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राजस्थान

बाड़मेर अंबेडकर सर्किल विवाद: आडेल गांव में डॉ. भीमराव अंबेडकर की तस्वीर टूटने पर लोगों का प्रदर्शन

राजस्थान के बाड़मेर जिले के आडेल गांव में अंबेडकर सर्किल पर लगी डॉ. भीमराव अंबेडकर की तस्वीर टूटने के बाद लोगों में आक्रोश फैल गया। ग्रामीणों ने धरना प्रदर्शन शुरू किया, जबकि पुलिस CCTV फुटेज खंगालकर मामले की जांच कर रही है।
द्वारा News Room 📅 28 Apr 2026 👁️ 53 व्यूज़ ⏱️ 1 मिनट रीड
बाड़मेर अंबेडकर सर्किल विवाद: आडेल गांव में डॉ. भीमराव अंबेडकर की तस्वीर टूटने पर लोगों का प्रदर्शन

राजस्थान के बाड़मेर जिले के आडेल गांव में उस समय तनाव की स्थिति बन गई, जब गांव के सर्किल पर लगी डॉ. भीमराव अंबेडकर की तस्वीर टूटी हुई मिली। सोमवार रात हुई इस घटना के बाद ग्रामीणों में भारी आक्रोश फैल गया और बड़ी संख्या में लोग मौके पर पहुंचकर प्रदर्शन करने लगे।

लोगों ने दोषियों की गिरफ्तारी की मांग करते हुए सर्किल पर ही टेंट लगाकर धरना शुरू कर दिया। सूचना मिलने पर पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे और स्थिति को संभालने का प्रयास किया।

कैसे सामने आया मामला

स्थानीय लोगों के अनुसार, सोमवार रात आडेल सर्किल की रेलिंग और उस पर लगी डॉ. अंबेडकर की तस्वीर टूटी हुई नीचे गिरी मिली। यह दृश्य देखकर ग्रामीणों में नाराजगी फैल गई।

लोगों को आशंका हुई कि किसी ने जानबूझकर यह नुकसान पहुंचाया है। इसी वजह से बड़ी संख्या में ग्रामीण एकत्र हुए और तुरंत कार्रवाई की मांग करने लगे।

ग्रामीणों ने साफ कहा कि जब तक दोषियों की पहचान कर गिरफ्तारी नहीं होगी, तब तक उनका विरोध जारी रहेगा।

धरने पर बैठे ग्रामीण

घटना के बाद आक्रोशित लोगों ने सर्किल पर ही टेंट लगाकर धरना शुरू कर दिया। प्रदर्शनकारियों ने प्रशासन से मांग की कि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए और सर्किल को दोबारा पहले की तरह बनाया जाए।

करीब तीन घंटे तक पुलिस अधिकारियों ने लोगों को समझाने की कोशिश की। स्थिति को शांत करने के लिए कई दौर की बातचीत हुई।

ग्रामीणों का कहना था कि डॉ. अंबेडकर देश के सम्मानित नेता हैं और उनकी तस्वीर के साथ इस तरह की घटना बेहद संवेदनशील है।

पुलिस और वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे

मामले की गंभीरता को देखते हुए बाड़मेर एसपी चूनाराम जाट, एएसपी नितेश आर्य और डीएसपी रमेश कुमार शर्मा भी मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने पूरे घटनाक्रम की जानकारी ली और लोगों से बातचीत की।

पुलिस ने मौके का निरीक्षण किया और आसपास लगे CCTV कैमरों की जांच शुरू कर दी।

प्रशासन ने लोगों को भरोसा दिलाया कि मामले की निष्पक्ष जांच की जाएगी और जल्द सच्चाई सामने लाई जाएगी।

CCTV फुटेज खंगाल रही पुलिस

प्रारंभिक जांच में यह बात सामने आई है कि किसी वाहन की टक्कर से सर्किल और वहां लगी अंबेडकर की तस्वीर टूट सकती है। हालांकि पुलिस अभी सभी पहलुओं की जांच कर रही है।

एएसपी नितेश आर्य ने बताया कि शुरुआती जानकारी के अनुसार किसी गाड़ी की टक्कर से यह नुकसान हुआ है, लेकिन अभी यह स्पष्ट नहीं है कि यह दुर्घटना थी या जानबूझकर किया गया कार्य।

पुलिस अब आसपास के CCTV फुटेज खंगाल रही है ताकि संबंधित वाहन और उसके मालिक का पता लगाया जा सके।

सर्किल के पुनर्निर्माण के लिए कमेटी बनाई गई

मामले को शांतिपूर्ण तरीके से सुलझाने के लिए प्रशासन ने तहसीलदार, बीडीओ और अन्य अधिकारियों की एक कमेटी बनाई है। यह कमेटी सर्किल के पुनर्निर्माण और नई अंबेडकर तस्वीर लगाने की निगरानी करेगी।

जब प्रशासन ने यह आश्वासन दिया कि सर्किल का जल्द जीर्णोद्धार कराया जाएगा, तब प्रदर्शन कर रहे लोग शांत हुए और धरना अस्थायी रूप से समाप्त किया गया।

मामला क्यों बना संवेदनशील

डॉ. भीमराव अंबेडकर देश के संविधान निर्माता और करोड़ों लोगों के प्रेरणास्रोत हैं। उनकी प्रतिमा या तस्वीर को नुकसान पहुंचने की घटना सामाजिक रूप से बेहद संवेदनशील मानी जाती है।

ऐसी घटनाएं अक्सर लोगों की भावनाओं को गहराई से प्रभावित करती हैं, इसलिए प्रशासन ने तुरंत हस्तक्षेप कर स्थिति को नियंत्रण में लेने का प्रयास किया।

आडेल गांव में भी लोगों ने इसे केवल एक तस्वीर टूटने की घटना नहीं, बल्कि सम्मान और सामाजिक भावना से जुड़ा विषय माना।

वर्तमान स्थिति

फिलहाल मौके पर शांति बनी हुई है और पुलिस जांच जारी है। प्रशासन ने भरोसा दिलाया है कि दोषी की पहचान कर उचित कार्रवाई की जाएगी।

ग्रामीण अब जांच के निष्कर्ष और सर्किल के पुनर्निर्माण का इंतजार कर रहे हैं।

सभी की नजर इस बात पर है कि यह दुर्घटना थी या जानबूझकर किया गया नुकसान।

निष्कर्ष

बाड़मेर अंबेडकर सर्किल विवाद ने एक बार फिर दिखाया है कि सार्वजनिक स्मारक केवल ढांचे नहीं होते, बल्कि लोगों की भावनाओं और सम्मान का प्रतीक भी होते हैं।

चाहे यह हादसा हो या जानबूझकर की गई घटना, प्रशासन के लिए जरूरी है कि पूरी पारदर्शिता के साथ जांच पूरी की जाए।

पुलिस की जांच, CCTV फुटेज और प्रशासनिक कार्रवाई के बाद ही इस मामले की पूरी सच्चाई सामने आएगी। फिलहाल ग्रामीण न्याय और सम्मानजनक समाधान की उम्मीद कर रहे हैं।

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