विश्व तंबाकू निषेध दिवस विशेष: राजस्थान में तंबाकू नियंत्रण को लेकर चला महाअभियान, WHO ने भी किया सम्मानित
जयपुर: तंबाकू और उससे बने उत्पादों के खिलाफ राजस्थान सरकार ने एक मजबूत और निर्णायक लड़ाई छेड़ दी है। मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा की पहल और चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री श्री गजेन्द्र सिंह खींवसर के कुशल निर्देशन में प्रदेश को तंबाकू मुक्त बनाने के लिए विशेष प्रयास किए जा रहे हैं। 'विश्व तंबाकू निषेध दिवस' के अवसर पर राज्य में सिगरेट एवं अन्य तंबाकू उत्पाद अधिनियम, 2003 (COTPA) के तहत एक सघन राज्यव्यापी अभियान (22 से 30 मई, 2026) चलाया गया, जिसने तंबाकू नियंत्रण की दिशा में एक नया कीर्तिमान स्थापित किया है।
सख्त कार्रवाई: 2137 चालान काटकर दिया कड़ा संदेश चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग की प्रमुख शासन सचिव श्रीमती गायत्री राठौड़ ने जानकारी दी कि राज्य में तंबाकू नियंत्रण कानूनों को सख्ती से लागू किया जा रहा है। इसी के परिणामस्वरूप 29 मई 2026 तक कोटपा (COTPA) के नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कुल 2,137 चालान काटे गए हैं। इनमें सबसे अधिक चालान जयपुर (290) में हुए। इसके बाद भरतपुर में 216, जोधपुर में 202, अलवर में 149 और नागौर में 130 चालान की कार्रवाई की गई।
अधिकारियों ने शैक्षणिक संस्थानों के 100 गज के दायरे में तंबाकू बिक्री, सार्वजनिक स्थानों पर धूम्रपान और तंबाकू विज्ञापनों पर रोक सुनिश्चित करने के लिए सघन औचक निरीक्षण किए।
विश्व स्तर पर बजी राजस्थान की सफलता की गूंज राजस्थान के इन निरंतर और प्रभावी प्रयासों को अब वैश्विक मंच पर भी सराहा गया है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने वर्ष 2026 के ‘वर्ल्ड नो टोबैको डे अवॉर्ड’ के तहत दक्षिण-पूर्व एशिया क्षेत्र में राजस्थान के चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग को तंबाकू नियंत्रण में उत्कृष्ट कार्य के लिए सम्मानित किया है। यह सम्मान राज्य की स्वास्थ्य नीतियों की सफलता (Expertise and Trustworthiness) का एक बड़ा प्रमाण है।
युवाओं से चिकित्सा मंत्री की खास अपील चिकित्सा मंत्री श्री गजेन्द्र सिंह खींवसर ने इस वर्ष की डब्ल्यूएचओ थीम— "अनमास्किंग द अपील- काउंटेरिंग निकोटिन एंड टोबेको एडिक्शन" का जिक्र करते हुए युवाओं से तंबाकू, सिगरेट और हुक्का जैसी जानलेवा लत से दूर रहने की अपील की है। उन्होंने जोर देकर कहा कि स्वस्थ जीवन ही असली पूंजी है और युवाओं को दूसरों को भी नशा छोड़ने के लिए प्रेरित करना चाहिए। औषधि नियंत्रण आयुक्त डॉ. टी. शुभमंगला ने बताया कि प्रवर्तन के साथ-साथ स्कूलों और कॉलेजों में भी बड़े पैमाने पर जागरूकता और शपथ ग्रहण कार्यक्रम आयोजित किए गए हैं।
इलाज और परामर्श के पुख्ता इंतजाम: 500 से अधिक केंद्र सक्रिय केवल सख्ती ही नहीं, बल्कि नशा छोड़ने वालों की मदद के लिए भी सरकार पूरी तरह तैयार है:
-
आयुष्मान आरोग्य मंदिर: 31 मई को सभी आयुष्मान आरोग्य मंदिरों में विशेष परामर्श सत्र आयोजित किए जा रहे हैं।
-
मुफ्त इलाज व निकोटीन रिप्लेसमेंट थेरेपी: प्रदेश के ब्लॉक स्तर तक 500 से ज्यादा तंबाकू मुक्ति और परामर्श केंद्र चलाए जा रहे हैं। नशा छुड़ाने वाली निकोटीन रिप्लेसमेंट थेरेपी को आवश्यक दवाओं की सूची में शामिल कर सीएचसी (CHC) स्तर तक मुफ्त उपलब्ध कराया जा रहा है।
-
सफलता के आंकड़े: दिसंबर से अप्रैल 2026 तक 31,669 तंबाकू उपभोक्ताओं की काउंसलिंग की गई, 9,584 का इलाज हुआ और 1,541 लोगों ने सफलतापूर्वक तंबाकू का सेवन छोड़ दिया।
गांवों और स्कूलों तक पहुंची मुहिम निदेशक जनस्वास्थ्य डॉ. रवि प्रकाश शर्मा के अनुसार, तंबाकू नियंत्रण अभियान अब जन-आंदोलन बन चुका है। राज्य के 83 हजार से ज्यादा स्कूलों को 'तंबाकू मुक्त' बनाने के लिए इंडिकेटर्स लागू किए गए हैं। वहीं, 'आयुष्मान आदर्श ग्राम योजना' के तहत 13,744 गांवों ने तंबाकू नियंत्रण का प्रस्ताव पारित किया है और 32,380 लोगों को तंबाकू मॉनिटर/एंबेसडर बनाकर जागरूकता फैलाई जा रही है।
Disclaimer (अस्वीकरण): यह समाचार लेख जन-जागरूकता और सूचना के उद्देश्य से लिखा गया है। इसमें प्रस्तुत आंकड़े और सरकारी दिशा-निर्देश संबंधित विभाग की प्रेस विज्ञप्ति और आधिकारिक बयानों पर आधारित हैं। स्वास्थ्य संबंधी किसी भी निर्णय या तंबाकू मुक्ति के चिकित्सीय परामर्श के लिए कृपया अपने नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र या विशेषज्ञ चिकित्सक से संपर्क करें।
Comments (0)
Leave a Reply