कोटा/जयपुर, 08 जुलाई: “एक्सप्रेसवे केवल यातायात का साधन नहीं, बल्कि क्षेत्र के सर्वांगीण विकास, रोजगार, उद्योग और निवेश को बढ़ावा देने वाले ‘विकास के हाइवे’ हैं।” यह बात केन्द्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने बुधवार को कोटा के गोपालपुरा मण्डाना में आयोजित एक विशाल आमसभा को संबोधित करते हुए कही। उन्होंने कहा कि दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पिछड़े क्षेत्रों के विकास के लिए एक नई आधारशिला साबित होगा।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा और लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला भी मौजूद रहे। गडकरी ने कोटा और हाड़ौती क्षेत्र के लिए कई महत्वपूर्ण सड़क परियोजनाओं की घोषणाएं भी कीं, जिससे यह क्षेत्र सीधे दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे से जुड़ जाएगा।
इस खबर की मुख्य बातें:
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कोटा को बड़ी सौगात: मुकुंदरा वाइल्डलाइफ सेंचुरी को बाईपास करते हुए 550 करोड़ रुपये की लागत से नया 8-लेन लिंक रोड बनेगा।
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अटल एक्सप्रेसवे: चंबल नदी के समानांतर 15 हजार करोड़ की लागत से बनने वाले ‘चंबल एक्सप्रेसवे’ का नाम अब ‘अटल एक्सप्रेसवे’ होगा।
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12 घंटे में दिल्ली से मुंबई: गडकरी ने दावा किया कि अगले दो वर्षों में दिल्ली से मुंबई की यात्रा सड़क मार्ग से महज 12 घंटे में पूरी हो सकेगी।
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मुख्यमंत्री का विजन: सीएम भजनलाल शर्मा ने कहा कि मुकुंदरा टनल आधुनिक इंजीनियरिंग का बेजोड़ नमूना है और डबल इंजन सरकार राजस्थान के विकास में कोई कमी नहीं आने देगी।
कोटा को दिल्ली-मुंबई हाइवे से जोड़ने के लिए नई घोषणाएं
केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने हाड़ौती क्षेत्र के लिए सौगातों की झड़ी लगाते हुए कहा कि कोटा को सीधे 8-लेन दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे से जोड़ने के लिए नेशनल हाइवे-52 से होते हुए एक लिंक रोड बनाया जाएगा, जिसकी अनुमानित लागत 550 करोड़ रुपये होगी। इसके अलावा, कोटा को बालापुरा के रास्ते एक्सप्रेसवे से जोड़ने के लिए 21 किलोमीटर लंबे 4-लेन ‘ग्रीनफील्ड संपर्क मार्ग’ का निर्माण भी किया जाएगा। इन परियोजनाओं का काम अगले तीन महीने के भीतर शुरू करने का प्रयास किया जाएगा। उन्होंने यह भी बताया कि भवानीमंडी को एक्सप्रेसवे से जोड़ने के लिए डीपीआर (DPR) का काम शुरू कर दिया गया है।
चंबल एक्सप्रेसवे अब होगा ‘अटल एक्सप्रेसवे’
गडकरी ने एक बड़ी घोषणा करते हुए कहा कि कोटा से इटावा तक चंबल नदी के समानांतर बनाए जाने वाले नए एक्सप्रेसवे को अब पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी के नाम पर ‘अटल एक्सप्रेसवे’ के नाम से जाना जाएगा। यह लगभग 15 हजार करोड़ रुपये की विशाल परियोजना है, जिसकी डीपीआर तैयार की जा रही है और जल्द ही इसका निर्माण शुरू होगा।
डबल इंजन की सरकार में धन की कमी नहीं होगी: गडकरी
गडकरी ने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व की सराहना करते हुए कहा कि राजस्थान देश की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक धरोहर है। केंद्र सरकार राजस्थान को देश का ‘आदर्श राज्य’ बनाने के लिए प्रतिबद्ध है और यहां विकास कार्यों के लिए धन की कोई कमी नहीं आने दी जाएगी। उन्होंने पर्यावरण के अनुकूल ‘बायो-बिटुमिन’ तकनीक और कचरे से सड़क निर्माण जैसे नवाचारों का भी जिक्र किया।
मुकुंदरा टनल इंजीनियरिंग का नायाब नमूना: मुख्यमंत्री
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने केंद्रीय मंत्री गडकरी की तारीफ करते हुए कहा कि उनके नेतृत्व में देश ने सड़क निर्माण में एक नया इतिहास रचा है। मुख्यमंत्री ने दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे के तहत बनी ‘मुकुंदरा टनल’ को आधुनिक भारतीय इंजीनियरिंग का एक नायाब नमूना बताया, जिसमें वेंटिलेशन और सुरक्षा की विश्वस्तरीय व्यवस्था है।
सीएम ने बताया कि राज्य सरकार ने पिछले ढाई वर्षों में कोटा जिले के विकास के लिए लगभग 5 हजार करोड़ रुपये स्वीकृत किए हैं। साथ ही, कोटा (डीसीएम) रोड से उम्मेदगंज तक 4-लेन एलिवेटेड रोड की डीपीआर भी तैयार की जा रही है।
यह एक्सप्रेसवे देश की लाइफलाइन साबित होगा: ओम बिरला
लोकसभा अध्यक्ष और कोटा सांसद ओम बिरला ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में देश भर में सड़कों और हाइवे का मजबूत नेटवर्क तैयार हो रहा है। उन्होंने भरोसा जताया कि दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे क्षेत्र के लोगों के जीवन में खुशहाली लाएगा और भविष्य में देश के विकास की ‘लाइफलाइन’ बनेगा। बिरला ने राजस्थान सरकार की यमुना जल समझौते जैसी पहलों की भी सराहना की।
इससे पहले नितिन गडकरी ने सड़क मार्ग से बूंदी के लबान इंटरचेंज तक पहुंचकर एक्सप्रेसवे के निर्माण कार्यों का निरीक्षण किया। इस कार्यक्रम में शिक्षा मंत्री मदन दिलावर, ऊर्जा राज्य मंत्री हीरालाल नागर, सहकारिता राज्य मंत्री गौतम कुमार सहित अन्य जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में आमजन उपस्थित रहे।