राजस्थान में पेयजल संकट पर सरकार का त्वरित एक्शन: 6 विशेष अभियानों में 15,995 शिकायतों का समाधान, हजारों परिवारों को मिली बड़ी राहत
जयपुर: राजस्थान में भीषण गर्मी और नौतपा के बीच जल संकट से जूझ रहे आमजन को राहत देने के लिए राज्य सरकार ने पूरी ताकत झोंक दी है। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के सख्त निर्देशों के बाद जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग (PHED) एक्शन मोड में है। प्रदेशभर में सुचारू और स्वच्छ पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए विभाग द्वारा चलाए गए 6 विशेष राज्यव्यापी अभियानों के बेहद शानदार और सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं।
आंकड़ों के मुताबिक, इन अभियानों के जरिए अब तक पेयजल से जुड़ी 15,995 शिकायतों और समस्याओं का सफलतापूर्वक समाधान किया जा चुका है, जिससे हजारों परिवारों को चिलचिलाती गर्मी में बड़ी राहत मिली है।
आंकड़ों में समझें: कैसे मिल रही है आमजन को राहत?
राज्यभर में जलापूर्ति व्यवस्था को पटरी पर लाने के लिए PHED की विशेष टीमों ने दिन-रात एक कर दिया है। इन छह अभियानों के दौरान किए गए प्रमुख सुधार कार्य इस प्रकार हैं:
-
हैंडपंप और लीकेज की मरम्मत: प्रदेश में 3,077 खराब हैंडपंपों को सुधारा गया और 1,644 जगहों पर पाइपलाइन लीकेज को दुरुस्त कर पानी की बर्बादी रोकी गई।
-
सप्लाई और प्रेशर में सुधार: 978 स्थानों पर पानी के कम प्रेशर की समस्या दूर की गई और 1,144 ऐसे क्षेत्रों में जलापूर्ति फिर से बहाल की गई, जहां सप्लाई पूरी तरह ठप थी।
-
प्रदूषित जल से मुक्ति: गंदे और प्रदूषित पानी की 121 शिकायतों का त्वरित निस्तारण किया गया। इसके अलावा, कम अवधि और कम सप्लाई से जुड़े सैकड़ों मामलों को भी सुलझाया गया।
पानी की चोरी पर सख्त प्रहार: हटाए गए 1,401 अवैध कनेक्शन
पेयजल की किल्लत का एक बड़ा कारण अवैध कनेक्शन होते हैं। जल संरक्षण को प्राथमिकता देते हुए विभाग ने पानी की चोरी करने वालों पर सख्त कार्रवाई की है। अभियान के तहत कुल 1,401 अवैध जल कनेक्शन काटे गए हैं।
विशेष रूप से छठे अभियान के दौरान 336 अवैध कनेक्शन हटाए गए, जो होटल, ढाबों, सरस डेयरी बूथों और कृषि कार्यों में अवैध रूप से इस्तेमाल किए जा रहे थे। इस सख्त कदम से आम जनता के लिए पानी की उपलब्धता में भारी इजाफा हुआ है।
ऑन-द-स्पॉट समाधान: मौके पर ही सुलझाईं 2,600 शिकायतें
ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में विभाग की टीमों ने सघन निरीक्षण किया। अधिकारियों और तकनीकी टीमों की सक्रियता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि करीब 2,600 शिकायतों का मौके पर (On-the-spot) ही समाधान कर दिया गया। ग्रामीण इलाकों में 550 अन्य पेयजल सुधार कार्य पूरे किए गए, जिससे ग्रामीण जलापूर्ति का ढांचा और अधिक मजबूत हुआ है।
हर घर, हर गांव तक स्वच्छ जल पहुंचाना सरकार का लक्ष्य
विभागीय रिपोर्ट के अनुसार, 5 अप्रैल से शुरू हुए इन विशेष अभियानों ने संभावित पेयजल संकट को काफी हद तक टाल दिया है। मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा का स्पष्ट विजन है कि गर्मी के इस मुश्किल मौसम में प्रदेश के हर गांव, हर ढाणी और हर शहरी वार्ड तक पर्याप्त, नियमित और स्वच्छ पेयजल की उपलब्धता सुनिश्चित हो।
Disclaimer (अस्वीकरण): यह समाचार लेख जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग (PHED), राजस्थान सरकार द्वारा जारी आधिकारिक प्रेस विज्ञप्ति और सार्वजनिक सूचनाओं पर आधारित है। लेख का उद्देश्य आमजन तक सरकारी प्रयासों और राहत कार्यों की सटीक जानकारी पहुंचाना है। पाठकों से अनुरोध है कि अपने क्षेत्र में पेयजल संबंधी किसी भी व्यक्तिगत शिकायत या समस्या के लिए संबंधित PHED कार्यालय या सरकारी हेल्पलाइन नंबर पर संपर्क करें।
Comments (0)
Leave a Reply