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UConn Health को 2027 में $54.3 मिलियन के बजट घाटे का सामना: जानें क्या है कारण और इससे निपटने की योजना

द्वारा Bhupendra Singh Sonwal 📅 11 Jun 2026 👁️ 11 व्यूज़ ⏱️ 1 मिनट रीड
UConn Health को 2027 में $54.3 मिलियन के बजट घाटे का सामना: जानें क्या है कारण और इससे निपटने की योजना

कनेक्टिकट (Connecticut) स्थित प्रतिष्ठित स्वास्थ्य संस्थान, 'यूकॉन हेल्थ' (UConn Health) के सामने वित्तीय वर्ष 2027 (FY 2027) में 54.3 मिलियन डॉलर के बड़े बजट घाटे का संकट खड़ा हो गया है। अधिकारियों के अनुसार, इस वित्तीय दबाव का मुख्य कारण 'स्टेट एम्प्लॉयी बार्गेनिंग एजेंट कोएलिशन' (SEBAC) द्वारा हाल ही में स्वीकृत कर्मचारियों की वेतन वृद्धि है।

इस लेख में हम समझेंगे कि यह घाटा क्यों हो रहा है और यूकॉन हेल्थ प्रशासन इस वित्तीय चुनौती से पार पाने के लिए क्या कदम उठा रहा है।

घाटे का मुख्य कारण: राज्य कर्मचारियों के वेतन में वृद्धि इस साल की शुरुआत में, राज्य के गवर्नर नेड लैमोंट ने SEBAC के साथ एक समझौता किया था, जिसमें कर्मचारियों के वेतन में वृद्धि का प्रावधान था। यूकॉन हेल्थ के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) डॉ. एंडी अगवुनोबी ने स्पष्ट किया है कि वित्तीय वर्ष 2026 और 2027 के लिए तय की गई इस वेतन वृद्धि का कुल आर्थिक भार लगभग 55.7 मिलियन डॉलर होगा।

सबसे बड़ी समस्या यह है कि राज्य के बजट में इस अतिरिक्त लागत को कवर करने के लिए यूकॉन हेल्थ को कोई अतिरिक्त फंड नहीं दिया गया है। इसी सप्ताह, यूकॉन हेल्थ के निदेशक मंडल (Board of Directors) ने संस्थान का 2.2 बिलियन डॉलर का कुल बजट पारित किया है, जिसमें यह 54.3 मिलियन डॉलर का घाटा स्पष्ट रूप से शामिल है।

घाटे से निपटने की 'न्यूनीकरण योजना' (Mitigation Plan) भले ही आंकड़े चिंताजनक लग रहे हों, लेकिन यूकॉन हेल्थ के मुख्य वित्तीय अधिकारी (CFO) जेफ्री जियोगेगन (Jeffrey Geoghegan) का मानना है कि संस्थान एक ठोस 'न्यूनीकरण योजना' के जरिए इस घाटे को संतुलित कर लेगा।

निदेशक मंडल के सामने पेश किए गए प्रस्ताव के अनुसार, बजट को संतुलित करने के लिए निम्नलिखित कड़े कदम उठाए जा सकते हैं:

  • भर्तियों पर रोक: उन पदों पर नई भर्तियां रोकी जाएंगी जो संस्थान के लिए गैर-जरूरी हैं या जिनसे राजस्व (Revenue) प्राप्त नहीं होता है।

  • अतिरिक्त खर्चों में कटौती: गैर-जरूरी यात्राओं, आयोजनों, कैटरिंग और अन्य सामान्य खर्चों पर अस्थायी रूप से रोक लगाई जाएगी।

  • संविदा कर्मचारियों की समीक्षा: जिन क्षेत्रों से कोई सीधा राजस्व नहीं आ रहा है, वहां ओवरटाइम और अस्थायी कर्मचारियों (Temporary staff) की छंटनी या समीक्षा की जाएगी।

  • पूंजीगत परियोजनाओं में कमी: नए इंफ्रास्ट्रक्चर या पूंजीगत खर्चों (Capital projects) को फिलहाल धीमा किया जाएगा या टाला जाएगा।

पहले भी चुनौतियों से पार पा चुका है संस्थान यूकॉन हेल्थ के लिए बजट घाटे का सामना करना कोई नई बात नहीं है। जियोगेगन ने याद दिलाया कि वित्तीय वर्ष 2026 में भी संस्थान को 60 मिलियन डॉलर की कटौती का सामना करना पड़ा था। उस समय, प्रबंधन ने एक बजट स्थिरीकरण कोष और 46.7 मिलियन डॉलर की न्यूनीकरण योजना का सफलतापूर्वक उपयोग करके अपना बजट संतुलित कर लिया था। इसमें मुख्य रूप से पूंजीगत खर्चों को टालना और क्लीनिकल सेवाओं से होने वाले राजस्व को बढ़ाना शामिल था।

वेतन वृद्धि अन्य अस्पतालों से अधिक क्यों? बजट बैठक के दौरान एक महत्वपूर्ण सवाल यह भी उठा कि क्या यह वेतन वृद्धि अन्य अस्पतालों की तुलना में अधिक है?

जियोगेगन ने जानकारी दी कि वित्तीय वर्ष 2026 और 2027 के लिए कर्मचारियों के मूल वेतन (Base salary) में औसतन 4.5% की वार्षिक वृद्धि की जाएगी। जबकि अन्य अस्पतालों में यह वृद्धि 2.5% से 3% के बीच देखी जा रही है। इसके पीछे का कारण बताते हुए उन्होंने कहा कि नर्सिंग और अन्य महत्वपूर्ण चिकित्सा स्टाफ की भारी कमी के चलते, बाजार के अनुसार प्रतिस्पर्धी वेतन देना मजबूरी है। अच्छे कर्मचारियों को बनाए रखने और नई प्रतिभाओं को आकर्षित करने के लिए यह 4.5% की वेतन वृद्धि आवश्यक है।

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संपादक (Editor)

Bhupendra Singh Sonwal

भूपेन्द्र सिंह सोनवाल एक प्रखर डिजिटल पत्रकार और भारतीय समाचार मीडिया कंपनी 'मिशन की आवाज' के संस्थापक हैं। वे मुख्य रूप से राजस्थान और देश के अन्य हिस्सों से सामाजिक न्याय, मानवाधिकार, और नीतिगत मामलों पर तीखी और निष्पक्ष रिपोर्टिंग करते हैं। आंकड़ों की तह तक जाना और जमीनी सच को बेबाकी से पेश करना उनकी विशेषता है। तथ्य-आधारित और स्वतंत्र पत्रकारिता के जरिए वे समाज के हर वर्ग तक सही सूचना पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।

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