बहुजन समाज पार्टी (BSP) की बड़ी कार्रवाई: पश्चिमी यूपी में अनुशासनहीनता पर कई बड़े नेता पार्टी से निष्कासित
12 जून 2026 को बहुजन समाज पार्टी (BSP) ने उत्तर प्रदेश में पार्टी विरोधी गतिविधियों और अनुशासनहीनता के खिलाफ सख्त कदम उठाते हुए बड़ी कार्रवाई की है। गाजियाबाद, बुलंदशहर और गौतम बुद्ध नगर जिले के अध्यक्षों द्वारा जारी की गई आधिकारिक प्रेस विज्ञप्तियों के अनुसार, कई पूर्व प्रत्याशियों और प्रमुख पदाधिकारियों को तत्काल प्रभाव से पार्टी से बाहर का रास्ता दिखा दिया गया है।
अलग-अलग जिलों में की गई इस कार्रवाई का विस्तृत विवरण इस प्रकार है:
गाजियाबाद से दो बड़े नेता निष्कासित
गाजियाबाद के बसपा जिलाध्यक्ष मनोज कुमार जाटव द्वारा 12 जून 2026 को एक प्रेस विज्ञप्ति जारी की गई। इस आदेश के तहत जिले के दो नेताओं को निष्कासित किया गया है:
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पी.एन. गर्ग: यह बी.एस.पी. के पूर्व प्रत्याशी रहे हैं और ग्राम भौंझा (जनपद गाजियाबाद) के निवासी हैं।
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रवि जाटव: यह मेरठ मंडल के पूर्व बी.एस.पी. प्रभारी रहे हैं और मुरादनगर विधानसभा के अंतर्गत ग्राम मोर्टा के निवासी हैं।
बुलंदशहर में पूर्व विधानसभा प्रत्याशी पर गिरी गाज
बुलंदशहर जिले में भी पार्टी ने कड़ा रुख अपनाया है। जिलाध्यक्ष रविन्द्र प्रधान की ओर से 12 जून 2026 को जारी पत्र के मुताबिक:
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हाजी इमरान: सिकंदराबाद विधानसभा क्षेत्र से बी.एस.पी. के पूर्व प्रत्याशी श्री हाजी इमरान को पार्टी से निकाल दिया गया है। वह सिकंदराबाद के ही निवासी हैं।
गौतम बुद्ध नगर से पूर्व लोकसभा उम्मीदवार निष्कासित
गौतम बुद्ध नगर (नोएडा) इकाई ने भी इसी दिन अपने एक बड़े नेता पर कार्रवाई की है। जिलाध्यक्ष लखमी सिंह द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति में जानकारी दी गई है:
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सतवीर नागर: ग्रेटर नोएडा निवासी श्री सतवीर नागर, जो बी.एस.पी. के पूर्व लोकसभा उम्मीदवार रहे हैं, को पार्टी से निष्कासित कर दिया गया है।
निष्कासन का मुख्य कारण: 'चेतावनी के बावजूद नहीं सुधरी कार्यशैली'
इन सभी नेताओं के निष्कासन के पीछे पार्टी ने एक ही मुख्य कारण बताया है—पार्टी विरोधी गतिविधियों में लिप्त होना और अनुशासनहीनता अपनाना।
सभी जिला कार्यालयों की विज्ञप्तियों में स्पष्ट रूप से उल्लेख किया गया है कि इन नेताओं को इनकी गतिविधियों व कार्यशैली में सुधार लाने के लिए पूर्व में कई बार चेतावनी दी जा चुकी थी। इसके बावजूद जब इनके रवैये में कोई सुधार नहीं आया, तो 'पार्टी व मूवमेंट के हित' को ध्यान में रखते हुए बहुजन समाज पार्टी ने इन सभी को बाहर करने का सख्त फैसला लिया।
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