जयपुर: जल संरक्षण को जन-आंदोलन बनाने का आह्वान, प्रभारी मंत्री जोगाराम पटेल ने उद्यमियों से की सहयोग की अपील
जयपुर, राजस्थान:
'वंदे गंगा जल संरक्षण जन अभियान' के तहत जयपुर में जिला प्रशासन और जिला उद्योग एवं वाणिज्य केंद्र द्वारा एक विशेष सीएसआर (CSR) कार्यशाला का आयोजन किया गया। राजस्थान इंटरनेशनल सेंटर में आयोजित इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में विधि, संसदीय कार्य एवं जयपुर जिले के प्रभारी मंत्री श्री जोगाराम पटेल ने शिरकत की।
जल ही जीवन का आधार: प्रभारी मंत्री
प्रभारी मंत्री श्री जोगाराम पटेल ने जल को पृथ्वी पर प्रत्येक जीव की मूलभूत आवश्यकता बताते हुए कहा कि "जल है तो कल है।" उन्होंने आने वाली पीढ़ियों के लिए जल को सुरक्षित रखने की सामूहिक जिम्मेदारी पर जोर दिया। श्री पटेल ने उद्यमियों, किसानों, सामाजिक संगठनों और आमजन से इस पुनीत कार्य में तन-मन-धन से जुड़ने का आह्वान किया। कार्यशाला में उपस्थित सभी गणमान्य लोगों को जल संरक्षण की शपथ भी दिलाई गई।
उद्यमियों से सहयोग की अपील
जिला कलेक्टर श्री संदेश नायक ने अध्यक्षता करते हुए जल की महत्ता पर प्रकाश डाला और उद्यमियों से अपील की कि वे जल संरक्षण के कार्यों में सीएसआर फंड के माध्यम से अधिक से अधिक योगदान दें। जिला उद्योग एवं वाणिज्य केंद्र के महाप्रबंधक सुभाष शर्मा ने बताया कि 25 मई से 5 जून 2026 तक संचालित इस अभियान में उद्यमियों की सक्रिय भागीदारी अत्यंत आवश्यक है।
विशेषज्ञों का मार्गदर्शन और अनुभव
कार्यशाला में जल संरक्षण की तकनीकी और व्यावहारिक पहलुओं पर विस्तृत चर्चा हुई:
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वैज्ञानिक पक्ष: वरिष्ठ भूजल वैज्ञानिक डॉ. मलेंद्र चौहान ने भूजल के अनियंत्रित दोहन से उत्पन्न खतरों के प्रति सचेत किया।
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तकनीकी पक्ष: जल ग्रहण विभाग के अधीक्षण अभियंता गोपाल प्रसाद जैन ने वर्षा की एक-एक बूंद को सहेजने के महत्व को समझाया।
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प्रेरणादायी अनुभव: 'पानी के जादूगर' के नाम से प्रसिद्ध पद्म श्री लक्ष्मण सिंह लापोडिया और 'धरती अमृत' के प्रणेता पद्म श्री सुण्डाराम ने पर्यावरण संरक्षण और जल संचयन के अपने सफल अनुभवों को साझा किया।
इस अवसर पर जिला उद्योग एवं वाणिज्य केंद्र (जयपुर शहर) की महाप्रबंधक डॉ. अनुकृति सिंह, उपवन संरक्षक वी. केतन कुमार, अतिरिक्त जिला कलेक्टर विनीता सिंह और आशीष कुमार सहित जिले के उद्यमी और सामाजिक प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
डिस्क्लेमर (Disclaimer): यह समाचार रिपोर्ट आधिकारिक प्रेस विज्ञप्ति और कार्यशाला के दौरान साझा की गई सूचनाओं पर आधारित है। जल संरक्षण अभियान से जुड़ी गतिविधियों और सहयोग के लिए संबंधित जिला उद्योग केंद्र के पोर्टल से जानकारी प्राप्त की जा सकती है।
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