जयपुर: राजस्थान में प्रशासनिक सुधार और ‘गुड गवर्नेंस’ (सुशासन) को जमीनी स्तर पर और अधिक मजबूत करने की दिशा में बुधवार को एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया। राज्य के मुख्य सचिव श्री वी. श्रीनिवास द्वारा विभिन्न राष्ट्रीय व राज्य स्तरीय आयोजनों, बैठकों और समारोहों में ‘सुशासन’ पर दिए गए प्रभावी भाषणों और विचारों को एक पुस्तिका के रूप में संकलित किया गया है। सचिवालय में आयोजित एक गरिमामय कार्यक्रम में मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास ने इस पुस्तिका का विधिवत विमोचन किया।
इस विशेष संकलन का प्रकाशन हरिश्चंद्र माथुर राजस्थान राज्य लोक प्रशासन संस्थान (HCM RIPA) द्वारा किया गया है।
अधिकारियों और लोक प्रशासन के छात्रों के लिए बेहतरीन मार्गदर्शिका
विमोचन कार्यक्रम में मुख्य सचिव के साथ एचसीएम रीपा की महानिदेशक श्रीमती श्रेया गुहा और अतिरिक्त महानिदेशक श्री शाहीन अली ख़ान भी मौजूद रहे। जानकारों का मानना है कि यह संकलन केवल एक किताब नहीं है, बल्कि प्रशासनिक अधिकारियों, प्रबंधकों और लोक प्रशासन (Public Administration) के विद्यार्थियों के लिए एक उत्कृष्ट ‘गाइडबुक’ साबित होगी। इसमें इस बात पर जोर दिया गया है कि प्रशासनिक कार्यप्रणाली में नवाचार (Innovation) कैसे लाया जाए और कर्मचारियों की क्षमता में निरंतर वृद्धि कैसे की जाए।
‘मिशन कर्मयोगी’ और ‘साधना सप्ताह’ की हुई विस्तृत समीक्षा
इस अवसर पर अधिकारियों ने केंद्र और राज्य के महत्वाकांक्षी ‘मिशन कर्मयोगी’ (Mission Karmayogi) कार्यक्रम के तहत चल रही क्षमता विकास गतिविधियों और प्रशिक्षण कार्यशालाओं की प्रगति की भी विस्तृत समीक्षा की।
मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास ने एचसीएम रीपा द्वारा चलाए जा रहे ‘साधना सप्ताह’ पहल की विशेष रूप से सराहना की। उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रशासनिक अधिकारियों और कार्मिकों का निरंतर कौशल विकास (Skill Development) समय की मांग है। इसी के जरिए शासन व्यवस्था को और अधिक पारदर्शी, प्रभावी और जनोन्मुखी (Public-Oriented) बनाया जा सकता है।
पारदर्शी और संवेदनशील प्रशासन ही ‘सुशासन’ का मूल लक्ष्य
मुख्य सचिव ने अपने विजन को साझा करते हुए कहा कि सुशासन का असली अर्थ आम जनता को बिना किसी देरी के पारदर्शी और संवेदनशील प्रशासन उपलब्ध कराना है। आज के डिजिटल युग में इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए कर्मचारियों को आधुनिक प्रशिक्षण, तकनीकी दक्षता और नई कार्यप्रणालियों से लैस करना बेहद जरूरी है।
इस महत्वपूर्ण बैठक ने स्पष्ट कर दिया है कि राजस्थान सरकार अपने प्रशासनिक ढांचे को ‘मिशन कर्मयोगी’ के तहत अपग्रेड करने और जनता तक बेहतरीन सेवाएं पहुंचाने के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध है।