जयपुर, 6 जुलाई: राजस्थान पुलिस ने पिछले 6 महीनों में अपराध नियंत्रण, कानून-व्यवस्था और तकनीक आधारित ‘स्मार्ट पुलिसिंग’ के क्षेत्र में बड़ी सफलताएं हासिल की हैं। प्रदेश में गंभीर अपराधों में उल्लेखनीय कमी आई है, पेपर लीक पर सख्त रोक लगी है और नशा तस्करों के खिलाफ आक्रामक कार्रवाई की गई है। महानिदेशक पुलिस (डीजीपी) श्री राजीव कुमार शर्मा ने सोमवार को राजस्थान पुलिस अकादमी (RPA) में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में पुलिस की इन उपलब्धियों का विस्तृत रिपोर्ट कार्ड पेश किया। साथ ही, उन्होंने स्पष्ट किया कि पुलिस अब केवल अपराध होने के बाद कार्रवाई नहीं करेगी, बल्कि अपराधियों की आर्थिक कमर तोड़ने और अपराध की रोकथाम पर पूरा फोकस रखेगी।
इस खबर की मुख्य बातें:
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अपराधों में गिरावट: बीएनएस (BNS) के तहत दर्ज मामलों में 4.65% की समग्र कमी आई है, जबकि डकैती और पॉक्सो के मामलों में भारी गिरावट दर्ज की गई।
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संपत्ति की बरामदगी में रिकॉर्ड उछाल: लूट के मामलों में माल बरामदगी 79.09% और नकबजनी में 58.24% तक पहुंच गई है।
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ड्रग माफिया पर प्रहार: एनडीपीएस एक्ट के तहत रिकॉर्ड 29.94% अधिक मामले दर्ज किए गए; तस्करों की करोड़ों की संपत्तियां कुर्क की गईं।
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भविष्य की रणनीति: विदेशी जमीन पर बैठे अपराधियों का प्रत्यर्पण होगा और गैंगस्टर्स की अवैध संपत्तियों को कुर्क करने का अभियान तेज किया जाएगा।
गंभीर अपराधों के ग्राफ में आई भारी गिरावट
डीजीपी राजीव कुमार शर्मा ने आंकड़ों के हवाले से बताया कि पुलिस की ‘प्रो-एक्टिव पुलिसिंग’ के चलते 2025 की पहली छमाही की तुलना में 2026 में दर्ज कुल अपराधों में 4.65 प्रतिशत की कमी आई है। जहां पिछले साल इस अवधि में 99,272 मामले दर्ज हुए थे, वहीं इस वर्ष यह आंकड़ा 94,652 रह गया है। इसके अलावा:
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डकैती में 16.28%
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लूट की वारदातों में 19.93%
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पॉक्सो (POCSO) एक्ट के मुकदमों में 20.90%
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हत्या के प्रयास में 11.17%
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महिलाओं से दुष्कर्म के मामलों में 13.36% की बड़ी गिरावट दर्ज की गई है।
संपत्ति बरामदगी और त्वरित न्याय में पुलिस का शानदार प्रदर्शन
संपत्ति संबंधी अपराधों में पुलिस की रिकवरी दर ने ऐतिहासिक छलांग लगाई है। लूट के मामलों में पुलिस ने करीब 79% और नकबजनी में 58.24% माल बरामद कर पीड़ितों को बड़ी राहत दी है। त्वरित न्याय सुनिश्चित करने के लिए अनुसंधान (Investigation) का औसत समय भी काफी कम हुआ है। पॉक्सो मामलों में जांच का समय 78.2 दिन से घटकर 51.2 दिन और रेप के मामलों में 81 दिन से घटकर 52 दिन रह गया है।
साइबर अपराधियों और मादक तस्करों पर कसा शिकंजा
साइबर अपराधों पर लगाम कसने के लिए प्रदेश के सभी 41 पुलिस जिलों में साइबर थाने स्थापित किए जा चुके हैं। ‘ऑपरेशन एंटी वायरस’ और ‘म्यूल हंटर’ जैसे अभियानों के जरिए करोड़ों रुपये की धोखाधड़ी राशि फ्रीज कर पीड़ितों को लौटाई गई है। इसके अलावा 1.25 लाख से अधिक फर्जी सिम ब्लॉक किए गए हैं और 61 हजार से ज्यादा गुमशुदा मोबाइल उनके मालिकों को लौटाए गए हैं।
नशा तस्करों की कमर तोड़ने के लिए पुलिस ने 55 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्तियों पर ध्वस्तीकरण या कुर्की की कार्रवाई की है।
भविष्य का रोडमैप: विदेशों से लाए जाएंगे गैंगस्टर
आगामी रणनीति का खुलासा करते हुए डीजीपी ने कहा कि बड़े ड्रग तस्करों और फायरिंग कर फिरौती मांगने वाले गैंगस्टर्स को बख्शा नहीं जाएगा। एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स (ANTF) और एंटी गैंगस्टर टास्क फोर्स (AGTF) के माध्यम से ऐसे अपराधियों की संपत्तियां बड़े पैमाने पर कुर्क की जाएंगी। जरूरत पड़ने पर विदेशों में पनाह लिए बैठे अपराधियों को भी भारत प्रत्यर्पित (Extradite) करवाया जाएगा।
प्रेस कॉन्फ्रेंस में पुलिस के कैडर पुनर्गठन की भी जानकारी दी गई, जिससे चालक, घुड़सवार और बैंड शाखाओं के 403 पुलिसकर्मियों के लिए पदोन्नति का रास्ता साफ हो गया है। इस अवसर पर एडीजी (ANTF व ATS) श्री दिनेश एमएन, डीजी (प्रशिक्षण) श्री अनिल पालीवाल और पुलिस मुख्यालय के कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।