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NEET-UG 2026: भारत में 22 जून तक टेलीग्राम (Telegram) बैन, पेपर लीक और फर्जीवाड़े को रोकने के लिए सरकार का बड़ा एक्शन

NEET-UG 2026 री-एग्जाम से पहले सरकार का बड़ा एक्शन। पेपर लीक माफिया और ठगों पर लगाम कसने के लिए भारत में 22 जून तक Telegram ऐप को बैन किया गया है।
द्वारा Bhupendra Singh Sonwal 📅 16 Jun 2026 👁️ 37 व्यूज़ ⏱️ 1 मिनट रीड
NEET-UG 2026: भारत में 22 जून तक टेलीग्राम (Telegram) बैन, पेपर लीक और फर्जीवाड़े को रोकने के लिए सरकार का बड़ा एक्शन

नेशनल एलिजिबिलिटी कम एंट्रेंस टेस्ट (NEET-UG) 2026 की पुनर्परीक्षा (Re-Exam) से पहले केंद्र सरकार ने एक अभूतपूर्व और सख्त कदम उठाया है। इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) ने नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) की सिफारिश पर भारत में लोकप्रिय मैसेजिंग ऐप 'टेलीग्राम' (Telegram) को 22 जून 2026 तक के लिए ब्लॉक कर दिया है। यह कड़ा फैसला 21 जून को होने वाली परीक्षा को पारदर्शी बनाने और टेलीग्राम पर सक्रिय 'पेपर लीक माफिया' द्वारा परीक्षार्थियों से की जा रही लाखों रुपये की ठगी को रोकने के लिए लिया गया है।

इस खबर की मुख्य बातें:

  • अस्थायी प्रतिबंध: भारत में 22 जून तक टेलीग्राम ऐप के इस्तेमाल पर पूरी तरह रोक लगा दी गई है।

  • एडिटिंग फीचर डिसेबल: फर्जी दावों को रोकने के लिए सरकार ने 30 जून तक टेलीग्राम के 'मैसेज एडिट' करने वाले फीचर को भी बंद करवा दिया है।

  • ठगी का भंडाफोड़: टेलीग्राम ग्रुप्स के जरिए पेपर बेचने का झांसा देने वाले कई बड़े साइबर रैकेट पकड़े गए हैं।

  • करोड़ों का लेनदेन: अहमदाबाद साइबर सेल ने परीक्षा स्कैम चलाने वाले एक गैंग को पकड़ा है, जिनके खातों में 1.5 करोड़ रुपये का फर्जीवाड़ा पाया गया।

क्यों बैन हुआ टेलीग्राम?

ज्ञात हो कि 3 मई को आयोजित हुई मूल नीट परीक्षा को पेपर लीक के आरोपों के बाद रद्द कर दिया गया था। इस बार सरकार कोई कोताही नहीं बरतना चाहती है। I4C (इंडियन साइबर क्राइम कोऑर्डिनेशन सेंटर) और विभिन्न राज्यों की पुलिस की जांच में यह बात सामने आई है कि टेलीग्राम पर "Re-NEET 2026", "Private Mafia" और "PAPER LEAKED NEET" जैसे कई ग्रुप और बॉट धड़ल्ले से चल रहे थे। ये ठग परीक्षा का पेपर एडवांस में उपलब्ध कराने का झूठा दावा कर रहे थे और इसके बदले छात्रों व उनके परिजनों से हजारों से लेकर लाखों रुपये तक वसूल रहे थे। इसी संगठित जालसाजी को कुचलने के लिए ऐप पर यह पाबंदी लगाई गई है।

मैसेज 'एडिटिंग' फीचर पर चला सरकारी चाबुक

अधिकारियों के मुताबिक, इस पूरे खेल में टेलीग्राम का 'मैसेज एडिट' फीचर सबसे बड़ा हथियार था। ठग अक्सर परीक्षा खत्म होने के बाद अपने पुराने मैसेज को एडिट करके उसमें असली प्रश्न पत्र डाल देते थे। चूंकि मैसेज का पुराना टाइमस्टैम्प (समय) वही रहता था, इसलिए सोशल मीडिया पर ऐसा भ्रम फैल जाता था कि पेपर परीक्षा से पहले ही लीक हो गया था। बाद में इसे ही 'लीक के सबूत' के तौर पर पेश किया जाता था। इस भ्रामक नैरेटिव को खत्म करने के लिए ही सरकार ने 30 जून 2026 तक भारत में 'मैसेज एडिटिंग' फीचर को डिसेबल कर दिया है।

गिरफ्तारियां तेज, NTA ने जारी की चेतावनी

बिहार और गुजरात सहित कई राज्यों की पुलिस ने इन साइबर अपराधियों पर शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। सिर्फ अहमदाबाद क्राइम ब्रांच ने 8 टेलीग्राम चैनल चलाने वाले एक गैंग को पकड़ा है, जिसने महज एक महीने के भीतर 1,000 से ज्यादा मोबाइल नंबरों पर संपर्क कर 1.5 करोड़ रुपये ऐंठे थे।

एनटीए ने इस कार्रवाई के बीच स्पष्ट किया है कि कोई भी प्रश्न पत्र उनके सुरक्षित सिस्टम से बाहर नहीं गया है। एजेंसी ने आम यूजर्स को टेलीग्राम बैन से हो रही असुविधा के लिए खेद जताते हुए कहा कि यह एक बेहद जरूरी लेकिन अस्थायी कदम है। एनटीए ने सभी छात्रों से अपील की है कि वे ऑनलाइन दावों को नजरअंदाज करें, अपनी तैयारी पर फोकस करें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की शिकायत तुरंत नेशनल साइबर क्राइम हेल्पलाइन (1930) पर करें।

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संपादक (Editor)

Bhupendra Singh Sonwal

भूपेन्द्र सिंह सोनवाल एक प्रखर डिजिटल पत्रकार और भारतीय समाचार मीडिया कंपनी 'मिशन की आवाज' के संस्थापक हैं। वे मुख्य रूप से राजस्थान और देश के अन्य हिस्सों से सामाजिक न्याय, मानवाधिकार, और नीतिगत मामलों पर तीखी और निष्पक्ष रिपोर्टिंग करते हैं। आंकड़ों की तह तक जाना और जमीनी सच को बेबाकी से पेश करना उनकी विशेषता है। तथ्य-आधारित और स्वतंत्र पत्रकारिता के जरिए वे समाज के हर वर्ग तक सही सूचना पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।

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