राजस्थान में होमस्टे का रजिस्ट्रेशन हुआ 100% ऑनलाइन: 5 की जगह 8 कमरों की छूट, मकान मालिक का रहना भी जरूरी नहीं

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जयपुर: राजस्थान सरकार ने पर्यटन सेक्टर को बढ़ावा देने और ‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस’ के तहत ‘होमस्टे (पेइंग गेस्ट हाउस) योजना-2026’ में बड़ा बदलाव किया है। मंगलवार, 7 जुलाई को पर्यटन आयुक्त रुक्मणी रियार ने जानकारी दी कि अब प्रदेश भर में होमस्टे के पंजीकरण (रजिस्ट्रेशन) और नवीनीकरण (रिन्यूअल) की पूरी प्रक्रिया को ऑनलाइन कर दिया गया है। अब आवेदकों को सरकारी दफ्तरों के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे; वे घर बैठे राजस्थान सरकार के ‘एसएसओ पोर्टल’ (SSO Portal) के जरिए आसानी से आवेदन कर सकेंगे।

इस खबर की मुख्य बातें:

  • पूरी तरह डिजिटल प्रक्रिया: होमस्टे का नया रजिस्ट्रेशन और रिन्यूअल अब तत्काल प्रभाव से SSO पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन होगा।

  • कमरों की सीमा बढ़ी: पुराने नियमों के 5 कमरों की तुलना में अब निजी आवासों में अधिकतम 8 कमरों तक का रजिस्ट्रेशन करवाया जा सकेगा।

  • केयरटेकर को मिली मंजूरी: होमस्टे में अब मकान मालिक का रहना अनिवार्य नहीं है, इसका संचालन केयरटेकर के जरिए भी किया जा सकता है।

  • 7 दिन में अप्रूवल: सभी दस्तावेज पूरे और सही होने पर मात्र 7 दिनों के भीतर अस्थाई रजिस्ट्रेशन जारी कर दिया जाएगा।

बिना दफ्तर गए, घर बैठे होगा काम

डिजिटल गवर्नेंस की दिशा में कदम बढ़ाते हुए पर्यटन विभाग ने इस नई ऑनलाइन व्यवस्था को तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया है। जो भी गृह स्वामी अपने मकान में पर्यटकों के लिए ‘पेइंग गेस्ट हाउस’ शुरू करना चाहते हैं, वे अब सीधे https://sso.rajasthan.gov.in/signin पर जाकर आवेदन कर सकते हैं। इस पारदर्शी और समयबद्ध प्रक्रिया से न केवल आवेदनों के निस्तारण में तेजी आएगी, बल्कि भ्रष्टाचार और लेटलतीफी पर भी लगाम लगेगी।

पर्यटन आयुक्त ने दी नए नियमों की जानकारी

पर्यटन आयुक्त श्रीमती रुक्मणी रियार ने बताया कि ‘राजस्थान होमस्टे योजना-2026’ को पहले से ज्यादा सरल और व्यावहारिक बनाया गया है। पहले इस योजना में मकान मालिक का उसी घर में रहना अनिवार्य था, जो कई लोगों के लिए एक बड़ी बाधा थी। नए नियमों में इस अनिवार्यता को खत्म करते हुए केयरटेकर के माध्यम से संचालन की छूट दी गई है। साथ ही कमरों की अधिकतम संख्या 5 से बढ़ाकर 8 कर दी गई है।

रोजगार और पर्यटन को मिलेगी रफ्तार

इस योजना का मुख्य उद्देश्य स्थानीय स्तर पर स्वरोजगार के नए अवसर पैदा करना है। इसके साथ ही, राजस्थान घूमने आने वाले देसी-विदेशी सैलानियों को होटलों के मुकाबले किफायती दामों पर बेहतर आवासीय सुविधा मिल सकेगी। होमस्टे के जरिए पर्यटक राजस्थानी संस्कृति, स्थानीय परंपराओं और यहां की वास्तविक जीवनशैली को बेहद करीब से महसूस कर पाएंगे।

योजना की विस्तृत जानकारी और दिशा-निर्देश पर्यटन विभाग की आधिकारिक वेबसाइट (tourism.rajasthan.gov.in) पर उपलब्ध हैं। इसके अलावा आवेदक अपने जिले के पर्यटन कार्यालयों से भी संपर्क कर सकते हैं।

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