हिंडौन सिटी: उपखंड के अंतर्गत आने वाली ग्राम पंचायत खेड़ी हैवत के अक्खे का पुरा गांव में इन दिनों बुनियादी समस्याओं को लेकर ग्रामीणों का गुस्सा सातवें आसमान पर है। गांव में रास्तों पर जलभराव, तलाई की भीषण गंदगी और खेतों को जाने वाले मुख्य रास्ते पर अवैध अतिक्रमण से आम जनता और स्कूली बच्चों का जीना मुहाल हो गया है।
इन सभी गंभीर समस्याओं के स्थायी समाधान की मांग को लेकर आज (13 जुलाई) बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने एकजुट होकर प्रदर्शन किया। इसके बाद ग्रामीणों के एक प्रतिनिधिमंडल ने उपखंड अधिकारी (SDO) हिंडौन सिटी को एक लिखित ज्ञापन सौंपकर मामले में तुरंत कानूनी और प्रशासनिक कार्रवाई करने की मांग की।
तलाई की गंदगी से महामारी का खतरा, स्कूल के पास जलभराव
उपखंड अधिकारी को सौंपे गए शिकायती पत्र में ग्रामीणों ने बताया कि गांव के ठीक बीच में स्थित तलाई (तालाब) लंबे समय से सफाई न होने के कारण सड़ांध और कचरे का ढेर बन चुकी है। तलाई से उठने वाली भयंकर दुर्गंध के कारण रिहायशी इलाकों के लोगों का घरों में बैठना और सांस लेना भी मुश्किल हो गया है। रुके हुए गंदे पानी में बड़े पैमाने पर जहरीले कीड़े और मच्छर पनप रहे हैं, जिससे गांव में संक्रामक बीमारियां फैलने का डर बना हुआ है।
इसके साथ ही, गांव का राजकीय प्राथमिक विद्यालय भी इस प्रशासनिक लापरवाही का शिकार हो रहा है। स्कूल के मुख्य द्वार और आसपास के रास्तों पर भारी मात्रा में पानी जमा है। निकासी की नालियां पूरी तरह से चोक (अवरुद्ध) हो चुकी हैं, जिसके कारण नालियों का कीचड़युक्त पानी सड़कों पर बह रहा है। इस वजह से छोटे-छोटे स्कूली बच्चों को स्कूल आने-जाने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
20 फीट चौड़े रास्ते पर अतिक्रमण और अंबेडकर प्रतिमा की बदहाली
ग्रामीणों ने अपनी शिकायत में प्रमुखता से खेतों की तरफ जाने वाले 20 फीट चौड़े मुख्य सार्वजनिक रास्ते का मुद्दा भी उठाया। उनका आरोप है कि कुछ लोगों द्वारा इस सरकारी रास्ते पर अवैध रूप से कब्जा कर लिया गया है, जिससे किसानों का आवागमन और कृषि वाहनों का आना-जाना पूरी तरह ठप पड़ा है। इसके अतिरिक्त, स्कूल परिसर में स्थापित संविधान निर्माता बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा के आसपास भी गंदगी का अंबार लगा है और रखरखाव का कोई ध्यान नहीं रखा जा रहा है, जिससे स्थानीय लोगों में गहरा असंतोष है।
प्रशासन को दी उग्र आंदोलन की चेतावनी
ज्ञापन सौंपने के दौरान मौजूद कांग्रेस के प्रदेश सचिव रिंकू खेड़ी हैवत ने प्रशासनिक अधिकारियों को चेताया कि जनता की इन बुनियादी समस्याओं को गंभीरता से लिया जाए। उन्होंने कहा कि यदि खेतों को जोड़ने वाले 20 फीट चौड़े रास्ते से तुरंत अतिक्रमण नहीं हटाया गया और जलभराव व तलाई की सफाई नहीं की गई, तो ग्रामीण सड़कों पर उतरकर उग्र आंदोलन करने के लिए मजबूर होंगे।
निष्कर्ष:
अक्खे का पुरा गांव के लोगों द्वारा उठाया गया यह कदम ग्रामीण इलाकों में बुनियादी सुविधाओं की बदहाली को उजागर करता है। स्कूल के पास जलभराव और सार्वजनिक रास्ते पर अतिक्रमण जैसे संवेदनशील मुद्दों पर यदि हिंडौन सिटी प्रशासन समय रहते त्वरित कदम नहीं उठाता है, तो आने वाले दिनों में ग्रामीणों का यह आक्रोश एक बड़े आंदोलन का रूप ले सकता है। इस अवसर पर धारासिंह, प्रताप सिंह, गौरव, प्रेमसिंह, महाराज सिंह जाटव, स्थानीय स्कूल के संस्थाप्रधान, रामदेव, सुशील और प्रवीण सहित भारी संख्या में ग्रामीण मौजूद थे।