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राजस्थान

राजस्थान में पुलिस का 'सड़क सुरक्षा महा-अभियान': 12 दिन में 1 लाख से ज्यादा वाहनों पर बड़ी कार्रवाई, ब्लैक फिल्म और हूटर लगाने वालों पर कसा शिकंजा

राजस्थान में 'सड़क सुरक्षा महा-अभियान' के तहत 12 दिनों में 1 लाख से अधिक वाहनों पर कार्रवाई की गई। ब्लैक फिल्म और हूटर लगाने वालों पर सख्त शिकंजा कसा गया है।
द्वारा Bhupendra Singh Sonwal 📅 16 Jun 2026 👁️ 6 व्यूज़ ⏱️ 1 मिनट रीड
राजस्थान में पुलिस का 'सड़क सुरक्षा महा-अभियान': 12 दिन में 1 लाख से ज्यादा वाहनों पर बड़ी कार्रवाई, ब्लैक फिल्म और हूटर लगाने वालों पर कसा शिकंजा

जयपुर। राजस्थान की सड़कों पर यातायात नियमों की धज्जियां उड़ाने और कानून को हाथ में लेकर रौब झाड़ने वाले वाहन चालकों के खिलाफ राजस्थान पुलिस ने एक बड़ा मोर्चा खोल दिया है। राज्य में सुगम, सुरक्षित और अनुशासित परिवहन व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए महानिदेशक पुलिस (DGP) राजीव कुमार शर्मा के दिशा-निर्देशों पर प्रदेशभर में 'सड़क सुरक्षा महा-अभियान' चलाया जा रहा है। इस सघन अभियान का नेतृत्व डीजी (यातायात) अनिल पालीवाल और एडीजी पुलिस (यातायात) डॉ. बी.एल. मीणा कर रहे हैं। पुलिस मुख्यालय से जारी आंकड़ों के अनुसार, 4 जून से 15 जून 2026 तक महज 12 दिनों के भीतर पुलिस ने राज्यभर में रिकॉर्ड 1,02,878 वाहनों के खिलाफ चालान और जब्ती की सख्त विधिक कार्रवाई को अंजाम दिया है।

इस खबर की मुख्य बातें:

  • रिकॉर्ड तोड़ कार्रवाई: महज 12 दिनों के भीतर पूरे राजस्थान में जीरो टॉलरेंस नीति के तहत 1 लाख से अधिक वाहनों का चालान या जब्ती की गई।

  • ब्लैक फिल्म पर सबसे बड़ा प्रहार: गाड़ियों के शीशों पर अवैध रूप से काली फिल्म लगाने वाले सबसे ज्यादा 39,417 मामले पकड़े गए।

  • जयपुर पश्चिम जिला अव्वल: जिला स्तरीय कार्रवाई में 15 जून को जयपुर पश्चिम 470 कार्यवाहियों के साथ पूरे राज्य में शीर्ष पर रहा।

  • रसूखदारों पर कड़ा शिकंजा: अनाधिकृत रूप से लाल-नीली बत्ती, हूटर, प्रेशर हॉर्न और अवैध मॉडिफिकेशन कराने वालों पर पुलिस ने बिना किसी रियायत के कार्रवाई की है।

विभिन्न श्रेणियों में पुलिस की चौतरफा कार्रवाई

यातायात पुलिस द्वारा चलाए जा रहे इस अभियान के तहत अवैध मॉडिफिकेशन और यातायात नियमों का उल्लंघन करने वाले शातिर चालकों पर पैनी नजर रखी जा रही है। 12 दिनों के भीतर अलग-अलग नियमों के तहत की गई कार्रवाई के आंकड़े इस प्रकार हैं:

  • ब्लैक फिल्म (काले शीशे): 39,417 मामले

  • नियम विरुद्ध नंबर प्लेट: 26,545 मामले

  • अनाधिकृत शब्द, चिन्ह व लेखन: 14,119 मामले

  • वाहनों में अवैध मॉडिफिकेशन (संरचना परिवर्तन): 9,870 मामले

  • अवैध लाल-नीली बत्ती, फ्लैशर व हूटर: 7,428 मामले

  • प्रेशर हॉर्न/एयर हॉर्न का उपयोग: 5,499 मामले

सोमवार को भी जारी रहा एक्शन; जयपुर और धौलपुर में भारी चालान

यह अभियान हर दिन के साथ और कड़ा होता जा रहा है। अकेले 15 जून (सोमवार) को पूरे राज्य में 7,208 वाहनों के खिलाफ कार्रवाई की गई, जिसमें अकेले ब्लैक फिल्म के 2,646 और नियम विरुद्ध नंबर प्लेट के 1,926 चालान शामिल हैं।

अगर जिला स्तर की बात करें तो सोमवार को जयपुर पश्चिम में सबसे ज्यादा 470 कार्रवाई दर्ज की गई। इसके बाद धौलपुर में 321, जयपुर यातायात में 308, चित्तौड़गढ़ में 303, जयपुर ग्रामीण में 284 और बारां में 271 वाहनों पर सख्त कदम उठाए गए। बारां और चित्तौड़गढ़ में अवैध नंबर प्लेट के सबसे ज्यादा (150-150) मामले सामने आए, जबकि जयपुर यातायात पुलिस ने सबसे ज्यादा 204 गाड़ियों से काली फिल्म उतरवाई।

डीजी ट्रैफिक की आमजन से अपील

डीजी ट्रैफिक अनिल पालीवाल ने प्रदेश के नागरिकों से सड़क सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने की अपील की है। उन्होंने स्पष्ट किया कि वाहनों में किसी भी प्रकार का अवैध मॉडिफिकेशन, प्रेशर हॉर्न, काली फिल्म या बिना अनुमति के लाल-नीली बत्ती और हूटर का उपयोग पूरी तरह प्रतिबंधित है। उन्होंने सख्त लहजे में कहा कि राज्य की यातायात व्यवस्था को सुरक्षित और अनुशासित बनाए रखने के लिए पुलिस का यह विशेष चेकिंग अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा।

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संपादक (Editor)

Bhupendra Singh Sonwal

भूपेन्द्र सिंह सोनवाल एक प्रखर डिजिटल पत्रकार और भारतीय समाचार मीडिया कंपनी 'मिशन की आवाज' के संस्थापक हैं। वे मुख्य रूप से राजस्थान और देश के अन्य हिस्सों से सामाजिक न्याय, मानवाधिकार, और नीतिगत मामलों पर तीखी और निष्पक्ष रिपोर्टिंग करते हैं। आंकड़ों की तह तक जाना और जमीनी सच को बेबाकी से पेश करना उनकी विशेषता है। तथ्य-आधारित और स्वतंत्र पत्रकारिता के जरिए वे समाज के हर वर्ग तक सही सूचना पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।

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