सनातन धर्म और वैदिक ज्योतिष में समय की सटीक गणना और किसी भी शुभ कार्य की शुरुआत के लिए पंचांग (Panchang) का विशेष महत्व है। पंचांग मुख्य रूप से पांच अंगों—तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण—से मिलकर बनता है। इन्हीं पांच अंगों के आधार पर दिन की शुभता और अशुभता का विचार किया जाता है। आज 10 जुलाई 2026, दिन शुक्रवार है। हिंदू पंचांग के अनुसार, यह आषाढ़ माह के कृष्ण पक्ष का दिन है। आज का दिन आध्यात्मिक और धार्मिक दृष्टिकोण से अत्यंत महत्वपूर्ण है, क्योंकि आज ‘योगिनी एकादशी’ (Yogini Ekadashi) और ‘मासिक कार्तिगई’ का पावन पर्व मनाया जा रहा है।
योगिनी एकादशी के दिन जगत के पालनहार भगवान श्री हरि विष्णु की पूजा-आराधना करने से सभी प्रकार के पापों से मुक्ति मिलती है और जीवन में सुख-समृद्धि का आगमन होता है। आइए, पंचांगीय गणनाओं के आधार पर विस्तार से जानते हैं आज का संपूर्ण पंचांग, शुभ-अशुभ मुहूर्त, ग्रहों की स्थिति और आज के दिन किए जाने वाले विशेष उपाय।
आज का मुख्य पंचांग (10 जुलाई 2026, शुक्रवार)
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विक्रम संवत: 2083 (सिद्धार्थी संवत्सर)
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शक संवत: 1948 (पराभव)
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मास: आषाढ़ (पूर्णिमांत), ज्येष्ठ (अमांत)
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पक्ष: कृष्ण पक्ष
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तिथि: कृष्ण दशमी (सुबह 08:16 बजे तक), जिसके उपरांत कृष्ण एकादशी तिथि का आरंभ हो जाएगा। (नोट: कई बार तिथियों का क्षय होने के कारण एकादशी का व्रत आज ही रखा जा रहा है।)
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वार: शुक्रवार (यह दिन माता लक्ष्मी और शुक्र ग्रह को समर्पित है)।
नक्षत्र, योग और करण की स्थिति
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नक्षत्र: भरणी नक्षत्र (दोपहर 01:15 बजे तक) रहेगा, इसके बाद कृत्तिका नक्षत्र की शुरुआत होगी।
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योग: धृति योग (सुबह 07:15 बजे तक) रहेगा, जिसके बाद शूल योग लग जाएगा। ज्योतिष शास्त्र में शूल योग को बहुत शुभ नहीं माना जाता है, इसलिए इस योग में कोई भी नया कार्य या महत्वपूर्ण निर्णय लेने से बचने की सलाह दी जाती है।
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करण: विष्टि करण (सुबह 08:16 बजे तक) रहेगा, तत्पश्चात बव करण लागू होगा।
सूर्य और चंद्रमा का गोचर (Sunrise and Moonrise Time) (यह समय नई दिल्ली/उत्तर भारत के मानक समय पर आधारित है। आपके शहर के अनुसार इसमें कुछ मिनटों का अंतर हो सकता है।)
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सूर्योदय: सुबह लगभग 05:31 बजे
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सूर्यास्त: शाम लगभग 07:22 बजे
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चंद्रोदय: रात 01:17 बजे (11 जुलाई की मध्यरात्रि)
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चंद्रास्त: दोपहर 03:08 बजे
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चंद्र राशि: चंद्रमा आज पूरे दिन मंगल की राशि मेष में गोचर कर रहा है। भरणी नक्षत्र (जिसके स्वामी शुक्र हैं) में चंद्रमा के होने से आज के दिन कला, रचनात्मकता और भौतिक सुख-सुविधाओं से जुड़े कार्यों में लोगों का रुझान अधिक देखने को मिल सकता है। हालांकि, मानसिक रूप से जल्दबाजी में कोई भी फैसला लेने से बचें।
आज के शुभ मुहूर्त (Auspicious Timings) यदि आप आज कोई मंगल कार्य, खरीदारी या नया निवेश करने की योजना बना रहे हैं, तो इन शुभ मुहूर्तों का ध्यान रखें:
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ब्रह्म मुहूर्त: सुबह 04:16 से 05:04 बजे तक। (यह समय ईश्वर के ध्यान, योग और मंत्र जाप के लिए सर्वश्रेष्ठ माना गया है।)
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अभिजीत मुहूर्त: दोपहर 12:05 से 12:58 बजे तक। (यह दिन का सबसे शुभ समय होता है, जिसमें लगभग हर मांगलिक कार्य किया जा सकता है।)
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अमृत काल: सुबह 08:46 से 10:15 बजे तक।
आज के अशुभ मुहूर्त (Inauspicious Timings) ज्योतिष शास्त्र में कुछ विशेष समय अवधियों में शुभ कार्यों को वर्जित माना गया है:
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राहुकाल: सुबह 10:42 से दोपहर 12:26 बजे तक। राहुकाल के दौरान यात्रा की शुरुआत, नए सौदे या विवाह आदि मंगल कार्य भूलकर भी नहीं करने चाहिए, अन्यथा कार्यों में बाधाएं आती हैं।
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यमगंड काल: दोपहर 03:52 से शाम 05:32 बजे तक।
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गुलिक काल: सुबह 07:32 से 09:12 बजे तक।
योगिनी एकादशी का महत्व और आज के विशेष उपाय योगिनी एकादशी का व्रत तीनों लोकों में प्रसिद्ध है। पद्म पुराण के अनुसार, इस व्रत के प्रभाव से व्यक्ति को 88 हजार ब्राह्मणों को भोजन कराने के बराबर पुण्य की प्राप्ति होती है। आज के दिन निर्जला या फलाहारी व्रत रखने का विधान है। इसके साथ ही आज ‘मासिक कार्तिगई’ का भी दिन है, जो दक्षिण भारत में विशेष रूप से भगवान मुरुगन (कार्तिकेय) की पूजा के लिए समर्पित है। इन दो बड़े धार्मिक अवसरों का एक ही दिन पड़ना, इस शुक्रवार को और भी अधिक मंगलकारी बना रहा है।
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विष्णु पूजन: आज के दिन पीले वस्त्र धारण करें। भगवान विष्णु को पीले फूल, चंदन और तुलसी दल अर्पित करें। “ॐ नमो भगवते वासुदेवाय” मंत्र का कम से कम 108 बार जाप करें।
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दान का महत्व: आज के दिन जरूरतमंदों को अन्न, ताजे फल और वस्त्र का दान करना बेहद पुण्यदायी माना जाता है। शुक्रवार होने के कारण सफेद वस्तुओं (जैसे चावल, शक्कर या दूध) का दान करने से कुंडली में शुक्र ग्रह मजबूत होता है।
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सावधानी: भरणी नक्षत्र और शूल योग होने के कारण आज किसी भी नए काम की शुरुआत या बड़े वित्तीय निवेश में अतिरिक्त सावधानी बरतें। अकारण वाद-विवाद से खुद को दूर रखें।
Disclaimer (अस्वीकरण): इस लेख में दी गई पंचांग, मुहूर्त और ज्योतिषीय जानकारी सामान्य धार्मिक मान्यताओं, पंचांगीय गणनाओं और विभिन्न विश्वसनीय ज्योतिषीय स्रोतों पर आधारित है। यह लेख केवल सूचनात्मक उद्देश्यों के लिए है। सूर्योदय-सूर्यास्त और शुभ-अशुभ मुहूर्त के समय में आपके भौगोलिक स्थान (अक्षांश और देशांतर) के अनुसार आंशिक अंतर हो सकता है। किसी भी विशेष मांगलिक कार्य, अनुष्ठान या महत्वपूर्ण निर्णय से पहले कृपया अपने स्थानीय और योग्य ज्योतिषाचार्य या पंडित से व्यक्तिगत रूप से परामर्श अवश्य लें।