राजस्थान: 12 जून से शुरू होंगे 'शहरी सेवा शिविर-2026', जानिए आमजन को मिलने वाली बड़ी राहत और छूट के बारे में
जयपुर: राजस्थान में शहरी नागरिकों की वर्षों पुरानी समस्याओं के समाधान और उन्हें त्वरित सेवाएं प्रदान करने के लिए राज्य सरकार ने एक बड़ी पहल की है। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा और नगरीय विकास एवं आवासन मंत्री झाबर सिंह खर्रा के कुशल नेतृत्व में प्रदेश भर में 12 जून से 15 जुलाई 2026 तक "शहरी सेवा शिविर-2026" का आयोजन किया जाएगा।
इस महाभियान की तैयारियों को अंतिम रूप देने के लिए गुरुवार को डीएलबी (DLB) मुख्यालय में एक महत्वपूर्ण राज्य स्तरीय बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता नगरीय विकास एवं आवासन विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव आलोक गुप्ता और स्वायत्त शासन विभाग के शासन सचिव रवि जैन ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग (वीसी) के माध्यम से की।
शिविर में होंगे ये अहम काम: साफ-सफाई से लेकर पट्टों तक का समाधान
बैठक में बताया गया कि एक महीने से ज्यादा समय तक चलने वाले इन शिविरों में आमजन से जुड़े विभिन्न कार्य प्रमुखता से किए जाएंगे:
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पट्टे और नियमन: 69-A, 54-E, 50-B, 60-C के तहत पट्टे जारी करना और लीज होल्ड से फ्री होल्ड पट्टे बनाना।
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शहर की आधारभूत संरचना: बड़े पैमाने पर साफ-सफाई, सड़कों की मरम्मत व पैच वर्क, स्ट्रीट लाइट ठीक करना, नालियों, मैनहोल और सीवर लाइन लीकेज की मरम्मत।
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प्रमाण पत्र और एनओसी: जन्म-मृत्यु और विवाह प्रमाण पत्र, फायर NOC, ट्रेड और साइनेज लाइसेंस, सीवर कनेक्शन, ईडब्ल्यूएस (EWS) प्रमाण पत्र और मोबाइल टावर NOC जारी करना।
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फ्लैगशिप योजनाएं: मुख्यमंत्री निशुल्क बिजली योजना, कुसुम योजना सहित विभिन्न जनहित योजनाओं के आवेदन प्राप्त कर उनकी स्वीकृति जारी करना।
आमजन के लिए सरकार की बड़ी घोषणाएं: लीज और ब्याज में भारी छूट
अतिरिक्त मुख्य सचिव श्री आलोक गुप्ता ने इस अभियान के दौरान राज्य सरकार द्वारा दी जाने वाली विशेष रियायतों की जानकारी दी:
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ब्याज पर 100% छूट: वर्ष 2025-26 तक की पिछली बकाया लीज राशि शिविर में एकमुश्त जमा करने पर ब्याज पर शत-प्रतिशत छूट दी जाएगी।
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लीज राशि में 60% की भारी छूट: पिछली बकाया लीज राशि जमा कराने, फ्री होल्ड के लिए 10 वर्ष और लीज मुक्ति के लिए 8 वर्ष की लीज राशि एकमुश्त अग्रिम जमा कराने पर लीज राशि में 60 प्रतिशत की छूट मिलेगी।
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नामान्तरण शुल्क (म्यूटेशन): शिविर के दौरान नामान्तरण शुल्क में 50 प्रतिशत की छूट रहेगी।
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ईडब्ल्यूएस (EWS) व एलआईजी (LIG) को राहत: इन श्रेणियों के आवंटियों द्वारा बकाया किस्तों की एकमुश्त जमा राशि पर ब्याज और पेनाल्टी (शास्ति) में 100% छूट दी जाएगी।
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भूखंडों के नियमों में ढील: लॉटरी से आवंटित आवासीय भूखंडों को 10 वर्ष पूरे होने से पहले बेचने पर लगने वाली पेनाल्टी में 50% की छूट मिलेगी। जिन आवंटियों ने नीलामी/आवंटन राशि पूरी जमा कर दी है, उन्हें बिना ब्याज और पेनाल्टी के पट्टा दिया जाएगा।
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ले-आउट प्लान: नई टाउनशिप पॉलिसी-2024 लागू होने से पहले जिन मामलों में धारा 90-A की कार्रवाई पूरी हो चुकी थी, उनके ले-आउट प्लान पुरानी टाउनशिप पॉलिसी-2010 के अनुसार ही अनुमोदित किए जाएंगे।
"पेंडेंसी बर्दाश्त नहीं, उसी दिन होगा निस्तारण"
शासन सचिव श्री रवि जैन ने अधिकारियों को सख्त निर्देश देते हुए कहा कि राज्य की प्रत्येक नगरीय निकाय और प्राधिकरण में ये शिविर अनिवार्य रूप से लगने चाहिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि:
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लंबित मामलों के साथ-साथ नए आवेदनों का निस्तारण भी उसी दिन शिविर स्थल पर ही किया जाए।
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कोई भी प्रकरण अभियान के बाद लंबित (Pending) नहीं रहना चाहिए।
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यदि अधिकारी किसी आवेदन को रद्द (Reject) करते हैं, तो उन्हें उसका स्पष्ट कारण (स्पष्टीकरण) देना अनिवार्य होगा।
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जनप्रतिनिधियों से संवाद कर स्थानीय समस्याओं का प्राथमिकता से समाधान किया जाए।
इस अहम बैठक में स्वायत्त शासन विभाग के निदेशक श्री प्रतीक जुईकर, मुख्य नगर नियोजक श्रीमती प्रीति गुप्ता सहित सभी नगरीय निकायों और नगरीय विकास न्यास (UIT) के उच्च अधिकारी उपस्थित रहे।
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