🕒 13 June 2026, Saturday
राजस्थान

'कोई भी गांव या ढाणी प्यासी न रहे': जोधपुर के लूणी और राजौर पहुंचे मंत्री जोगाराम पटेल, पेयजल और जल संरक्षण पर अधिकारियों को सख्त निर्देश

राजस्थान के संसदीय कार्य मंत्री जोगाराम पटेल ने जोधपुर के लूणी और राजौर गांवों का दौरा कर पेयजल व्यवस्थाओं का जायजा लिया। पीएचईडी अधिकारियों को टैंकर आपूर्ति, पाइपलाइन सुधार और तालाबों के संरक्षण के सख्त निर्देश दिए।
द्वारा Bhupendra Singh Jatav 📅 13 Jun 2026 👁️ 44 व्यूज़ ⏱️ 1 मिनट रीड
'कोई भी गांव या ढाणी प्यासी न रहे': जोधपुर के लूणी और राजौर पहुंचे मंत्री जोगाराम पटेल, पेयजल और जल संरक्षण पर अधिकारियों को सख्त निर्देश

जोधपुर: भीषण गर्मी के मौसम में आमजन को पेयजल संकट से बचाने के लिए राजस्थान सरकार अलर्ट मोड पर काम कर रही है। इसी कड़ी में शनिवार (13 जून) को राज्य के संसदीय कार्य, विधि एवं विधिक कार्य मंत्री जोगाराम पटेल ने जोधपुर जिले के लूणी और राजौर गांवों का सघन दौरा कर जमीनी हकीकत का जायजा लिया। मंत्री ने न केवल आम जनता से सीधा संवाद कर उनकी परेशानियां सुनीं, बल्कि अधिकारियों को जल आपूर्ति सुचारू रखने के लिए कड़े निर्देश भी दिए।

अधिकारियों को फील्ड में उतरने की हिदायत मंत्री जोगाराम पटेल ने जन स्वास्थ्य एवं अभियांत्रिकी विभाग (PHED) के अधिकारियों को स्पष्ट शब्दों में कहा कि इस भीषण गर्मी में क्षेत्र के किसी भी गांव या दूर-दराज की ढाणी में पानी की किल्लत बर्दाश्त नहीं की जाएगी। आम जनता को नियमित रूप से शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराना सरकार की पहली प्राथमिकता है।

उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे फील्ड में रहकर पाइपलाइनों की खुद निगरानी करें। जहां कहीं भी कोई लीकेज या तकनीकी खराबी मिले, उसे तुरंत प्रभाव से ठीक किया जाए। इसके साथ ही, मंत्री ने यह भी सुनिश्चित करने को कहा कि जिन इलाकों (विशेषकर अंतिम छोर यानी टेल एंड के गांवों) में पाइपलाइन से पानी पहुंचने में दिक्कत आ रही है, वहां तुरंत प्रभाव से टैंकरों के जरिए पानी की सप्लाई की जाए।

मानसून से पहले तालाबों की सफाई के निर्देश अपने दौरे के दौरान श्री पटेल ने लूणी में स्थित तालाब की स्थिति का भी बारीकी से निरीक्षण किया। उन्होंने पंचायती राज विभाग के अधिकारियों को मानसून की दस्तक से पहले तालाब और उसके कैचमेंट (आवाजाही) एरिया की साफ-सफाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। इसका मुख्य उद्देश्य बारिश के पानी का अधिक से अधिक संरक्षण कर उसका सही उपयोग करना है।

पारंपरिक जल स्रोतों को सहेजने की भावुक अपील गिरते भूजल स्तर और लगातार गहराते जल संकट पर चिंता जताते हुए मंत्री ने ग्रामीणों से एक खास अपील की। उन्होंने कहा कि आज के समय में हमारे पुश्तैनी जल स्रोत— जैसे कुएं, बावड़ी और तालाब— उपेक्षा का शिकार हो रहे हैं, जबकि यही हमारी 'जल आत्मनिर्भरता' का असली आधार हैं।

श्री पटेल ने जोर देते हुए कहा कि पर्यावरण संतुलन और भविष्य की पीढ़ियों की प्यास बुझाने के लिए इन पारंपरिक जल धरोहरों का संरक्षण बेहद जरूरी है। उन्होंने गांव वालों से वर्षा जल संचयन (Rainwater Harvesting) को अपनी दिनचर्या में अपनाने का आह्वान किया।

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Bhupendra Singh Jatav

Bhupendra Singh Jatav is a dedicated journalist associated with Mission Ki Awaaz. With a strong passion for grassroots reporting, he focuses on stories that highlight the realities of marginalized communities, socio-political issues, and regional developments often overlooked by mainstream media.

His commitment to ethical journalism and fearless storytelling has made him a trusted voice among readers seeking truth beyond the headlines. At Mission Ki Awaaz, Bhupendracontinues to uphold the values of independent, impact-driven journalism.

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