Aaj Ka Panchang (4 जून 2026): आज संकष्टी चतुर्थी पर बन रहा है विशेष योग, जानिए पूजा का शुभ मुहूर्त और राहुकाल
नई दिल्ली: हिन्दू पंचांग (Hindu Calendar) के अनुसार, आज 4 जून 2026, दिन गुरुवार को विक्रम संवत् 2083 के ज्येष्ठ (अधिक) मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि है। आज का दिन सनातन धर्म में बेहद खास माना जाता है, क्योंकि आज संकष्टी चतुर्थी (Sankashti Chaturthi) का पावन व्रत है। यह दिन विघ्नहर्ता भगवान श्री गणेश की आराधना के लिए समर्पित है। मान्यता है कि आज के दिन सच्चे मन से गजानन की पूजा-अर्चना करने और व्रत रखने से जीवन के सभी बड़े संकट दूर हो जाते हैं।
आइए जानते हैं आज का विस्तृत पंचांग, जिसमें सूर्योदय-सूर्यास्त का समय, शुभ-अशुभ मुहूर्त और आज के विशेष ज्योतिषीय उपाय शामिल हैं।
सूर्य और चंद्रमा की स्थिति (Sunrise & Moonrise Timing)
किसी भी शुभ कार्य की शुरुआत या व्रत का पारण सूर्य और चंद्रमा के उदय व अस्त होने के समय पर निर्भर करता है। दिल्ली के समयानुसार आज की स्थिति इस प्रकार है:
| विवरण | समय (लगभग) |
| सूर्योदय (Sunrise) | सुबह 05:24 बजे |
| सूर्यास्त (Sunset) | शाम 07:17 बजे |
| चंद्रोदय (Moonrise) | रात 10:33 बजे |
| चंद्रास्त (Moonset) | सुबह 09:35 बजे |
आज के पंचांग के 5 प्रमुख तत्व (Key Elements of Panchang)
पंचांग मुख्य रूप से पांच अंगों (तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण) से मिलकर बनता है। आज की ग्रहीय स्थिति नीचे दी गई है:
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तिथि: कृष्ण पक्ष की चतुर्थी (रात 11:30 बजे तक), इसके उपरांत पंचमी तिथि आरंभ होगी।
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नक्षत्र: उत्तराषाढ़ा नक्षत्र (सुबह तक), इसके पश्चात श्रवण नक्षत्र लगेगा।
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योग: ब्रह्म योग (रात तक), फिर इंद्र योग की शुरुआत होगी।
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करण: बालव (दिन के प्रथम भाग में), उसके बाद कौलव करण।
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राशि गोचर: सूर्य वृषभ राशि में विराजमान हैं, जबकि चंद्रमा धनु राशि से निकलकर मकर राशि में गोचर कर रहे हैं।
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संवत्सर व ऋतु: विक्रम संवत् 2083 (सिद्धार्थी नाम संवत्सर), ग्रीष्म ऋतु (उत्तरायण)।
शुभ मुहूर्त (Auspicious Timings)
नए कार्य, लेन-देन या पूजा-पाठ शुरू करने के लिए इन शुभ मुहूर्तों का ध्यान रखना अत्यंत लाभकारी होता है:
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अभिजीत मुहूर्त: दोपहर 11:45 से 12:35 बजे तक (यह दिन का सबसे शुभ समय माना जाता है)।
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विजय मुहूर्त: दोपहर 02:00 से 03:00 बजे तक (सफलता प्राप्ति के लिए उत्तम)।
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गोधूलि मुहूर्त: सूर्यास्त से ठीक 24 मिनट पूर्व का समय।
अशुभ समय (Inauspicious Timings)
ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, कुछ विशेष समय अवधि में मांगलिक कार्य या नई शुरुआत करने से बचना चाहिए:
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राहुकाल: दोपहर 01:30 से 03:00 बजे तक (इस दौरान कोई भी नया कार्य आरंभ न करें)।
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यमगंड: सुबह 06:00 से 07:30 बजे तक।
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गुलिक काल: दोपहर 03:00 से 04:30 बजे तक।
आज के विशेष उपाय और सुझाव (Remedies & Tips)
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गणेश आराधना: संकष्टी चतुर्थी होने के कारण आज भगवान गणेश को मोदक और ताजी दूर्वा घास अवश्य अर्पित करें। पूजा के दौरान "ॐ गं गणपतये नमः" मंत्र का 108 बार जाप करना अत्यंत फलदायी रहेगा।
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नई शुरुआत: उत्तराषाढ़ा और श्रवण नक्षत्र के साथ ब्रह्म योग का संयोग बन रहा है, जो किसी भी नए वैधानिक या व्यापारिक कार्य को शुरू करने के लिए उत्तम है।
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स्वास्थ्य व दिनचर्या: ग्रीष्म ऋतु का प्रभाव तेज है। ऐसे में शीतल, सात्विक और सुपाच्य भोजन ग्रहण करें। शरीर को हाइड्रेटेड रखें।
Disclaimer (अस्वीकरण):
इस लेख में दी गई पंचांग, मुहूर्त और ज्योतिषीय जानकारियां सामान्य मान्यताओं तथा गणनाओं पर आधारित हैं। समय और मुहूर्त भौगोलिक स्थिति (लोकेशन) के अनुसार थोड़े भिन्न हो सकते हैं। किसी भी विशेष अनुष्ठान, यात्रा या महत्वपूर्ण कार्य से पहले स्थानीय पंचांग या किसी योग्य ज्योतिषाचार्य से सटीक जानकारी अवश्य प्राप्त कर लें।
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