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राजस्थान

उदयपुर: 'ग्रामीण सेवा शिविर 2026' बना वरदान, पहले ही दिन सवा लाख की कृषि सब्सिडी और अटकी पेंशन पाकर खिले ग्रामीणों के चेहरे

द्वारा Bhupendra Singh Sonwal 📅 12 Jun 2026 👁️ 5 व्यूज़ ⏱️ 1 मिनट रीड
उदयपुर: 'ग्रामीण सेवा शिविर 2026' बना वरदान, पहले ही दिन सवा लाख की कृषि सब्सिडी और अटकी पेंशन पाकर खिले ग्रामीणों के चेहरे

उदयपुर, 12 जून 2026: सरकारी दफ्तरों के चक्कर काटने को मजबूर ग्रामीणों के लिए राजस्थान सरकार की पहल एक नई उम्मीद बनकर सामने आई है। उदयपुर जिले में शुरू हुए 'ग्रामीण सेवा शिविर-2026' ने अपने पहले ही दिन यह साबित कर दिया है कि संवेदनशील प्रशासन जब गांव की चौपाल पर पहुंचता है, तो आमजन की बरसों पुरानी समस्याएं मिनटों में सुलझ जाती हैं। शिविर के शुभारंभ पर ही कई किसानों और बुजुर्गों को सरकारी योजनाओं का सीधा लाभ मिला, जिससे उनके चेहरों पर खुशी की लहर दौड़ गई।

आर्थिक तंगी से जूझ रहे शंकरलाल को मिला 1.25 लाख का संबल

खेती को उन्नत बनाने के लिए कृषि यंत्रों की आवश्यकता होती है, लेकिन आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण मावली के लदानी गांव के किसान शंकरलाल इन्हें खरीद नहीं पा रहे थे। मावली में आयोजित शिविर उनके लिए एक बड़ी राहत लेकर आया।

  • त्वरित कार्रवाई: शिविर में मौजूद सहायक कृषि अधिकारी श्री परसराम जाट ने शंकरलाल को राज्य सरकार की 'मल्टीक्रॉप थ्रेशर' और अन्य कृषि यंत्र योजना के बारे में विस्तार से समझाया।

  • हाथों-हाथ अनुदान: मौके पर ही आवेदन तैयार करवाया गया और एडीएम सिटी श्री जितेंद्र ओझा एवं उपखण्ड अधिकारी श्री रमेश सिरवी पुनाड़िया की मौजूदगी में शंकरलाल को 1 लाख 25 हजार रुपये के अनुदान का चेक सौंप दिया गया।

इस त्वरित सहायता पर शंकरलाल ने मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा का हृदय से आभार व्यक्त किया है।

बायोमीट्रिक फेल होने से अटकी थी पेंशन, OTP से हुआ समाधान

ग्राम पंचायत चांदवास का शिविर बुजुर्ग महिलाओं के लिए किसी संजीवनी से कम नहीं रहा।

  • गांव की श्रीमती हरकू, राजूड़ी और सवली की सामाजिक सुरक्षा पेंशन पिछले कई महीनों से इसलिए बंद थी क्योंकि फिंगरप्रिंट और फेस रिकॉग्निशन ऐप से उनका सत्यापन (Verification) नहीं हो पा रहा था।

  • बीडीओ (BDO) ने मामले की गंभीरता को समझते हुए तुरंत तकनीकी टीम को निर्देश दिए। इसके बाद ओटीपी (OTP) आधारित सत्यापन प्रक्रिया का उपयोग किया गया और चंद मिनटों में ही तीनों बुजुर्ग महिलाओं की पेंशन बहाल कर दी गई।

  • इसी ग्राम पंचायत की श्रीमती रामा, वारकी और केशरी को मौके पर ही पेंशन भुगतान आदेश (PPO) भी सौंपे गए।

विवाह पंजीयन से लेकर राजस्व रिकॉर्ड तक में हुआ हाथों-हाथ सुधार

शिविर में केवल कृषि और पेंशन ही नहीं, बल्कि दैनिक प्रशासनिक कार्यों का भी त्वरित निस्तारण किया गया:

  • विवाह प्रमाण पत्र: चांदवास निवासी उदयलाल की विवाह पंजीयन से जुड़ी सभी कागजी औपचारिकताएं मौके पर ही पूरी कर उन्हें उनका विवाह प्रमाण पत्र प्रदान कर दिया गया।

  • नक्शा शुद्धिकरण: ग्राम पंचायत चीरवा में आयोजित शिविर में एक खातेदार राजेश (पुत्र स्व. नारायणलाल मेनारिया) ने जमीन के नक्शे में सुधार की गुहार लगाई। उपखण्ड अधिकारी श्री मनसुख डामोर और नायब तहसीलदार श्री रमेश कुमार राजपुरोहित ने तुरंत संज्ञान लेते हुए राजस्व अभिलेखों में आवश्यक दुरुस्ती करवाकर राजेश को बड़ी राहत पहुंचाई।

निष्कर्ष: 'प्रशासन गांवों के संग' की सार्थक तस्वीर

एक ही छत के नीचे पेंशन चालू होने, पीपीओ मिलने, जमीन के रिकॉर्ड सुधरने और भारी-भरकम सब्सिडी मिलने से ग्रामीणों में भारी उत्साह देखा जा रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यह अभियान मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा की जनहितैषी सोच का स्पष्ट प्रमाण है, जहां सरकार खुद चलकर आम आदमी के दरवाजे पर आ रही है।

Disclaimer (अस्वीकरण): यह समाचार लेख जनहित और सूचना के उद्देश्य से तैयार किया गया है। लेख में उल्लिखित सभी तथ्य, नाम और आंकड़े प्रशासन द्वारा आयोजित ग्रामीण सेवा शिविर के आधिकारिक विवरणों पर आधारित हैं। सरकारी योजनाओं के सटीक नियमों और पात्रता के लिए कृपया संबंधित विभाग की आधिकारिक वेबसाइट या कार्यालय से संपर्क करें।

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Bhupendra Singh Sonwal

भूपेन्द्र सिंह सोनवाल एक प्रखर डिजिटल पत्रकार और भारतीय समाचार मीडिया कंपनी 'मिशन की आवाज' के संस्थापक हैं। वे मुख्य रूप से राजस्थान और देश के अन्य हिस्सों से सामाजिक न्याय, मानवाधिकार, और नीतिगत मामलों पर तीखी और निष्पक्ष रिपोर्टिंग करते हैं। आंकड़ों की तह तक जाना और जमीनी सच को बेबाकी से पेश करना उनकी विशेषता है। तथ्य-आधारित और स्वतंत्र पत्रकारिता के जरिए वे समाज के हर वर्ग तक सही सूचना पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।

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