राजस्थान में कर चोरी पर बड़ी कार्रवाई: गंगापुर सिटी के दो नामी कोचिंग संस्थानों पर छापा
जयपुर, 18 जून: राजस्थान सरकार कर चोरी करने वालों के खिलाफ पूरी तरह से सख्त रुख अपनाए हुए है। इसी 'जीरो टॉलरेंस' नीति के तहत वाणिज्यिक कर विभाग की प्रवर्तन शाखा-प्रथम ने सवाई माधोपुर जिले के गंगापुर सिटी में एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। विभाग की टीम ने यहां के दो प्रतिष्ठित कोचिंग संस्थानों पर एक साथ छापा मारकर कर चोरी का भंडाफोड़ किया है।
इन संस्थानों पर आरोप है कि ये स्कूली शिक्षा की आड़ में बड़े स्तर पर प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करवा रहे थे, लेकिन छात्रों से वसूली गई फीस पर देय वस्तु एवं सेवा कर (GST) सरकार को नहीं चुका रहे थे। वाणिज्यिक कर विभाग के मुख्य आयुक्त के विशेष निर्देशों पर हुई इस छापेमारी के दौरान अधिकारियों ने कोचिंग परिसरों से कई अहम दस्तावेज अपने कब्जे में लिए हैं।
नकद फीस वसूली और सालों से कर चोरी
शुरुआती जांच में यह तथ्य सामने आया है कि ये दोनों कोचिंग सेंटर पिछले 6-7 सालों से स्कूली पढ़ाई के साथ-साथ इंजीनियरिंग (IIT, JEE) और मेडिकल (NEET) जैसी महंगी प्रतियोगी परीक्षाओं की कोचिंग दे रहे थे। इन कोर्सेज के एवज में छात्रों से नकद रूप में भारी-भरकम फीस वसूली जा रही थी, ताकि उसे सरकारी रिकॉर्ड और टैक्स स्लैब से बाहर रखा जा सके।
खुफिया तंत्र से हुआ अनियमितताओं का खुलासा
वाणिज्यिक कर विभाग ने इस खेल को उजागर करने के लिए अपने मानवीय खुफिया तंत्र (ह्यूमन इंटेलिजेंस) का सहारा लिया। टीम ने पहले इन संस्थानों की कार्यप्रणाली की बारीकी से पड़ताल की। इसके बाद, जब विभागीय पोर्टल पर इन कोचिंग सेंटर्स द्वारा जमा किए गए टैक्स के आंकड़ों का मिलान किया गया, तो भारी विसंगतियां और अनियमितताएं उजागर हुईं। इसी पुख्ता जानकारी के आधार पर एक साथ छापेमारी की योजना बनाई गई।
निष्कर्ष
फिलहाल, विभागीय अधिकारियों की टीम मौके से जब्त किए गए दस्तावेजों और छात्रों द्वारा जमा की गई फीस की रसीदों का बारीकी से विश्लेषण कर रही है। इस गहन जांच के बाद ही कर चोरी की वास्तविक राशि का सटीक आकलन हो सकेगा। राज्य सरकार और विभाग ने इस कार्रवाई के जरिए स्पष्ट संदेश दिया है कि प्रदेश में टैक्स चोरी करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा और भविष्य में भी ऐसी सख्त कार्रवाइयां निरंतर जारी रहेंगी।
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