कोटा में महिला सुरक्षा का शंखनाद: ‘महिला सुरक्षा संकल्प समारोह’ में 4500 महिलाओं ने सीखी आत्मरक्षा, लिया नशामुक्त भारत का संकल्प

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कोटा: शिक्षा नगरी के रूप में विश्वविख्यात कोटा शहर में बालिकाओं और महिलाओं की सुरक्षा, सम्मान और उनकी गरिमा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए कोटा शहर पुलिस ने एक ऐतिहासिक कदम उठाया है। महानिदेशक पुलिस (राजस्थान) श्री राजीव कुमार शर्मा के कड़े और स्पष्ट निर्देशों की अनुपालना में इस पूरे जुलाई माह को ‘महिला सुरक्षा संकल्प अभियान’ के रूप में मनाया जा रहा है। इसी महत्वपूर्ण कड़ी में बुधवार को कोटा के कुन्हाड़ी स्थित लैंडमार्क सिटी के एलन कोचिंग के ‘सद्‌गुण ऑडिटोरियम’ में एक विशाल और भव्य ‘महिला संवाद एवं महिला सम्मान समारोह’ का आयोजन किया गया। इस महा-आयोजन ने न केवल आधी आबादी के आत्मविश्वास को बढ़ाया, बल्कि समाज में एक कड़ा और सकारात्मक सुरक्षा का संदेश भी दिया है।

विशाल जनभागीदारी: 4500 से अधिक महिलाओं ने भरी हुंकार

इस वृहद और सफल आयोजन के बारे में जानकारी देते हुए कोटा शहर की पुलिस अधीक्षक (एसपी) तेजस्वनी गौतम ने बताया कि समाज के हर तबके से महिलाओं ने इस कार्यक्रम में अपनी सशक्त उपस्थिति दर्ज कराई। इस महा-समागम में कोटा शहर की कर्मठ ‘सुरक्षा सखियां’, महिला सीएलजी (CLG) सदस्य, जमीनी स्तर पर काम करने वाली आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, राजीविका, राष्ट्रीय सेवा योजना (NSS) व नेशनल कैडेट कोर (NCC) की कैडेट्स, विभिन्न गैर-सरकारी संगठनों (NGOs) की प्रतिनिधि, एएनएम, जीएनएम, आशा सहयोगिनी, गृहणियां, महिला छात्रावासों की वार्डन, शहर के विभिन्न स्कूल-कॉलेजों की प्राचार्या व शिक्षिकाएं और एलन कोचिंग की छात्राओं सहित लगभग 4500 महिलाओं ने पूरे उत्साह के साथ हिस्सा लिया। इतनी बड़ी संख्या में महिलाओं का एक साथ आना कोटा पुलिस के प्रति उनके विश्वास को दर्शाता है।

डिजिटल सुरक्षा और ‘कालिका’ यूनिट का लाइव डेमो

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए एसपी तेजस्वनी गौतम ने जमीनी हकीकत और डिजिटल दुनिया, दोनों स्तरों पर महिला सुरक्षा को पुख्ता करने के लिए कोटा पुलिस द्वारा किए जा रहे नवीन प्रयोगों (Nawachar) पर विस्तार से प्रकाश डाला। महिलाओं को आपातकालीन स्थिति में तुरंत सुरक्षा कवच प्रदान करने वाले विभिन्न डिजिटल और जमीनी माध्यमों के बारे में जागरूक किया गया। इनमें प्रमुख रूप से ‘राजकॉप सिटीजन ऐप’ (RajCop Citizen App), ‘कालिका पेट्रोलिंग यूनिट’, ‘स्टूडेंट हेल्पलाइन’, ‘गरिमा हेल्पलाइन’ और ‘KSOS’ (कोटा स्पेशल ऑपरेशंस ग्रुप) जैसी महत्वपूर्ण सेवाएं शामिल हैं।

समारोह का मुख्य आकर्षण महिलाओं में आत्म-जागरूकता बढ़ाना और उन्हें किसी भी अप्रिय स्थिति का डटकर सामना करने के लिए मानसिक व शारीरिक रूप से तैयार करना था। ऑडिटोरियम में खचाखच भरी हजारों महिलाओं के सामने ‘कालिका पेट्रोलिंग यूनिट’ की महिला कमांडोज और जांबाजों ने मंच से आत्मरक्षा (Self-Defense) का लाइव डेमो दिया। उन्होंने ऐसे व्यावहारिक और प्रभावी गुर सिखाए जो मुसीबत के समय किसी भी महिला की जान और सम्मान की रक्षा कर सकते हैं।

‘ऑपरेशन गरुड़व्यूह-2’ और नशामुक्त समाज की शपथ

महिला सुरक्षा के साथ-साथ समाज को खोखला कर रहे नशे के खिलाफ भी कोटा पुलिस पूरी तरह से मुस्तैद है। युवाओं और समाज को नशे के खतरनाक जाल से बचाने के लिए चलाए जा रहे विशेष अभियान ‘ऑपरेशन गरुड़व्यूह-2’ के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। इस अवसर पर ऑडिटोरियम में मौजूद सभी 4500 प्रतिभागियों ने एक स्वर में देश और समाज को पूरी तरह से नशामुक्त बनाने की सामूहिक शपथ ली। यह पहल कोटा जैसे छात्र-बहुल शहर के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है।

उत्कृष्ट कार्य करने वाली नारी शक्तियों और पुलिस इकाइयों का हुआ भव्य सम्मान

समारोह का एक बेहद भावुक और प्रेरणादायी पल वह था जब समाज के विभिन्न क्षेत्रों में निस्वार्थ भाव से उत्कृष्ट कार्य करने वाली महिलाओं और पुलिस टीमों को मंच से सम्मानित किया गया।

  • शिक्षा एवं समाज सेवा: रीना कुमारी, डॉ. रिंकी (महिला व्याख्याता), किरण सिकरवार, अनीता जैन (महिला प्राचार्या), गौरी सेठी, सुरक्षासखी पूजा शर्मा, नेहा प्रदान, जरीना खान और ज्योति सुवालका को उनके अमूल्य योगदान के लिए नवाजा गया।

  • स्वास्थ्य एवं जमीनी सेवाएं: एएनएम आरती प्रजापत व शीतल कुमारी, एनसीसी से दिव्या प्रजापति व इकरा परवेज, एनएसएस से चित्रांशा व कावेरी, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता रचना व तृप्ति गौतम तथा आशा सहयोगिनी ममता व नगेंद्र बाला को सम्मानित किया गया।

  • कानून व्यवस्था (पुलिस): सुरक्षा व्यवस्था में मुस्तैदी से तैनात महिला पुलिस कर्मी रेणू, कविता, हरीकंवर, हेमकला, विमला, कविता और सोनिया को भी उनकी कर्तव्यनिष्ठा के लिए सम्मान मिला।

विशिष्ट पुलिस इकाइयों का विशेष सम्मान

कोटा शहर में बेहतरीन और परिणाममूलक कार्य करने वाली विशिष्ट पुलिस इकाइयों की भी पीठ थपथपाई गई। विशेष रूप से 40 गुमशुदा नाबालिग बच्चों और 108 बालिग व्यक्तियों को सकुशल उनके परिवारों तक पहुंचाने वाली ‘मानव तस्करी विरोधी यूनिट कोटा’ (AHTU), ‘स्टूडेंट सेल कोटा’ और ‘महिला अपराध अनुसंधान सेल’ को उनके उत्कृष्ट और संवेदनशील सेवा कार्यों के लिए सम्मानित किया गया।

सोशल मीडिया पर गूंजी सशक्तिकरण की आवाज

इस पूरे गौरवमयी और ऐतिहासिक कार्यक्रम का कुशल संचालन अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (महिला अपराध अनुसंधान सेल, कोटा शहर) द्वारा किया गया। आम जनमानस और जो लोग कार्यक्रम में उपस्थित नहीं हो सके, उनकी भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए सोशल मीडिया सेल कोटा के सहायक उप-निरीक्षक रफ़ीक मोहम्मद द्वारा संपूर्ण प्रोग्राम का फेसबुक पर सीधा प्रसारण (Live Streaming) किया गया। इस डिजिटल पहल के जरिए हजारों लोगों ने घर बैठे इस कार्यक्रम को देखा और सराहा।

कोटा शहर पुलिस ने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि वह महिलाओं के अधिकारों और उनकी सुरक्षा के प्रति कटिबद्ध है। इससे पूर्व 1 जुलाई को भी पुलिस द्वारा आत्मरक्षा का प्रशिक्षण प्राप्त प्रतिभागियों के साथ एक सफल ऑनलाइन संवाद किया गया था। पुलिस का स्पष्ट संदेश है कि हर महिला और बालिका की सुरक्षा और उन तक सीधी पहुंच बनाए रखना ही उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता है।

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