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राजस्थान

राजस्थान में 'ग्रामीण सेवा शिविर' का आगाज: 12 जून से गांवों में ही होगा सरकारी योजनाओं और समस्याओं का सीधा समाधान

द्वारा Jyoti Singh 📅 11 Jun 2026 👁️ 19 व्यूज़ ⏱️ 1 मिनट रीड
राजस्थान में 'ग्रामीण सेवा शिविर' का आगाज: 12 जून से गांवों में ही होगा सरकारी योजनाओं और समस्याओं का सीधा समाधान

जयपुर: राजस्थान के ग्रामीण इलाकों में रहने वाले नागरिकों के लिए एक बड़ी और राहत भरी खबर है। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के निर्देशानुसार, राज्य भर की ग्राम पंचायतों में 12 जून 2026 से 15 जुलाई 2026 तक "ग्रामीण सेवा शिविर-2026" का भव्य आयोजन किया जा रहा है।

इस महा-अभियान का मुख्य उद्देश्य आमजन की रोजमर्रा की समस्याओं का मौके पर ही त्वरित समाधान करना और राज्य सरकार की जन-कल्याणकारी एवं फ्लैगशिप योजनाओं का सीधा लाभ गांव-ढाणी तक पहुंचाना है।

शिविर का समय और कार्यप्रणाली

नागरिकों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए शिविर का आयोजन सप्ताह के सभी कार्य दिवसों में प्रातः 9:30 बजे से सायं 6:00 बजे तक (अथवा दिन का कार्य समाप्त होने तक) किया जाएगा।

मुख्यमंत्री के स्पष्ट निर्देश हैं कि शिविर में आने वाले प्रत्येक व्यक्ति के काम को उसी दिन पूरा करने का हरसंभव प्रयास किया जाए। यदि कोई कार्य शाम 6 बजे तक लंबित रह जाता है, तो विभागवार उसकी सूची बनाकर समयबद्ध रूप से उसका निस्तारण सुनिश्चित किया जाएगा। इस दौरान सभी संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों की उपस्थिति अनिवार्य की गई है।

एक ही छत के नीचे 22 विभागों की सेवाएं

इन शिविरों में आम नागरिकों को दफ्तरों के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे। राजस्व विभाग को इस अभियान का नोडल विभाग बनाया गया है, जिसके साथ 21 अन्य प्रमुख विभाग मिलकर सेवाएं देंगे:

  • राजस्व एवं पंचायती राज: जमीन के रिकॉर्ड में सुधार, नामांतरण (Mutation), अतिक्रमण हटाना, भूमिहीन किसानों को जमीन का आवंटन, जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र और पट्टा वितरण।

  • चिकित्सा, स्वास्थ्य एवं आयुर्वेद: मातृ-शिशु स्वास्थ्य जांच, कैंसर, सिकल सेल और टीबी स्क्रीनिंग, आयुष्मान भारत कार्ड का वितरण और आयुर्वेद विभाग द्वारा निःशुल्क दवाइयों का वितरण।

  • कृषि एवं पशुपालन: किसानों के लिए प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना की जानकारी, पशु स्वास्थ्य जांच, टीकाकरण और 'मुख्यमंत्री मंगला पशु बीमा योजना' की पॉलिसियों का वितरण।

  • बुनियादी ढांचा (बिजली, पानी, सड़क): ऊर्जा विभाग द्वारा ट्रांसफार्मर और बिजली सप्लाई की समस्याओं का समाधान। जलदाय (PHED) और भू-जल विभाग द्वारा हैंडपंप मरम्मत व पाइपलाइन लीकेज ठीक करना। सार्वजनिक निर्माण विभाग (PWD) द्वारा ग्रामीण सड़कों की मरम्मत।

  • सामाजिक न्याय एवं खाद्य आपूर्ति: पेंशन सत्यापन, पालनहार योजना, राशन (NFSA) से जुड़े मामले, ई-केवाईसी (e-KYC) और जन आधार व आधार सीडिंग का काम।

  • महिला सशक्तिकरण: 'लाडो प्रोत्साहन योजना', 'मातृत्व वंदना योजना' और 'बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ' जैसी योजनाओं के तहत महिलाओं को लाभान्वित करना।

इसके अलावा श्रम, आपदा प्रबंधन, परिवहन, सहकारिता, शिक्षा और सैनिक कल्याण विभाग भी मौके पर ही अपनी सेवाएं प्रदान करेंगे।

डिजिटल मॉनिटरिंग और पारदर्शिता

कार्य में पूरी पारदर्शिता बनाए रखने के लिए सूचना एवं प्रौद्योगिकी (IT) विभाग द्वारा एक विशेष ऑनलाइन पोर्टल तैयार किया गया है। शिविर प्रभारी द्वारा प्रतिदिन किए गए कार्यों की रिपोर्ट इस पोर्टल पर अपडेट की जाएगी।

साथ ही, प्रमाणिकता सुनिश्चित करने के लिए अभियान के दौरान जारी होने वाले सभी दस्तावेजों और प्रमाण-पत्रों पर "ग्रामीण सेवा शिविर-2026" की विशेष मोहर लगाई जाएगी। अभियान की राज्य स्तर पर प्रभावी मॉनिटरिंग के लिए प्रमुख शासन सचिव (राजस्व) के निर्देशन में एक समन्वय प्रकोष्ठ (Coordination Cell) का भी गठन किया गया है।

सरकार ने आम जनता से अपील की है कि वे बड़ी संख्या में अपने नजदीकी ग्राम पंचायत मुख्यालय पर पहुंचकर इन शिविरों का अधिकतम लाभ उठाएं।

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संपादक (Editor)

Jyoti Singh

ज्योति सिंह एक कुशल पत्रकार, शोध विश्लेषक और प्रमुख डिजिटल समाचार मंच मिशन की आवाज़ की सह-संस्थापक हैं। अपने पति भूपेंद्र सिंह सोनवाल (संस्थापक और मुख्य संपादक) के साथ मिलकर काम करते हुए, ज्योति न केवल पर्दे के पीछे एक सहयोगी हैं, बल्कि मीडिया नेटवर्क के विकास की मुख्य सूत्रधार भी हैं। उनकी जीवन कहानी उच्च जोखिम वाली खोजी पत्रकारिता और गहरे पारिवारिक मूल्यों के बीच संतुलन बनाने की एक प्रेरणादायक मिसाल है, जो यह साबित करती है कि एक साझा दृष्टिकोण स्वतंत्र क्षेत्रीय मीडिया में क्रांति ला सकता है।

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