान:
भीलवाड़ा के ऐतिहासिक त्रिवेणी संगम पर उपमुख्यमंत्री एवं जिला प्रभारी मंत्री श्री प्रेमचंद बैरवा के मुख्य आतिथ्य में "वंदे गंगा जल संरक्षण जन अभियान-2026" का जिला स्तरीय शुभारंभ हुआ। मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा के आह्वान पर 25 मई से 5 जून तक पूरे प्रदेश में संचालित होने वाले इस अभियान का मुख्य उद्देश्य जल संरक्षण को एक जन-आंदोलन का स्वरूप देना है।
धार्मिक अनुष्ठानों के साथ अभियान की शुरुआत
कार्यक्रम की शुरुआत वैदिक मंत्रोच्चार, पारंपरिक जल पूजन, भव्य कलश यात्रा और जलाभिषेक के साथ हुई। उपमुख्यमंत्री श्री बैरवा ने इस अवसर पर पीपल पूजन किया और पौधारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया।
जल संरक्षण: एक सांस्कृतिक और नैतिक जिम्मेदारी
उपमुख्यमंत्री श्री बैरवा ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि राजस्थान वीरों की भूमि के साथ-साथ प्रकृति को पूजने वाली संस्कृति का वाहक है।
ऐतिहासिक विरासत: प्रदेशवासियों ने सदियों से बावड़ियों, तालाबों और कुओं का निर्माण कर जल संरक्षण की जो अनूठी मिसाल पेश की है, वह आज भी प्रासंगिक है।
जीवन का प्रतीक: भारतीय संस्कृति में जल केवल एक भौतिक पदार्थ नहीं, बल्कि जीवन और प्रकृति का आधार है।
अभियान की मुख्य रणनीतियां और लक्ष्य
यह अभियान आगामी 10 दिनों तक निरंतर चलेगा, जिसमें राज्य सरकार के विभिन्न विभाग निम्नलिखित कार्यों को प्राथमिकता देंगे:
मानसून पूर्व तैयारी: वर्षा जल संचयन और नवीन जल संरचनाओं का निर्माण।
पुराने स्रोतों का पुनरुद्धार: परंपरागत जल निकायों की साफ-सफाई और जीर्णोद्धार।
हरियालो राजस्थान: वृक्षारोपण महाअभियान के तहत बड़े पैमाने पर पौधारोपण।
उपमुख्यमंत्री ने इस वैश्विक जल संकट के दौर में जनभागीदारी को अत्यंत आवश्यक बताया। उन्होंने कार्यक्रम में उपस्थित जनसमूह को जल संचय और संरक्षण की शपथ दिलाई और अपील की कि वे इस अभियान को एक व्यक्तिगत जिम्मेदारी समझें।
डिस्क्लेमर (Disclaimer): यह समाचार लेख जनसंपर्क कार्यालय द्वारा जारी आधिकारिक प्रेस विज्ञप्ति पर आधारित है। जल संरक्षण अभियान की दैनिक गतिविधियों और अपने क्षेत्र में आयोजित होने वाले कार्यक्रमों की जानकारी के लिए संबंधित जिला प्रशासन या पंचायत कार्यालय से संपर्क करें।
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