दुबई-अहमदाबाद फ्लाइट में 'गोल्डन' खेल: टॉयलेट के स्पीकर में छिपा था 4.3 करोड़ का सोना, कस्टम विभाग ने किया पर्दाफाश
अहमदाबाद: एयरपोर्ट पर सोने की तस्करी के कई हैरान करने वाले मामले सामने आते रहते हैं, लेकिन इस बार तस्करों ने जिस नायाब तरीके का इस्तेमाल किया, उसने सुरक्षा एजेंसियों को भी हैरत में डाल दिया। अहमदाबाद के सरदार वल्लभभाई पटेल इंटरनेशनल (SVPI) एयरपोर्ट पर कस्टम विभाग की एयर इंटेलिजेंस यूनिट (AIU) ने दुबई से आई इंडिगो फ्लाइट (6E-1478) में एक बड़ी कार्रवाई करते हुए करीब 4.3 करोड़ रुपये का सोना बरामद किया है।
तस्करों ने सोने को किसी बैग या कपड़ों में नहीं, बल्कि विमान के टॉयलेट में लगे स्पीकर बॉक्स के अंदर बेहद चालाकी से छिपा रखा था।
स्पीकर बॉक्स के अंदर छिपा था करोड़ों का 'खजाना'
कस्टम विभाग के अनुसार, यह घटना 12 जून 2026 की है। दुबई से इंडिगो की फ्लाइट जैसे ही अहमदाबाद एयरपोर्ट पर लैंड हुई, नियमित और गुप्त सूचनाओं के आधार पर 'रम्मेजिंग' (सघन तलाशी) ऑपरेशन शुरू किया गया।
जांच के दौरान टीम को विमान के अगले हिस्से (फ्रंट लैवेटरी) में स्थित टॉयलेट के स्पीकर बॉक्स में कुछ संदिग्ध लगा। इसके बाद एयरक्राफ्ट इंजीनियरों की मदद से स्पीकर को खोला गया। अंदर का नजारा देखकर अधिकारी दंग रह गए। स्पीकर बॉक्स के भीतर काले प्लास्टिक टेप से लिपटे हुए दो पैकेट (पाउच) मिले।
जब इन पैकेट्स को खोला गया, तो इनमें 24 कैरेट शुद्धता वाले 24 विदेशी गोल्ड बिस्किट रखे हुए थे। बरामद सोने का कुल वजन 2,799.3 ग्राम (करीब 2.8 किलोग्राम) है, जिसकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में अनुमानित कीमत 4,26,89,325 रुपये आंकी गई है।
लावारिस मिला सोना, उठ रहे कई बड़े सवाल
इतनी बड़ी जब्ती के बाद सबसे हैरानी की बात यह रही कि किसी भी यात्री या विमान के क्रू सदस्य ने इस सोने पर अपना दावा (Claim) नहीं किया। लिहाजा, कस्टम विभाग ने कस्टम्स एक्ट, 1962 के प्रावधानों के तहत इसे 'अनक्लेम्ड' (लावारिस) संपत्ति मानते हुए तुरंत जब्त कर लिया।
इस घटना ने सुरक्षा एजेंसियों के सामने कई बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं:
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विमान के ऐसे तकनीकी हिस्से (स्पीकर बॉक्स) तक पहुंचना किसी आम यात्री के लिए आसान नहीं होता। क्या इसमें कोई ग्राउंड स्टाफ या क्रू मेंबर शामिल है?
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क्या यह तस्करी किसी बड़े संगठित अंतरराष्ट्रीय सिंडिकेट का हिस्सा है?
CCTV फुटेज और स्टाफ से पूछताछ जारी
कस्टम विभाग और जांच एजेंसियां अब इस 'गोल्डन' खेल के मास्टरमाइंड तक पहुंचने की कोशिश कर रही हैं। दुबई रूट हमेशा से तस्करों का पसंदीदा रास्ता रहा है।
फिलहाल, एयरपोर्ट और विमान से जुड़े सीसीटीवी (CCTV) फुटेज को खंगाला जा रहा है। साथ ही, फ्लाइट स्टाफ की गतिविधियों और यात्रियों के डाटा की भी सघन जांच की जा रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि विमान के स्पीकर बॉक्स में यह सोना आखिर किसने रखा था और इसे एयरपोर्ट से बाहर निकालने की जिम्मेदारी किसे सौंपी गई थी।
गौर करने वाली बात यह है कि एक दिन पहले ही एयरपोर्ट पर वेरावल के एक यात्री को भी 60 लाख रुपये के सोने के हुक के साथ पकड़ा गया था।
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