हिंडौन सिटी: जाटव और वाल्मीकि बस्ती की महिलाओं का शराब ठेके के खिलाफ हल्ला बोल, दुकान हटाने की पुरजोर मांग
हिंडौन सिटी, करौली: राजस्थान के हिंडौन सिटी में जाटव और वाल्मीकि बस्ती के पास स्थित नाले पर संचालित हो रही शराब की दुकान को लेकर स्थानीय नागरिकों और विशेषकर महिलाओं का गुस्सा फूट पड़ा है। घनी आबादी वाले इस रिहायशी इलाके से शराब के ठेके को तुरंत किसी अन्य जगह स्थानांतरित (Shift) करने की मांग को लेकर क्षेत्र की महिलाओं ने भारी विरोध प्रदर्शन किया।
यह पूरा विरोध प्रदर्शन 'जिला जाटव समाज सुधार समिति (करौली-सवाई माधोपुर-दौसा 360 गांव)' के अध्यक्ष हट्टीराम ठेकेदार और युवा अध्यक्ष हरिओम ठेकेदार के नेतृत्व में आयोजित किया गया।
शराबियों के जमावड़े से असुरक्षित महसूस कर रही हैं महिलाएं प्रदर्शन के दौरान आक्रोशित महिलाओं ने स्थानीय प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए। महिलाओं का कहना है कि बस्ती के बिल्कुल करीब शराब की दुकान होने की वजह से पूरे इलाके का सामाजिक और पारिवारिक माहौल खराब हो रहा है। दिन ढलते ही यहां शराबियों का जमावड़ा लग जाता है, जिससे महिलाओं, छोटे बच्चों और बुजुर्गों का घर से निकलना मुश्किल हो गया है। कई बार असामाजिक तत्वों द्वारा नशे की हालत में राहगीरों से अभद्र व्यवहार किया जाता है, जिससे क्षेत्र में लगातार असुरक्षा और अशांति का माहौल बना रहता है।
सामाजिक मर्यादाओं का हो रहा उल्लंघन समिति के प्रवक्ता रिंकू खेड़ी हैवत ने जनभावनाओं को रखते हुए बताया कि जाटव और वाल्मीकि बस्ती एक बेहद घनी आबादी वाला आवासीय क्षेत्र है। यहां बड़ी संख्या में स्कूल-कॉलेज जाने वाले छात्र-छात्राएं, महिलाएं और बच्चे रहते हैं। ऐसे रहवासी इलाके के बीचों-बीच शराब की दुकान का संचालन न केवल जनहित के खिलाफ है, बल्कि यह सामाजिक मर्यादाओं का भी खुला उल्लंघन है। शराब के इस खुले कारोबार का युवाओं और मासूम बच्चों के मानसिक विकास पर गहरा नकारात्मक प्रभाव पड़ रहा है।
प्रशासन को दी गई उग्र आंदोलन की चेतावनी धरना-प्रदर्शन कर रही महिलाओं और स्थानीय नागरिकों ने प्रशासन से सख्त लहजे में मांग की है कि इस शराब की दुकान को मौजूदा स्थान से हटाकर शहर के बाहर किसी उपयुक्त जगह पर शिफ्ट किया जाए, ताकि बस्ती का माहौल शांत और सुरक्षित रह सके।
प्रदर्शनकारियों ने प्रशासन को चेतावनी देते हुए स्पष्ट किया है कि यदि जनहित से जुड़ी इस जायज मांग पर जल्द ही कोई सकारात्मक और ठोस कार्रवाई नहीं की गई, तो क्षेत्र की महिलाएं और नागरिक लोकतांत्रिक व शांतिपूर्ण तरीके से एक बड़ा उग्र आंदोलन छेड़ने के लिए मजबूर होंगे। और यदि कानून व्यवस्था बिगड़ती है, तो इसकी पूरी जिम्मेदारी स्थानीय पुलिस और प्रशासन की होगी।
इस विरोध प्रदर्शन में समिति के कई पदाधिकारी, सक्रिय सामाजिक कार्यकर्ता, क्षेत्रवासी और बड़ी संख्या में जागरूक महिलाएं मौजूद रहीं, जिन्होंने एक सुर में प्रशासन से तुरंत एक्शन लेने की गुहार लगाई।
Disclaimer (अस्वीकरण): यह समाचार रिपोर्ट स्थानीय निवासियों के विरोध प्रदर्शन और प्राप्त जानकारी के आधार पर सूचनात्मक उद्देश्यों (Informational Purposes) के लिए तैयार की गई है। इसका उद्देश्य किसी भी व्यक्ति, संस्था या विभाग की छवि को नुकसान पहुंचाना नहीं है। प्रशासन और संबंधित आबकारी विभाग (Excise Department) को स्थानीय लोगों की शिकायतों का सत्यापन कर उचित कानूनी कदम उठाने चाहिए।
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