आज का पंचांग: 3 जून 2026 को बन रहा है शुभ योग, जानें बुधवार का राहुकाल, शुभ मुहूर्त और चंद्रोदय का सटीक समय
नई दिल्ली, 03 जून 2026
सनातन परंपरा में दैनिक पंचांग का विशेष महत्व है। किसी भी शुभ कार्य की शुरुआत, नए प्रोजेक्ट की रूपरेखा या यात्रा पर निकलने से पहले तिथियों, नक्षत्रों और ग्रहों की स्थिति का विश्लेषण करना अत्यंत लाभकारी माना जाता है। आज 3 जून 2026, दिन बुधवार है। हिंदू काल गणना के अनुसार, वर्तमान में विक्रम संवत 2083 (सिद्धार्थी संवत्सर) गतिमान है। आज ज्येष्ठ मास (अधिक ज्येष्ठ) के कृष्ण पक्ष की तृतीया तिथि का संयोग है।
बुधवार का दिन बुद्धि, संवाद और विवेक के कारक ग्रह बुध और विघ्नहर्ता भगवान गणेश को समर्पित है। आज के दिन पूर्वाषाढ़ा नक्षत्र और शुभ योग का मेल होने से यह समय प्रशासनिक, व्यापारिक और बौद्धिक कार्यों के लिए विशेष सकारात्मक ऊर्जा प्रदान करने वाला रहेगा।
मुख्य पंचांग विवरण (03 जून 2026)
देश के मुख्य हिस्से (विशेषकर दिल्ली और उत्तर भारत की समयावधि) के आधार पर आज की खगोलीय और ज्योतिषीय स्थिति इस प्रकार है:
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वार (Day): बुधवार (Wednesday)
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पक्ष (Paksha): ज्येष्ठ कृष्ण पक्ष
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तिथि (Tithi): तृतीया तिथि (रात्रि 09:21 PM तक, इसके बाद चतुर्थी तिथि का प्रारंभ होगा)
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नक्षत्र (Nakshatra): पूर्वाषाढ़ा नक्षत्र (रात्रि 12:59 AM तक, 04 जून की अलसुबह तक)
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योग (Yoga): शुभ योग (प्रातः 08:12 AM तक, इसके बाद शुक्ल योग प्रभावी होगा)
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करण (Karana): वणिज (सुबह तक), तदोपरांत विष्टि (भद्रा) करण का प्रारंभ।
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सूर्य राशि (Sun Sign): वृषभ राशि (Taurus)
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चंद्र राशि (Moon Sign): धनु राशि (Sagittarius) में चंद्रमा का संचार रहेगा।
सूर्योदय, सूर्यास्त और चंद्रोदय की समय सारणी
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सूर्योदय (Sunrise): प्रातः 05:23 AM से 05:27 AM के मध्य (स्थान के अनुसार मामूली परिवर्तन संभव)
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सूर्यास्त (Sunset): सायं 07:11 PM से 07:15 PM के मध्य
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चंद्रोदय (Moonrise): रात्रि 09:51 PM के आसपास
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चन्द्रास्त (Moonset): प्रातः 08:40 AM पर (अगले दिन सुबह)
आज के शुभ और अशुभ मुहूर्त
वैदिक ज्योतिष में कार्यों की सफलता के लिए शुभ समय का चयन और अशुभ समय का त्याग करने की सलाह दी जाती है।
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राहुकाल (Rahu Kaal): दोपहर 12:19 PM से दोपहर 02:03 PM तक। (ज्योतिष शास्त्र के अनुसार इस समय को अत्यंत अशुभ माना जाता है, अतः इस दौरान कोई भी नया व्यवसाय, महत्वपूर्ण अनुबंध या मांगलिक कार्य शुरू करने से बचना चाहिए।)
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यमगंड (Yamaganda): प्रातः 07:07 AM से सुबह 08:51 AM तक।
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गुलिक काल (Gulika Kaal): सुबह 10:35 AM से दोपहर 12:19 PM तक।
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अभिजीत मुहूर्त (Abhijeet Muhurat): दोपहर 11:45 AM से दोपहर 12:30 PM तक। (यह समय किसी भी नए या महत्वपूर्ण कार्य को गति देने के लिए सर्वश्रेष्ठ और अत्यंत फलदायी माना जाता है।)
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विजय एवं गोधूलि मुहूर्त: सायं काल की अवधि में धार्मिक और व्यावसायिक कार्यों के लिए यह मुहूर्त उत्तम रहेंगे।
धार्मिक महत्व, विभुवन संकष्टी और विशेष उपाय
आज के दिन विभुवन संकष्टी का आंशिक प्रभाव देखने को मिल रहा है। बुधवार का दिन होने के कारण यदि आपकी कुंडली में बुध ग्रह कमजोर है या कार्यों में बार-बार रुकावटें आ रही हैं, तो आज के दिन निम्नलिखित उपाय किए जा सकते हैं:
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गणेश आराधना: आज प्रातः काल स्नान के बाद भगवान गणेश को दूर्वा (हरी घास) अर्पित करें और मोदक अथवा बेसन के लड्डुओं का भोग लगाएं। पूजा के दौरान 'ॐ गं गणपतये नमः' मंत्र का कम से कम 108 बार जाप करें। इससे मानसिक तनाव दूर होता है और निर्णय क्षमता मजबूत होती है।
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दान कार्य: बुधवार के दिन हरी वस्तुओं जैसे हरी मूंग की दाल, पालक, या हरे वस्त्रों का जरूरतमंदों को दान करना व्यापार और शिक्षा के क्षेत्र में उन्नति दिलाता है।
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महत्वपूर्ण सलाह: आज के दिन यात्रा करते समय जल्दबाजी से बचें और राहुकाल की अवधि में बड़े वित्तीय लेनदेन करने से परहेज करें।
ध्यान दें: पृथ्वी की घूर्णन गति और भौगोलिक अक्षांशों के कारण दिल्ली, मुंबई, कोलकाता, चेन्नई और बेंगलुरु जैसे विभिन्न शहरों में सूर्योदय, सूर्यास्त और राहुकाल के सटीक समय में कुछ मिनटों का अंतर आ सकता है। स्थानीय शुद्धता के लिए अपने क्षेत्र के विश्वसनीय पंचांग का मिलान अवश्य करें।
Disclaimer (अस्वीकरण):
यह पंचांग लेख केवल सामान्य धार्मिक, सांस्कृतिक और ज्योतिषीय सूचनात्मक उद्देश्यों के लिए तैयार किया गया है। इसमें समाहित समय और मुहूर्त की गणना पारंपरिक पंचांगों और खगोलीय सूत्रों पर आधारित है। किसी भी प्रकार के विशेष धार्मिक अनुष्ठान, मांगलिक कार्य, या बड़े निवेश का निर्णय लेने से पहले कृपया अपने स्थानीय प्रतिष्ठित पंडित, ज्योतिषाचार्य या प्रामाणिक विद्वान से परामर्श अवश्य लें। हम इस जानकारी के उपयोग से होने वाले किसी भी प्रत्यक्ष या परोक्ष परिणाम के प्रति उत्तरदायी नहीं हैं।
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