रामपुरा में CJP कार्यकर्ताओं पर हमले को लेकर PUCL ने उठाए सवाल, आरोपियों की गिरफ्तारी और पुलिस अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग
जयपुर, 21 अगस्त 2026। पीपुल्स यूनियन फॉर सिविल लिबर्टीज़ (PUCL), राजस्थान ने जयपुर जिले की सांगानेर तहसील के शिवदासपुरा थाना क्षेत्र स्थित रामपुरा उर्फ कन्वरपुरा गांव में CJP के कार्यकर्ताओं पर कथित हमले की कड़ी निंदा की है। संगठन ने हमले में शामिल सभी आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी, मामले में कठोर कानूनी कार्रवाई तथा संभावित हमले की पूर्व सूचना के बावजूद प्रभावी कदम नहीं उठाने वाले पुलिस अधिकारियों की भूमिका की निष्पक्ष जांच की मांग की है।
PUCL के अनुसार, 21 अगस्त को CJP के करीब 40 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल ने ‘स्कूल ठीक करो अभियान’ के तहत गांव के राजकीय प्राथमिक विद्यालय का निरीक्षण करने के लिए पहुंचा था। इसी दौरान प्रतिनिधिमंडल पर कथित तौर पर हमला किया गया। संगठन का दावा है कि घटना में करीब आठ लोग घायल हुए तथा कुछ वाहनों और मोबाइल फोन को भी नुकसान पहुंचाया गया।
PUCL ने बताया कि प्रतिनिधिमंडल में शामिल संजू वर्मा के बाएं हाथ में फ्रैक्चर और दाहिने हाथ में चोट आई। रेखा शर्मा के कंधे पर चोट लगने तथा उनका मोबाइल फोन छीनकर तोड़ने का आरोप है। अधिवक्ता सलमान के साथ खेतों तक दौड़ाकर मारपीट किए जाने तथा अशुतोष रांका के गले पर गंभीर प्रहार किए जाने का भी दावा किया गया है।
स्कूल की बदहाली का निरीक्षण करने पहुंचा था प्रतिनिधिमंडल
PUCL के मुताबिक, CJP कार्यकर्ता राजस्थान के दूर-दराज और पिछड़े क्षेत्रों में सरकारी विद्यालयों की स्थिति का जायजा लेकर शिक्षा व्यवस्था में सुधार के लिए संबंधित विभागों को जवाबदेह बनाने का प्रयास कर रहे हैं।
रामपुरा उर्फ कन्वरपुरा के राजकीय प्राथमिक विद्यालय की स्थिति को लेकर संगठन ने गंभीर चिंता जताई है। आरोप है कि विद्यालय भवन की छत पिछले करीब 18 महीनों से जर्जर है और उसके गिरने का खतरा बना हुआ है। इसके चलते विद्यालय को एक गौशाला में स्थानांतरित किया गया है।
PUCL का कहना है कि गौशाला में केवल दो कमरों में स्कूल का सामान और मध्याह्न भोजन की व्यवस्था है, जबकि बच्चों को खुले में पढ़ने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। मवेशियों, मक्खियों, बारिश और तेज धूप के बीच पढ़ाई होने का भी दावा किया गया है।
ग्रामीणों के अनुसार, विद्यालय में विद्यार्थियों की संख्या घटकर करीब 25 रह गई है और कई अभिभावकों ने बच्चों को निजी स्कूलों में भेजना शुरू कर दिया है। संगठन का कहना है कि वर्ष 2025 में भी CJP कार्यकर्ताओं ने विद्यालय की बदहाली का मुद्दा उठाकर अधिकारियों को पत्र लिखे थे, लेकिन इसके बावजूद स्कूल भवन की मरम्मत नहीं हो सकी।
हमले की पहले से सूचना देने का दावा
PUCL ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए हैं। संगठन के अनुसार, CJP कार्यकर्ताओं ने प्रतिनिधिमंडल के पहुंचने से करीब एक घंटे पहले शिवदासपुरा थाना प्रभारी को फोन और WhatsApp संदेश के माध्यम से संभावित हमले की आशंका की जानकारी दी थी।
PUCL का आरोप है कि पुलिस की ओर से कार्यकर्ताओं को स्वयं स्थिति संभालने के लिए कहा गया और SHO ने विधानसभा सत्र में व्यस्त होने की बात कही। संगठन के अनुसार, पुलिस कथित हिंसा के बाद मौके पर पहुंची।
PUCL ने संबंधित ACP को भी संभावित खतरे की जानकारी दिए जाने के बावजूद प्रभावी कार्रवाई नहीं किए जाने का आरोप लगाया है। संगठन ने SHO शिवदासपुरा और संबंधित ACP की भूमिका की निष्पक्ष जांच कराकर लापरवाही पाए जाने पर कठोर विभागीय कार्रवाई तथा निलंबन की मांग की है।
स्कूल में प्रवेश और रिकॉर्डिंग पर रोक के आदेश का भी विरोध
PUCL राजस्थान ने शिक्षा विभाग द्वारा 14 अगस्त 2026 को जारी उस आदेश पर भी आपत्ति जताई है, जिसमें सरकारी स्कूल परिसरों में बाहरी लोगों के प्रवेश के साथ विद्यार्थियों की फोटोग्राफी, वीडियोग्राफी, साक्षात्कार, ऑडियो रिकॉर्डिंग और लाइव स्ट्रीमिंग पर प्रतिबंध संबंधी प्रावधान किए गए हैं।
संगठन का कहना है कि बच्चों की निजता और सुरक्षा महत्वपूर्ण है तथा उनकी तस्वीरों और अन्य व्यक्तिगत जानकारी के दुरुपयोग को रोकना जरूरी है, लेकिन इन प्रावधानों का इस्तेमाल सरकारी स्कूलों की बदहाल स्थिति को सार्वजनिक निगरानी से दूर रखने के लिए नहीं किया जाना चाहिए।
PUCL के अनुसार, नागरिक संगठनों, अभिभावकों और सामाजिक कार्यकर्ताओं को सरकारी विद्यालयों की स्थिति देखने तथा शिक्षा व्यवस्था में जवाबदेही सुनिश्चित करने का अवसर मिलना चाहिए। संगठन ने 14 अगस्त के आदेश को वापस लेने और सरकारी स्कूलों की स्वतंत्र सामाजिक निगरानी सुनिश्चित करने की मांग की है।
अफवाह फैलाने का भी आरोप
PUCL ने कहा कि ग्रामीणों के बीच कथित तौर पर यह अफवाह फैलाई गई कि CJP कार्यकर्ता स्कूल को तोड़ने के लिए गांव में आए हैं। संगठन का आरोप है कि इसी अफवाह के बाद बड़ी संख्या में लोगों को एकत्र किया गया और प्रतिनिधिमंडल को निशाना बनाया गया।
कुछ ग्रामीणों द्वारा यह चिंता जताए जाने की बात भी PUCL ने कही है कि आर्थिक रूप से सक्षम परिवार अपने बच्चों को निजी स्कूलों में भेज सकते हैं, जबकि गरीब परिवार सरकारी विद्यालय पर निर्भर हैं और उन्हें ही बदहाल सरकारी शिक्षा व्यवस्था का सबसे अधिक नुकसान उठाना पड़ रहा है।
PUCL ने कहा कि सरकारी स्कूलों की स्थिति सुधारने की मांग करने वाले नागरिक कार्यकर्ताओं पर कथित हमला कानून-व्यवस्था और लोकतांत्रिक जवाबदेही से जुड़ा गंभीर मामला है।
PUCL की प्रमुख मांगें
PUCL राजस्थान ने मांग की है कि CJP प्रतिनिधिमंडल पर कथित हमला करने वाले सभी आरोपियों को तत्काल गिरफ्तार किया जाए और उनके खिलाफ कानून के अनुसार कठोर कार्रवाई की जाए। साथ ही शिवदासपुरा SHO और संबंधित ACP द्वारा पूर्व सूचना के बावजूद कार्रवाई नहीं किए जाने की निष्पक्ष जांच कराकर दोष पाए जाने पर सख्त विभागीय कार्रवाई की जाए।
संगठन ने रामपुरा उर्फ कन्वरपुरा के राजकीय प्राथमिक विद्यालय की तत्काल मरम्मत कराने, बच्चों को गौशाला और खुले में पढ़ने की मजबूरी से मुक्त कर सुरक्षित विद्यालय उपलब्ध कराने तथा स्कूल छोड़ चुके बच्चों को दोबारा शिक्षा की मुख्यधारा में लाने के लिए विशेष प्रयास करने की मांग की है।
इसके अलावा PUCL ने 14 अगस्त 2026 के स्कूलों में बाहरी लोगों के प्रवेश और फोटोग्राफी/वीडियोग्राफी सहित अन्य रिकॉर्डिंग पर प्रतिबंध संबंधी आदेश को वापस लेने तथा सरकारी स्कूलों की स्वतंत्र सामाजिक निगरानी का अधिकार सुनिश्चित करने की मांग की है।
— पीपुल्स यूनियन फॉर सिविल लिबर्टीज़ (PUCL), राजस्थान