11 जुलाई 2026 का मौसम पूर्वानुमान: यूपी-बिहार में मूसलाधार बारिश का अलर्ट, दिल्ली में उमस और राजस्थान में कमजोर पड़ेगा मानसून
भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के नवीनतम पूर्वानुमान के अनुसार, दक्षिण-पश्चिम मानसून पूरे देश को कवर कर चुका है। हालांकि, जुलाई के महीने में देश के कुछ हिस्सों में मानसून की रफ्तार थोड़ी धीमी पड़ती दिख रही है। मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक, जुलाई में देश भर में कुल वर्षा सामान्य से थोड़ी कम (दीर्घकालिक औसत का लगभग 94%) रहने का अनुमान है। आज 11 जुलाई 2026 (शनिवार) को देश के कुछ राज्यों में भारी बारिश का दौर जारी रहेगा, तो वहीं कुछ इलाकों में उमस भरी गर्मी लोगों को परेशान कर सकती है।
आइए जानते हैं आज देशभर के विभिन्न क्षेत्रों में मौसम का हाल कैसा रहेगा।
उत्तर भारत: यूपी में भारी बारिश की चेतावनी, दिल्ली-NCR में उमस
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उत्तर प्रदेश: राज्य के मौसम में बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है। लखनऊ, कानपुर और वाराणसी सहित कई जिलों में मौसम विभाग ने भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। इस दौरान आंधी-तूफान के साथ मूसलाधार बारिश होने की प्रबल संभावना है।
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दिल्ली-NCR, पंजाब और हरियाणा: इन क्षेत्रों में आज आंशिक रूप से बादल छाए रहेंगे। हल्की से मध्यम स्तर की छिटपुट बारिश या बौछारें पड़ने की उम्मीद है, जिससे तापमान 34 से 36°C के बीच रहेगा। बारिश से थोड़ी राहत तो मिलेगी, लेकिन हवा में नमी के कारण उमस काफी बढ़ जाएगी।
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हिमाचल और उत्तराखंड: पहाड़ी राज्यों में मानसून की सक्रियता के चलते भारी बारिश का सिलसिला जारी है। पर्वतीय इलाकों में भूस्खलन (Landslide) का खतरा बना हुआ है, जिससे तापमान में गिरावट दर्ज की जाएगी।
पश्चिम भारत: राजस्थान और गुजरात में कमजोर पड़ता मानसून
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राजस्थान: हालांकि मानसून पूरे प्रदेश में पहुंच चुका है, लेकिन आज से इसके कमजोर पड़ने के आसार हैं। जयपुर, कोटा और भरतपुर में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है, जबकि जोधपुर और बीकानेर जैसे पश्चिमी हिस्सों में केवल छिटपुट बौछारें ही गिरेंगी। आगामी दिनों में पश्चिमी राजस्थान में मौसम शुष्क होने की संभावना है।
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महाराष्ट्र और गुजरात: पश्चिमी तटीय इलाकों में भारी बारिश की गतिविधियों में थोड़ी कमी आने की उम्मीद है। मुंबई और उसके आसपास के इलाकों में आज मध्यम दर्जे की बारिश हो सकती है, जिससे जनजीवन सामान्य बना रहेगा।
पूर्वी और पूर्वोत्तर भारत: बाढ़ जैसी स्थिति और भारी बारिश का संकट
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बिहार, झारखंड और पश्चिम बंगाल: पूर्वी भारत में मानसून पूरी तरह मेहरबान है। इन राज्यों के साथ-साथ ओडिशा में मूसलाधार बारिश का दौर जारी रहेगा। कुछ निचले इलाकों में भारी बारिश के कारण बाढ़ और जलभराव जैसी गंभीर स्थिति उत्पन्न हो सकती है।
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पूर्वोत्तर भारत (असम और मेघालय): पूर्वोत्तर के राज्यों में मौसम विभाग ने भारी से बहुत भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। लगातार हो रही बारिश से नदियों का जलस्तर बढ़ सकता है।
मध्य और दक्षिण भारत: एमपी में अच्छी बारिश, दक्षिण में मौसम शुष्क
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मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़: मध्य और पूर्वी मध्य प्रदेश सहित छत्तीसगढ़ के अधिकांश हिस्सों में अच्छी मानसून की फुहारें पड़ेंगी। हालांकि, दिन के समय उमस का प्रभाव भी देखने को मिलेगा।
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दक्षिण भारत: केरल, कर्नाटक, तमिलनाड, आंध्र प्रदेश और तेलंगाना में मानसून की रफ्तार काफी धीमी हो गई है। अधिकांश इलाकों में मौसम मुख्य रूप से शुष्क रहेगा और छिटपुट बारिश ही देखने को मिलेगी, जिससे तापमान बढ़ने के कारण गर्मी और उमस का अहसास ज्यादा होगा।
राष्ट्रीय स्तर पर चेतावनी और जरूरी सलाह
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यातायात पर असर: भारी बारिश और मूसलाधार बौछारों वाले क्षेत्रों में जलभराव के कारण सड़क और रेल यातायात प्रभावित होने की आशंका है।
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पहाड़ी यात्राओं से बचें: हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड जैसे पहाड़ी क्षेत्रों की यात्रा करने वाले लोग बेहद सतर्क रहें और भूस्खलन संभावित क्षेत्रों में जाने से बचें।
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किसानों के लिए विशेष निर्देश: उत्तर प्रदेश और पूर्वी भारत के किसान भाई भारी बारिश को देखते हुए खेतों में जल निकासी (Water Drainage) की उचित व्यवस्था करें ताकि खरीफ फसलों को नुकसान न पहुंचे।
Disclaimer (अस्वीकरण): इस लेख में प्रस्तुत मौसम संबंधी जानकारी और पूर्वानुमान भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) की आधिकारिक रिपोर्ट्स और सामान्य मौसमी गणनाओं पर आधारित है। मौसम एक अत्यंत परिवर्तनशील कारक है, जिसमें स्थानीय परिस्थितियों के अनुसार अचानक बदलाव संभव है। किसी भी यात्रा या कृषि संबंधी महत्वपूर्ण निर्णय को लेने से पहले कृपया IMD की आधिकारिक वेबसाइट (mausam.imd.gov.in) पर जाकर अपने शहर का लाइव अपडेट अवश्य चेक करें।