राजस्थान में पेंशनधारकों के लिए बड़ी खबर: वंचित लाभार्थियों के लिए चलेगा 15 दिवसीय विशेष सत्यापन अभियान
जयपुर: राजस्थान में सामाजिक सुरक्षा पेंशन का लाभ उठा रहे बुजुर्गों, विधवाओं और दिव्यांगों के लिए एक महत्वपूर्ण अपडेट है। राज्य के सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री श्री अविनाश गहलोत ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि जिन पेंशनधारकों का अब तक भौतिक सत्यापन (Verification) नहीं हो सका है, उनके लिए जिला स्तर पर 15 दिनों का एक विशेष अभियान चलाया जाए।
शुक्रवार को जयपुर स्थित अंबेडकर भवन में आयोजित एक उच्च-स्तरीय समीक्षा बैठक में मंत्री गहलोत ने यह साफ किया कि राज्य सरकार हर एक पात्र बुजुर्ग और लाभार्थी को पेंशन का लाभ सुनिश्चित करने के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध है।
3.50 प्रतिशत पेंशनर्स का सत्यापन है बाकी बैठक के दौरान राज्य में पेंशन योजना की वर्तमान स्थिति के आंकड़े पेश किए गए।
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कुल लाभार्थी: राजस्थान में फिलहाल लगभग 89 लाख लोग सामाजिक सुरक्षा पेंशन का लाभ ले रहे हैं।
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सत्यापन की स्थिति: इनमें से 96.50% लाभार्थियों का सफलतापूर्वक सत्यापन किया जा चुका है।
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आगामी रणनीति: शेष 3.50% लाभार्थियों का सत्यापन अगले 15 दिनों में विशेष अभियान के तहत पूरा किया जाएगा।
मंत्री ने उन 5 जिलों को विशेष रूप से चिन्हित किया है, जहां सत्यापन के मामले सबसे अधिक लंबित हैं। इन जिलों में काम को तेज करने और मामलों के त्वरित निस्तारण के लिए मुख्यालय से विशेष अधिकारियों की टीमें भेजी जाएंगी।
बजट घोषणाओं और अन्य विभागीय योजनाओं की हुई समीक्षा बैठक में केवल पेंशन ही नहीं, बल्कि विभाग द्वारा संचालित अन्य महत्वपूर्ण योजनाओं की प्रगति का भी जायजा लिया गया। श्री गहलोत ने वित्तीय वर्ष 2024-25, 2025-26 और 2026-27 की कुल 50 बजट घोषणाओं की समीक्षा की। इनमें से 26 योजनाएं पूरी हो चुकी हैं, 18 पर काम चल रहा है, और शेष 6 की शुरुआत की जा चुकी है, जिसे उन्होंने संतोषजनक बताया।
इसके अलावा, छात्रवृत्ति, पालनहार योजना, मुख्यमंत्री अनुप्रति कोचिंग योजना, दिव्यांग स्कूटी वितरण, सिलिकोसिस योजना, नवजीवन योजना और नशामुक्ति केंद्रों के संचालन पर भी विस्तार से चर्चा की गई। मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के साथ-साथ अन्य राज्यों में हो रहे अच्छे नवाचारों (Innovations) का भी अध्ययन करें ताकि उन्हें राजस्थान में लागू किया जा सके।
इस महत्वपूर्ण बैठक में अतिरिक्त मुख्य सचिव श्री दिनेश कुमार ने विभागीय प्रगति की रिपोर्ट पेश की। मौके पर आयुक्त (विशेष योग्यजन निदेशालय) श्री इकबाल खान, निदेशक श्री ललित कुमार, अतिरिक्त निदेशक श्री पंकज ओझा सहित कई अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे।
Disclaimer (अस्वीकरण): यह लेख जनहित और सूचना के उद्देश्य से प्रकाशित किया गया है। सरकारी योजनाओं, आंकड़ों और सत्यापन प्रक्रियाओं की सटीक और नवीनतम जानकारी के लिए पाठकों को सलाह दी जाती है कि वे राजस्थान सरकार के सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग की आधिकारिक वेबसाइट (sje.rajasthan.gov.in) पर विजिट करें या अपने नजदीकी ई-मित्र केंद्र से संपर्क करें।
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